उदयनिधि का बयान: कांग्रेस ने ‘सर्वधर्म समभाव’ की पैरवी की

किसी को ऐसे मामले में शामिल नहीं होना चाहिए, जिससे लोग आहत हों: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

नयी दिल्ली/कोलकाता. कांग्रेस ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता उदयनिधि स्टालिन के ‘सनातन’ से संबंधित बयान की पृष्ठभूमि में सोमवार को कहा कि हर राजनीतिक दल को अपने विचार रखने की आजादी है, लेकिन वह सर्वधर्म समभाव की विचाराधारा में विश्वास रखती है.

कांग्रेस की प्रतिक्रिया तब आई जब भाजपा ने इस मुद्दे पर उसके नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाया और विपक्षी गठबंधन पर हिंदू धर्म के खिलाफ होने का आरोप लगाया था. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि ‘इंडिया’ गठबंधन “ध्रुवीकरण की राजनीति” पर उतर रहा है.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने ‘सनातन धर्म’ की तुलना कोरोना वायरस, मलेरिया और डेंगू के बुखार से की थी और कहा था कि ऐसी चीजों का विरोध नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इन्हें नष्ट कर देना चाहिए. द्रमुक कांग्रेस का सहयोगी दल है.

उदयनिधि के बयान के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ”हमारा रुख स्पष्ट है. सर्वधर्म समभाव कांग्रेस की विचारधारा है. लेकिन आपको यह समझना होगा कि हर राजनीतिक दल को अपने विचार रखने की आजादी है. हम हर किसी की आस्था का सम्मान करते हैं.” इस मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियंक खरगे ने कहा कि कोई भी धर्म जो समान अधिकार नहीं देता है वह धर्म नहीं है और “एक बीमारी के समान है”.

खरगे का कहना था, ”कोई भी धर्म जो समानता को बढ.ावा नहीं देता है, कोई भी धर्म जो यह सुनिश्चित नहीं करता है कि आपको एक इंसान होने की गरिमा प्राप्त है, वह मेरे अनुसार धर्म नहीं है. इसलिए यह एक बीमारी के समान ही है.” कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह ने द्रमुक नेता के बयान को ”बेतुका” और ”बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया.

उन्होंने कहा, ”उदयनिधि का यह बेतुका बयान कि सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए, अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. इस देश में करोड़ों लोग कम या ज्यादा हद तक सनातन धर्म के सिद्धांतों का पालन करते हैं.” सिंह ने एक बयान में कहा, ”इसके अलावा, दुनिया में सबसे महान सनातन धर्म मंदिर तमिलनाडु में हैं…यह चौंकाने वाली बात है कि एक जिम्मेदार नेता इस तरह का पूरी तरह से अस्वीकार्य बयान देता है. मैं शानदार तमिल संस्कृति का बहुत सम्मान करता हूं, लेकिन मैं उदयनिधि के बयान पर कड़ी आपत्ति जताता हूं.” शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए उस पर अपनी राजनीति के लिए सनातन धर्म पर ”फर्जी चिंता” दिखाने का आरोप लगाया और इसे पाखंड करार दिया.

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”सनातन धर्म शाश्वत सत्य – जीवन जीने का तरीका – विवेक और अस्तित्व का प्रतीक है. सनातनियों ने लंबे समय तक आक्रमणकारियों के हमलों को झेला है जो उनकी पहचान को समाप्त करने के लिए किये गये, फिर भी वे न केवल जीवित रहे बल्कि फले-फूले भी.” प्रियंका चतुर्वेदी का कहना था, ”देश की आधारशिला, जो सनातन धर्म से जुड़ी है, सभी आस्थाओं और पहचानों के समावेश की रही है. इसके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाला कोई भी व्यक्ति इस बात से अनभिज्ञ है कि इसका क्या मतलब है.”

