
नयी दिल्ली. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में ”अच्छी तरह से प्रशिक्षित कार्यबल” की आवश्यकता और बढ़ने वाली है तथा मित्र देशों को अपने यहां कार्यबल की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भारतीय प्रतिभा की ओर रुख करना चाहिए.
जयशंकर ने यहां ‘ई-माइग्रेट वी2.0’ पोर्टल और एक मोबाइल ऐप की शुरुआत करने के बाद अपने मुख्य भाषण में यह भी कहा कि सरकार भारतीय प्रवासियों से संबंधित सुरक्षित और कानूनी चैनल बनाने के प्रयासों में दृढ़ रहेगी. इस अवसर पर केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया तथा विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा भी मंच पर मौजूद थे, जबकि कई देशों के राजदूत और अन्य लोग दर्शकों के बीच उपस्थित थे.
जयशंकर ने कहा, ”ई-माइग्रेट पोर्टल का नया संस्करण एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से कहीं अधिक है. यह आशा की किरण है और विदेशी भूमि पर हमारे श्रमिकों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है.” विदेश मंत्री ने रेखांकित किया कि पोर्टल में संवर्धन नयी वास्तविकताओं और परिवर्तन को दर्शाता है.
उन्होंने कहा, ”ऐसे श्रमिकों की वैश्विक आवश्यकता है जिनके पास अपने विशेष क्षेत्रों में विशिष्ट ज्ञान है. कई कारणों से, विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में अच्छी तरह से प्रशिक्षित कार्यबल की आवश्यकता और बढ़ने वाली है.” जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार भारतीय प्रवासियों के लिए सुरक्षित और कानूनी चैनल बनाने के प्रयासों में दृढ़ रहेगी. उन्होंने कहा कि ई-माइग्रेट संस्करण 2 पोर्टल को डिजिलॉकर के साथ भी एकीकृत किया गया है और यह भी डिजिटल परिवर्तन में एक बड़ा कदम है.
जयशंकर ने कहा कि इससे प्रवासियों को कागजी प्रतियों के बिना डिजिलॉकर के माध्यम से मंजूरी प्राप्त करने के लिए विभिन्न दस्तावेज जमा करने में मदद मिलेगी, साथ ही उन्हें सुरक्षित रूप से संगृहीत किया जा सकेगा और पासपोर्ट, रोजगार अनुबंध जैसे उनके सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज वास्तव में सुरक्षित रहेंगे. विदेश मंत्री ने कहा कि आज का कार्यक्रम जीवन को आसान बनाने और जन-केंद्रित शासन को बढ़ाने के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है.
उन्होंने कहा, ”ई-माइग्रेट वी2.0 पोर्टल की शुरुआत भारतीय श्रमिकों के लिए एक सुरक्षित, अधिक पारदर्शी और समावेशी गतिशीलता बनाने के हमारे निरंतर प्रयासों का एक प्रमाण है तथा हमारे नागरिकों के कल्याण और हितों की रक्षा के हमारे प्रयासों में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.”



