भारत, ऑस्ट्रेलिया के बीच विश्वास मुक्त, खुला हिंद महासागर सुनिश्चित करने में मदद कर रहा: जयशंकर

नयी दिल्ली. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि इस जटिल विश्व में भारत और आस्ट्रेलिया जैसे समान विचारधारा वाले साझेदारों के बीच यह विश्वास ही है जो नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के साथ मुक्त, खुला, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने की कोशिशों में मदद कर रहा.

‘आस्ट्रेलिया-भारत नेतृत्व संवाद’ (एआईएलडी) के छठे संस्करण में, अपने ‘वर्चुअल’ संबोधन में जयशंकर ने कहा कि संबंधों की प्रेरक शक्ति विचारों का समन्वय, और भू-रणनीतिक माहौल, विशेष रूप से साझा हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति रुख है. उन्होंने उल्लेख किया कि वार्ता ने अपनी एक ‘विषय’ के रूप में ‘ब्रिजेज ऑफ भरोसा’ शब्दावली का इस्तेमाल किया है.

जयशंकर ने कहा, ”इस जटिल विश्व में, भारत और आस्ट्रेलिया जैसे समान विचारधारा वाले देशों के बीच यह भरोसा ही है जो हमें नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के साथ मुक्त, खुला, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने की हमारी कोशिशों में मदद कर रहा है.” हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिशों के बीच उनकी यह टिप्पणी आई है.

जयशंकर ने कहा कि मजबूत लोकतंत्रों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था के रूप में भारत और आस्ट्रेलिया व्यावहारिक, प्रगतिशील और सतत एजेंडा पर सहयोग के जरिये महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह उन्हें वैश्विक कल्याण के लिए काम करने वाला देश बना रहा है.

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और आस्ट्रेलिया के बीच गहरी मित्रता है और यह वर्ष हमारी दोस्ती के लिए महत्वपूर्ण रहा है.
जयशंकर ने कहा, ”हमने कई चीजें पहली बार देखी हैं: नेताओं का पहला वार्षिक शिखर सम्मेलन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री की भारत की दो यात्राएं, जो पहली बार हुईं. हमारे आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ईसीटीए) का लागू होना, रिकॉर्ड मात्रा में द्विपक्षीय व्यापार, सिडनी में लिटिल इंडिया की स्थापना, बेंगलुरु और ब्रिस्बेन में नये महावाणिज्य दूतावास, अधिक गंतव्यों के लिए उड़ानें, भारत में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय परिसरों की स्थापना आदि.”

उन्होंने कहा, ”दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच सात बैठकें हुई हैं.” जयशंकर ने कहा, ”यहां तक कि क्रिकेट के हमारे संबंध और भी मजबूत हुए हैं, भले ही (मैचों में) भारत को उतनी सफलता नहीं मिली. अब तक के पहले और इस साल बेहद सफल महिला आईपीएल में इतनी सारी ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों को भाग लेते देखना शानदार था, जिनमें से कुछ आईपीएल टीमों की कप्तान भी रहीं.” आस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भी एआईएलडी के छठे संस्करण को डिजिटिल माध्यम से संबोधित किया.

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