
बीजापुर/रांची. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बारूदी सुरंग विस्फोट की चपेट में आने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)के दो जवान घायल हो गए हैं. पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत पिल्लूर कांडलापरती क्षेत्र में बारूदी सुरंग विस्फोट की चपेट में आने से सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के दो जवान घायल हुए हैं.
उन्होंने बताया कि रविवार को जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), एसटीएफ और सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के संयुक्त दल को फरसेगढ़-पिल्लूर कांडलापरती क्षेत्र में अभियान के लिए रवाना किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान बारूदी सुरंग में हुए विस्फोट की चपेट में आने से कोबरा बटालियन के दो जवानों को मामूली चोटें आई हैं.
उन्होंने बताया कि घटना के बाद घायल जवानों को वहां से निकाला गया और बेहतर उपचार के लिए रायपुर भेजा गया. अधिकारियों ने बताया कि दोनों जवान खतरे से बाहर हैं तथा उनकी स्थिति स्थिर है. माओवादी अक्सर बीजापुर समेत सात जिलों वाले बस्तर संभाग के अंदरूनी इलाकों में सड़क, पगडंडियों और जंगल में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए बारूदी सुरंग बिछाते हैं. इन इलाकों में पहले भी सुरक्षाबल के जवान और आम लोग नक्सलियों द्वारा बिछाए गए बारूदी सुरंग में विस्फोट होने से घायल हुए हैं.
नक्सल रोधी अभियान के दौरान घायल सीआरपीएफ जवान को हवाई मार्ग से दिल्ली पहुंचाया गया
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए सीआरपीएफ के एक जवान को बेहतर इलाज के लिए सोमवार को हवाई मार्ग से दिल्ली ले जाया गया. यह जानकारी एक अधिकारी ने दी. अधिकारी ने बताया कि रांची पुलिस ने घायल जवान को अस्पताल से हवाई अड्डे तक ले जाने के लिए एंबुलेंस के वास्ते एक खास ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाया.
संबंधित जवान कोबरा बटालियन के उन दो जवानों में से एक है, जो रविवार को सारंडा जंगल में माओवाद रोधी अभियान के दौरान अलग-अलग आईईडी विस्फोटों में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. महानिरीक्षक (अभियान) माइकल राज एस ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘आज एक जवान को हवाई मार्ग से दिल्ली ले जाया गया है. उसे एम्स में भर्ती कराया जाएगा. दूसरा जवान, जिसका रांची के एक निजी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है, उसे भी बेहतर इलाज के लिए हवाई मार्ग से दिल्ली पहुंचाया जाएगा.’’ दोनों घायल जवानों की पहचान हेड-कांस्टेबल आलोक दास और सिपाही नारायण दास के रूप में हुई है.



