
हांगझोउ. एक बड़े उलटफेर में स्वर्ण पदक के दावेदार शीर्ष वरीयता प्राप्त रोहन बोपन्ना और युकी भांबरी सोमवार को टेनिस पुरूष युगल में निचली रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वियों से हारकर एशियाई खेलों से बाहर हो गए.
भांबरी खेल के आखिरी हिस्से में लय हासिल करने के लिये जूझते नजर आये . उजबेकिस्तान के सर्जेइ फोमिन और खुमोयुन सुल्तानोव ने यह मुकाबला 2-6, 6-3, 10-6 से जीता .
यह हार भारतीय जोड़ी को बहुत खलेगी क्योंकि बोपन्ना युगल में शीर्ष दस खिलाड़ियों में है और भांबरी भी शीर्ष सौ में हैं जबकि उजबेक टीम शीर्ष 300 में भी नहीं है. दूसरे सेट में 3-4 स्कोर पर भांबरी ने डबलफाल्ट किया जिससे एक ब्रेक प्वाइंट गंवा दिया . बैकहैंड पर उनके कमजोर शॉट से उजबेक टीम ने बढत बना ली.
सुपर टाइब्रेकर में उजबेक टीम ने 3-0 की बढत बना ली और जल्दी ही इसे 5-1 कर लिया . बोपन्ना की र्सिवस पर शानदार र्सिवस रिटर्न के दम पर यह बढत 6-1 की हो गई . फोमिन ने बैकहैंड पर विनर लगाकर चार मैच प्वाइंट बनाये . भारतीय जोड़ी ने पहला मैच प्वाइंट बचा लिया लेकिन सुल्तानोव ने विनर लगाकर मुकाबला जीता . भारतीय कोच जीशान अली ने कहा कि बोपन्ना को मैच में भांबरी से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला.
उन्होंने कहा ,” इस स्तर पर ऐसे मैच में इतनी गलतियां नहीं कर सकते . आपको मौकों को भुनाना आना चाहिये . रोहन ने अच्छा खेला लेकिन उसे अपने साथी से सहयोग नहीं मिला जो इस सत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहा था.” बोपन्ना ने पिछले सप्ताह अपने करियर का आखिरी डेविस कप मैच खेला था. 43 साल के बोपन्ना आखिरी बार एशियाई खेलों में चुनौती पेश कर रहे है. वह 2018 में दिविज शरण के साथ पुरुष एकल का स्वर्ण जीत चुके है.
बोपन्ना ने बाद में रुतुजा भोसले के साथ मिश्रित युगल में उज्बेकिस्तान के अक्गुल अमामुराडोवा और मैक्सिम शिम की जोड़ी को शिकस्त दी. दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने 6-4, 6-2 की जीत के साथ प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की. भांबरी मिश्रित युगल में अंकिता रैना के साथ चुनौती पेश करेंगे. इस जोड़ी को शीर्ष वरीयता मिली है.
इससे पहले भारत की शीर्ष महिला एकल खिलाड़ी अंकिता ने शानदार शुरूआत करते हुए प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया जबकि रूतुजा भोसले को निचली रैंकिंग वाली अरूजान सगनडिकोवा के खिलाफ जीतने में काफी पसीना बहाना पड़ा .
रैना ने दूसरे दौर के मैच में एक भी गेम नहीं गंवाया और 51 मिनट में उजबेकिस्तान की 17 वर्ष की सबरीना ओलिमजोनोवा को 6-0, 6-0 से हराया. एकल में 198वीं रैंकिंग वाली 2018 की कांस्य पदक विजेता रैना का सामना अब हांगकांग की आदित्या पी करूणारत्ने से होगा.
वहीं भोसले की प्रतिद्वंद्वी विश्व रैंकिंग में 746वें स्थान की खिलाड़ी थी लेकिन उसे जीत के लिये काफी मशक्कत करनी पड़ी. कजाखस्तान की इस खिलाड़ी को उसने 7-6, 6-2 से हराया. पहला सेट करीब सवा घंटे तक चला और 336वीं रैंकिंग वाली भोसले को जीत के लिये जूझना पड़ा.
अब उनका सामना चौथी वरीयता प्राप्त फिलीपींस की एलेक्स एला से होगा. पुरूष एकल में रामकुमार रामनाथन को बिना खेले ही दूसरे दौर में प्रवेश मिल गया . उनके प्रतिद्वंद्वी ताजिकिस्तान के सुनातुलो इसरोइलोव मुकाबले के लिये पहुंचे ही नहीं.
पुरूष युगल में रामकुमार और साकेत माइनेनी क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए जिन्होंने इंडोनेशिया के इगनाशियस एंथोनी सुसांतो और डेविड एगुंग सुसांतो को 6-3, 6-2 से हराया.