उन्होंने कहा, ”इसके अलावा भाजपा द्वारा अपनी राजनीति के लिए सनातन धर्म पर दिखाई गई फर्जी चिंता उनके पाखंड को उजागर करती है, जबकि वे महाराष्ट्र में अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे सनातनियों पर बेरहमी से लाठियां बरसा रहे हैं.” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सनातन धर्म पर द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों को लेकर सोमवार को विपक्ष पर निशाना साधा और सवाल किया कि इसपर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अशोक गहलोत “चुप” क्यों हैं? राजस्थान में भाजपा की परिवर्तन संकल्प यात्रा के तीसरे दौर की शुरूआत पर जैसलमेर के रामदेवरा में जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा, ”चंद्रयान तो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतर गया लेकिन ‘राहुलयान’ न तो लॉन्च हो सका और न ही लैंड हो सका.”

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता शोभा करंदलाजे ने सोमवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन से मांग की कि वह मंत्री उदयनिधि स्टालिन को सनातन धर्म के खिलाफ की गई टिप्पणी के लिए तत्काल अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें. समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने द्रमुक नेता के बयान पर कहा, ”भाजपा ‘सनातन’ शब्द की मार्केटिंग कर रही है. वे धर्म के नाम पर जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं.”

किसी को ऐसे मामले में शामिल नहीं होना चाहिए, जिससे लोग आहत हों: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता उदयनिधि स्टालिन के ‘सनातन धर्म’ के खिलाफ बयान को लेकर बढ.ते विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि किसी को भी ऐसे मामले में शामिल नहीं होना चाहिए, जिससे लोगों को ठेस पहुंच सकती हो.

बनर्जी ने यहां ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि हर धर्म से अलग-अलग भावनाएं जुड़ी होती हैं और भारत अनेकता में एकता का देश है.
उन्होंने कहा, ”मैं तमिलनाडु और दक्षिण भारत के लोगों का बहुत सम्मान करती हूं, लेकिन मेरा विनम्र अनुरोध है कि सभी का सम्मान करें, क्योंकि हर धर्म की अलग-अलग भावनाएं होती हैं. भारत एक धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक देश है. भारत अनेकता में एकता का देश है.” बनर्जी ने स्टालिन की टिप्पणी के बारे में कहा, ”उन्हें उतना अनुभव नहीं है और उन्हें इस बारे में संभवत: पता नहीं होगा.”

उन्होंने कहा, ”मुझे यह नहीं पता कि उन्होंने ये टिप्पणियां क्यों और किस आधार पर कीं. मुझे लगता है कि हर धर्म का समान रूप से सम्मान किया जाना चाहिए… मैं सनातन धर्म का सम्मान करती हूं.” बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार पुजारियों को पेंशन देती है. उन्होंने कहा, ”हमारे देश में कई मंदिर हैं. हम मंदिरों, मस्जिदों और गिरजाघरों में जाते हैं. हमें ऐसे किसी भी मामले में शामिल नहीं होना चाहिए जिससे किसी वर्ग के लोगों को ठेस पहुंचे.”

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ से घबराई सरकार, हम समय पूर्व चुनाव के लिए भी तैयार: कांग्रेस

कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि सरकार विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के गठन एवं इसकी बैठकों से पूरी तरह घबरा गई है और इसलिए वह ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ तथा समय पूर्व चुनावों के बारे में सोच रही है. पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस समय पूर्व लोकसभा चुनाव समेत किसी भी राजनीतिक परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है.

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस समय पूर्व चुनाव की स्थिति के लिए तैयार है, तो वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ”हम किसी भी चीज. के लिए तैयार हैं. आज का दौर ऐसा है कि हम कुछ भी होने की उम्मीद कर सकते हैं और इसलिए हमारी पार्टी किसी भी चीज के लिए तैयार है. वे जल्दी चुनाव चाहते हैं, इसका मतलब है कि वे ‘इंडिया’ गठबंधन के गठन और हमारी लगातार तीन बैठकों के बाद पूरी तरह से घबरा गए हैं.”

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विषय पर कहा, ”एक राष्ट्र, एक चुनाव संविधान संशोधन के बिना असंभव है. संविधान संशोधन के लिए आम सहमति की सख्त ज.रूरत होती है. ये सब बाद में देखा जाएगा. अभी तो एक समिति का गठन हुआ है. हमारा विचार बिल्कुल साफ है. कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ कहा है कि ये संघीय ढांचे पर एक भयंकर आक्रमण है और संविधान के संशोधन के बिना हम आगे नहीं बढ. सकते हैं.”

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