यूक्रेन ने रूस पर एक प्रमुख बांध को विस्फोट से उड़ाने का आरोप लगाया, बाढ़ की चेतावनी दी

कीव: यूक्रेन ने मंगलवार को रूसी बलों पर दक्षिण यूक्रेन में एक प्रमुख बांध और एक पनबिजली ऊर्जा केंद्र को विस्फोट से उड़ाने का आरोप लगाया और नाइपर नदी के तटीय इलाकों के निवासियों को निचले क्षेत्रों में बाढ़ आने की चेतावनी देते हुए सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है।

रूस की समाचार एजेंसी ‘तास’ ने सरकार के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया कि बांध पहले ही क्षतिग्रस्त था जिससे कारण वह ‘‘ध्वस्त’’ हो गया। यूक्रेन के प्राधिकारियों ने पहले आगाह किया कि बांध के टूटने से 4.8 अरब गैलन पानी बह सकता है और खेरसॉन तथा दर्जनों अन्य इलाकों में बाढ़ आ सकती है जहां हजारों लोग रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि बाढ़ की वजह से नजदीकी क्षेत्र में रूस के कब्जे वाला परमाणु ऊर्जा संयंत्र बंद हो सकता है।

राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस संकट से निपटने के लिए एक आपात बैठक बुलायी है। यूक्रेन के गृह मंत्रालय ने टेलीग्राम पर बताया कि काखोव्का बांध विस्फोट से उड़ा दिया गया है। मंत्रालय ने नदी के दाहिने किनारे पर 10 गांवों और खेरसॉन शहर के कुछ हिस्सों के निवासियों को घरेलू उपकरण बंद कर अपने जरूरी दस्तावेजों और मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की तथा भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने को कहा है।

बांध की निगरानी करने के लिए लगाए गए एक कैमरे के फुटेज में विस्फोट तथा बांध को ध्वस्त होते हुए तथा पानी का तेज बहाव देखा जा सकता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर है। खेरसॉन क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख ओलेकसांद्र प्रोकुदिन ने सुबह सात बजे के आसपास टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ‘‘रूसी सेना ने आतंकवाद के एक और कृत्य को अंजाम दिया है।’’ उन्होंने आगाह किया कि बांध को विस्फोट से उड़ा दिया गया है जिसकी वजह से पांच घंटे के भीतर पानी खतरनाक स्तर तक पहुंच जाएगा।

यूक्रेन के सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव ओलेक्सी दानिलोव ने ट्वीट किया कि राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बांध में विस्फोट के बाद परिषद की आपात बैठक बुलायी। यूक्रेन और रूस पहले भी एक-दूसरे पर बांध को निशाना बनाने का आरोप लगाते रहे हैं और पिछले साल अक्टूबर में जेलेंस्की ने आशंका जतायी थी कि रूस बाढ़ लाने के लिए बांध को निशाना बनाएगा।

यूक्रेन के पास नाइपर नदी पर बने छह में से पांच बांध का नियंत्रण है। यह नदी बेलारूस के साथ उसकी उत्तरी सीमा से लेकर काला सागर तक बहती है और देश में पेयजल और बिजली आपूर्ति के लिए काफी अहम है। काखोव्का बांध का नियंत्रण रूसी बलों के हाथ में है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button