उप्र : फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से पांच लोगों की मौत, 11 घायल

फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में पटाखा गोदाम एवं फैक्टरी में अचानक विस्फोट होने से दो बच्चों और एक महिला सहित पांच लोगों की मौत हो गई. पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस मामले में पटाखा निर्माता और उसके दो पुत्रों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

पुलिस के मुताबिक तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने साजिशन विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया और हत्या करने के इरादे से उसमें आग लगाई.यह घटना शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के नौशहरा इलाके में सोमवार रात हुई. शिकोहाबाद के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रवीण तिवारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ”पटाखा गोदाम एवं फैक्टरी में हुए विस्फोट में दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई. इस घटना में 11 लोग घायल भी हुए हैं.” पुलिस में दर्ज कराई गयी प्राथमिकी के अनुसार हादसे में एक भैंस एवं सात बकरियों की भी मौत हो गयी.

जिला अस्पताल के अनुसार मृतकों की पहचान मीरा देवी (45), अमन (20), गौतम कुशवाहा (18), कुमारी इच्छा (तीन) और अभिनय (दो) के रूप में हुई है. इच्छा और अभिनय भाई-बहन हैं. कोतवाली शिकोहाबाद के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) प्रदीप कुमार ने बताया कि जिस मकान में विस्फोट हुआ वह मकान प्रेम सिंह कुशवाहा का है और वह पूरी तरह ज़मींदोज हो चुका है. यह मकान पटाखों का निर्माण एवं उनकी बिक्री करने वाले भूरा नवी अब्दुल्ला ने किराए पर ले रखा था.

एसएचओ ने बताया कि मीरा देवी कुशवाहा के पुत्र पवन कुशवाहा ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 103 (1), 288 (विस्फोटक पदार्थ के साथ लापरवाही), 325 (किसी को गंभीर रूप से चोट पहुंचाना), 66 (2) (गठजोड़ कर आपराधिक साजिश) एवं विस्फोटक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नौशहरा निवासी भूरा उर्फ नवी अब्दुल्ला और उसके दो पुत्रों ताज एवं राजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है.

पवन कुशवाहा ने अपनी शिकायत में कहा, “हमारे गांव में भूरा उर्फ नवी अब्दुल्लाह लंबे समय से पटाखों का कारोबार कर रहा था. भूरा का लाइसेंस आबादी क्षेत्र से बाहर के इलाकों के लिए वैध था, लेकिन उसने लाइसेंस में बताए गए स्थान पर विस्फोटक पदार्थ नहीं रखे थे. वह उसे आबादी वाले इलाकों में रखता था. भूरा ने अपने बेटों ताज, राजा और अन्य के साथ मिलकर साजिश के तहत अपने किराए के मकान में भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ रखे थे. साजिश के तहत तीनों ने विस्फोटक पदार्थ में आग लगा दी और भाग गए.” उन्होंने कहा, “इसके चलते बहुत बड़ा विस्फोट हुआ, जिसमें मेरे और मेरे पड़ोसी के परिवार के सदस्य मलबे में दब गए और उनकी मौत हो गई. आरोपियों ने हत्या के इरादे से गोदाम में आग लगाई थी.” स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि विस्फोट के कारण करीब एक दर्जन मकान क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ मकानों की छतें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं.

एसएचओ ने बताया कि विस्फोट के विभिन्न बिंदुओं पर पुलिस प्रशासन के साथ अग्निशमन विभाग के अधिकारी एवं एसडीआरएफ की टीम जांच कर रही है. मंगलवार को मृतक के परिजनों ने सरकार से मुआवजे की मांग की और कहा कि जब तक राज्य सरकार उन्हें मुआवजा नहीं देती, तब तक मृतकों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. बाद में, शिकोहाबाद के समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक मुकेश वर्मा ने कहा कि परिवार के सदस्य अंतत? इस आश्वासन के बाद सहमत हुए कि उन्हें जल्द ही मुआवजा दिया जाएगा.

विस्फोट की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस एवं अग्निशमन दल के अधिकारियों ने राहत बचाव कार्य शुरू किया. शिकोहाबाद के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) मौके पर पहुंच गए. अधिकारियों ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया.

इससे पहले स्थिति का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पहुंचे आगरा परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दीपक कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को कहा था, ”घनी आबादी में किसी भी प्रकार के पटाखा गोदाम की अनुमति नहीं होती है. यह गोदाम घनी आबादी में कैसे संचालित हो रहा था, इसकी पूरी जानकारी प्राप्त कर विधिक कार्रवाई की जाएगी.”

पुलिस के अनुसार, नौशहरा में भूरे खां द्वारा बड़े स्तर पर पटाखे बनाये जा रहे थे. सोमवार रात लगभग साढ़े 10 बजे अचानक पटाखे के गोदाम में विस्फोट के साथ धमाके की आवाज हुई, जिससे पटाखा गोदाम की दीवारें ढह गईं और उसमें रह रहे एक ही परिवार के लगभग सात लोग मलबे में दब गए. धमाका इतना तेज था कि आसपास के लगभग एक दर्जन मकान विस्फोट की जद में आए, जिससे कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए. धमाके की आवाज भी काफी दूर तक सुनाई दी.

अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं. इस बीच मृतकों के परिजनों ने मांग की कि क्षतिग्रस्त मकानों के निर्माण के लिए धनराशि दी जाए तथा जब तक मुआवजे का चेक नहीं दिया जाता, तब तक मृतकों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. सीओ प्रवीण तिवारी ने बताया कि मौके पर मौजूद जिलाधिकारी रमेश रंजन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सौरभ दीक्षित ने परिजनों से बात की जिसके बाद परिजनों के सहयोग से मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है.

मौके पर विधायक वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी रमेश रंजन ने मुआवजे के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय से बात की और मृतकों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार करने को राजी हुए. वर्मा ने यह भी बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से प्रभावित लोगों के आवास के लिए 100 गज के भूखंडों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है, ताकि जिन लोगों के घर नष्ट हुए हैं, उन्हें रहने के लिए छत मिल सके.

एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद क्षेत्र में पटाखा गोदाम में हुए हादसे का संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए.

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद इलाके में स्थित पटाखा गोदाम में विस्फोट होने से हुए हादसे में कई लोगों के हताहत होने की अत्यंत दु:खद सूचना प्राप्त हुई. ईश्वर से प्रार्थना है कि हादसे में घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें और दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें.” मौर्य ने कहा, ”साथ ही राज्य सरकार ने जिला प्रशासनिक अधिकारियों को त्वरित गति से बचाव एवं राहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं. ”

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