स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने के लिए झारखंड में ‘सीटी बजाओ..’ नामक अनोखा कार्यक्रम

जमशेदपुर. महीने भर से अधिक समय से कक्षा में नहीं आ रहे बच्चों को वापस स्कूल में लाने के प्रयास के तहत झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने ‘प्रयास- सीटी बजाओ, स्कूल बुलाओ’ नामक एक अनोखा कार्यक्रम शुरू किया है. यहां से करीब 45 किलोमीटर दूर पूर्व सिंहभूम जिले में पोटका प्रखंड के तानग्रेन में एक सरकारी विद्यालय ने कुछ दिन पहले इस सरकारी कार्यक्रम के तहत ‘सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ’ अभियान शुरू किया और उसका अच्छा असर भी नजर आया.

तानग्रेन अद्यतित मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य अरविंद तिवारी ने कहा कि विद्यालय के आसपास के गांवों में हाल में शुरू किये गये ‘सीटी बजाओ’ अभियान का अच्छा असर नजर आया है क्योंकि करीब एक महीने से गैर हाजिर रहे विद्यार्थी सीटी की आवाज सुनते ही विद्यालय आने लगे हैं.

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के सकारात्मक असर पर विचार करते हुए शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में इसे शुरू करने का फैसला किया है और उसने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जैसे ही बच्चे सुबह में स्कूल पहुंचते हैं, वे 11 जनवरी को ‘सीटी बजाओ’ हैशटैग से सोशल मीडिया पर सीटी बजाने वाले विद्यार्थियों की तस्वीरें डालें.

विद्यार्थियों को कक्षाओं में आने के वास्ते प्रेरित करने के लिए इन अभिनवकारी विचारों को अतीत में लागू कर चुके तिवारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ” हमारी नजर उन विद्यार्थियों पर है जो करीब एक महीने से लगातार कक्षाओं में नहीं आये हैं.” उन्होंने कहा, ” हमने विद्यार्थियों को अलग-अलग समूहों में विभाजित कर दिया है तथा नदियों/हस्तियों के नामों जैसे प्रश्नों के उत्तर के आधार पर हमने समूह के कप्तान चुने हैं.”

उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन समिति के एक सदस्य, एक अध्यापक और समूह कप्तान उस विद्यार्थी के आगे एक शून्य लगा देते हैं जो एक या दो दिन कक्षा में नहीं आता है, जो विद्यार्थी एक महीने तक गैरहाजिर रहता है, उसके आगे वे दो शून्य लगा देते हैं तथा जो महीने से अधिक तक स्कूल नहीं आता है उसके आगे वे तीन शून्य लगा दते हैं.

उन्होंने कहा, ” हमारा मुख्य उद्देश्य आखिर की दो श्रेणियों के विद्यार्थियों को वापस लाना है तथा सरकार के प्रस्तावित कार्यक्रम सीटी बजाओ के तहत हमने विद्यार्थियों को बुलाने के लिए ‘सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ’ नामक जो अभियान शुरू किया है, उसका लक्ष्य हासिल करना है.” समूह कप्तान अन्य विद्यार्थियों के साथ सुबह में गांवों में जाता है और विद्यार्थियों को स्कूल जाने के लिए तैयार होने के वास्ते उन्हें अलर्ट करता है. उन्होंने कहा कि इस अभियान का असर इतना है कि जिन विद्यार्थियों को बीच में पढ़ाई छोड़ देने वाला मान लिया गया था, वे भी प्रेरित हो रहे हैं और कक्षाओं में आने लगे हैं.

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