दिल्ली में खालिस्तान संबंधी नारे लिखने के मामले में दो लोग गिरफ्तार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 29 Jan 2023 09:43 PM
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नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने गणतंत्र दिवस से पहले 19 जनवरी को पश्चिमी दिल्ली के इलाकों में दीवारों पर खालिस्तान संबंधी नारे लिखने के मामले में रविवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने बताया कि विकासपुरी, जनकपुरी, पश्चिम विहार, पीरागढ़ी, मीरा बाग तथा पश्चिमी दिल्ली के निकटवर्ती हिस्सों में दीवारों पर ‘‘खालिस्तान ंिजदाबाद’’, ‘‘एसएफजे’’, ‘‘1984’’, ‘‘पंजाब बनेगा खालिस्तान’’, ‘‘वोट फॉर खालिस्तान’’ और ‘‘जनमत संग्रह 2020’’ जैसे नारे लिखे हुए थे.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खालिस्तान संबंधी नारे लिखने के एक मामले में विशेष प्रकोष्ठ ने तिलक नगर निवासी विक्रम ंिसह (29) और राजस्थान के भरतपुर निवासी बलराम ंिसह (34) को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि हालांकि उन्हें इस काम के लिए 2000 रुपये दिये गये थे. अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपी दिल्ली स्थित एयरोसिटी के एक होटल में चालक के रूप में कार्यरत थे.

विशेष पुलिस आयुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) एच जी एस धालीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कि गिरफ्तार आरोपियों ने 18 और 19 जनवरी की दरमियानी रात गुप्त रूप से खालिस्तान संबंधी नारे लिखे और उसके वीडियो रिकॉर्ड किए तथा विदेशों में स्थित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के वरिष्ठ कैडर को भेजे.

उन्होंने बताया, ‘‘प्रतिबंधित आतंकवादी गुरपतवंत ंिसह पन्नून ने यूट्यूब पर नारों की जिम्मेदारी लेने और दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हमले की धमकी भरे वीडियो प्रसारित किए. इस संबंध में दिल्ली के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में कई मामले दर्ज किए गए थे.’’ धालीवाल ने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि विक्रम ंिसह का अमेरिका स्थित एसएफजे के एक वरिष्ठ कैडर गगनदीप के साथ घनिष्ठ संबंध था. उन्होंने बताया कि गगनदीप ने विक्रम ंिसह से संपर्क किया और एसएफजे के प्रमुख पन्नून का करीबी सहयोगी होने का दावा किया था.

धालीवाल ने कहा कि उसने उसे दो लाख रुपये के एवज में खालिस्तानी समर्थक नारे लिखने और भविष्य में आकर्षक आॅफर देने की बात कही. वरिष्ठ अधिकारी ने घटनाओं का क्रमवार वर्णन करते हुए कहा कि इसके बाद विक्रम ंिसह ने अपने सहयोगी बलराम से संपर्क किया और उसे कुछ दिनों की छुट्टी लेने तथा त्वरित पैसे पाने को लेकर नापाक योजना में शामिल होने के लिए मना लिया. विक्रम ने पश्चिमी दिल्ली की एक दुकान से कई रंगों के स्प्रे खरीदे.

उन्होंने कहा, ‘‘आरोपी ने गुप्त रूप से 19 जनवरी के शुरुआती घंटों के दौरान खालिस्तान समर्थक नारे लिखे और उसी के वीडियो रिकॉर्ड किये. इस नेटवर्क की पहचान की जा रही है. जांच चल रही है.’’ पुलिस के अनुसार, गणतंत्र दिवस के मद्देनजर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक व्यापक अभियान शुरू किया गया था और विशेष प्रकोष्ठ की कई टीम को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और उसके आसपास के प्रमुख संदिग्ध क्षेत्रों में तैनात किया गया था.

उन्होंने कहा कि नारे लिखने के लिए जिम्मेदार अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया गया था.
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से एक मोटरसाइकिल, एक बैग एवं कई रंगों की छह स्प्रे-पेंट की बोतलें, दो मोबाइल फोन, जूते, घटना के दिन एक आरोपी द्वारा पहनी गई जैकेट सहित कपड़े और वाहन की नंबर प्लेट को ढकने के लिए इस्तेमाल की गई एक चादर बरामद की गयी.

पुलिस ने कहा कि विशेष प्रकोष्ठ द्वारा भारतीय दंड संहिता की धाराओं- 154बी और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया.
उन्होंने कहा कि ‘सिख फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) एक प्रतिबंधित संगठन है जो खुद को लोगों की नजर में लाना और खबरों में रहना चाहता है.

अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन आदि में विदेशी नागरिकता वाले कुछ कट्टरपंथी सिखों द्वारा चलाए जा रहे संगठन एसएफजे को केंद्र सरकार द्वारा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 3(1) के प्रावधानों के तहत गैरकानूनी घोषित किया गया था.
केंद्र ने 10 जुलाई, 2019 की अपनी अधिसूचना द्वारा एसएफजे को गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया था और पांच साल के लिए यह कहते हुए उस पर प्रतिबंध लगा दिया था कि समूह का प्राथमिक उद्देश्य पंजाब में एक ‘स्वतंत्र और संप्रभु देश’ स्थापित करने का है तथा यह खुले तौर पर खालिस्तान की मांग का समर्थन करता है और इस प्रक्रिया में भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देता है.

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