उत्तर प्रदेश बजट 2023: सुरेश खन्ना ने पेश किया 6.90 लाख करोड़ का बजट
प्रस्तुत बजट का आकार 06 लाख 90 हजार 242 करोड 43 लाख रुपये (6,90,242.43 करोड़ रुपये) है. बजट में 32 हजार 721 करोड़ 96 लाख रुपये (32,721.96 करोड़ रुपये) की नई योजनाएं सम्मिलित की गई हैं. कुल प्राप्तियां 06 लाख 83 हजार 292 करोड़ 74 लाख रुपये (6,83,292.74 करोड़ रुपये) अनुमानित हैं. राजकोषीय घाटा 84 हजार 883 करोड़ 16 लाख रुपये (84,883.16 करोड़ रुपये) अनुमानित है जो वर्ष के लिये अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 3.48 प्रतिशत है.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: प्रदेश में 21 एयरपोर्ट पर चल रहा काम
हमारी सरकार के कार्यकाल में नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है. वर्तमान में प्रदेश में 09 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं तथा 80 गन्तव्य स्थानों के लिए एयर सर्विस उपलब्ध है. प्रदेश में 03 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं. जेवर तथा अयोध्या में अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट निर्माणाधीन हैं। शीघ्र ही प्रदेश में 05 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हो जायेंगे. जेवर एयरपोर्ट में रनवेज की संख्या 02 से बढ़ाकर 05 किये जाने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है. हमारी सरकार के अब तक के कार्यकाल में 04 एयरपोर्ट्स के निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा 06 एयरपोर्ट्स (अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावरती, चित्रकूट तथा सोनभद्र) का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो रहा. आगे आने वाले वर्षों में प्रदेश में 05 अन्तर्राष्ट्रीय तथा 16 घरेलू एयरपोर्ट, इस प्रकार कुल 21 एयरपोर्ट क्रियाशील हो जायेंगे.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: जल जीवन मिशन के लिए ये प्रावधान
वर्ष 2022-2023 में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा 19,500 करोड़ रुपये का बजट प्राविधान किया गया. वर्ष 2023 -2024 में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 25,350 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है. वर्ष 2023-2024 तक इन योजनाओं के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त 2.26 करोड़ घरों में क्रियाशील गृह नल संयोजन प्रदान कर शुद्ध एवं सत्त पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. राज्य ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अन्तर्गत 188 योजनाओं. जिनकी लागत 455.15 करोड़ रुपये है, को पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित है.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: ग्रामीण सड़कों लिए भी प्रस्ताव
वर्तमान सरकार के अब तक कार्यकाल में लगभग 21,696 किलोमीटर लम्बाई में ग्रामीण मार्गों का निर्माण तथा अब तक लगभग 18,407 किलोमीटर लम्बाई में मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण किया गया. प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं जन सामान्य को यातायात की सुविधा देने के उद्देश्य से अन्तर्राष्ट्रीय / अन्तर्राज्यीय मार्गों का विकास, जिसके क्रम में 1024 कि०मी० लम्बाई की 87 सड़कों में से 75 सड़कों का निर्माण पूर्ण किया गया. मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजनान्तर्गत 181 राजस्व ग्रामो में सड़क निर्माण किया गया. सड़कों और सेतुओं के निर्माण हेतु 21159 करोड़ 62 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. सड़कों और सेतुओं के अनुरक्षण हेतु 6209 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. कृषि विपणन सुविधाओं हेतु पुलों एवं सड़कों के कार्य के लिये 3473 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों हेतु 1525 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. रेलवे उपरिगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 1700 करोड़ रुपये एवं अन्य सेतुओं हेतु 1850 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित हैं.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: एमएसएमई के लिए हुई ये घोषणा
प्रदेश के त्वरित आर्थिक विकास व रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों के सृजन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की महती भूमिका है. सूक्ष्म लघु एवं मध्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा प्रदेश में अधिकाधिक एमएसएमई इकाईयों की स्थापना कराकर प्रदेश में पूँजी निवेश एवं रोजगार सृजन सुनिश्चित किया गया है. प्रदेश सरकार द्वारा घोषित नवीन एमएसएमई नीति – 2022 में रोजगार सृजन में 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि प्रस्तावित है. इस नीति के अन्तर्गत एमएसएमई इकाईयों को प्रथम बार 4 करोड़ रूपये तक पूँजी उपादान उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की गयी है.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: एक्सप्रेसवेज के किनारे औद्योगिक गलियारों का निर्माण
5 लाख रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से प्रदेश में बनाये जा रहे एक्सप्रेसवेज के किनारे औद्योगिक गलियारों के सृजन का निर्णय लिया गया है. इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ प्रदेश में औद्योगिक विकास का वातावरण बनेगा, जिससे भविष्य में और अधिक विकारा के रास्ते खुलेगें. पूर्वाचल एक्सप्रेस वे एवं बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे के किनारे 6 स्थानों पर औद्योगिक निर्माण संकुल बनाने का निर्णय लिया गया है. इनमें से 04 संकुल पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किनारे तथा 2 संकुल बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के किनारे बनाये जाने प्रस्तावित है. प्रदेश सरकार द्वारा पहला इन्वेस्टर्स समिट फरवरी 2018 में आयोजित किया गया जिसमें प्राप्त निवेश प्रस्तावों के सापेक्ष लगभग 4 लाख करोड़ से अधिक का निवेश हो चुका है
उत्तर प्रदेश बजट 2023: हर जिले में खुलेगा मेडिकल कॉलेज
प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. “एक जनपद एक मेडिकल कालेज की योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 45 जनपद मेडिकल कॉलेज से आच्छादित किये जा चुके हैं, 14 जनपदों में मेडिकल कालेज निर्माणाधीन है. असेवित 16 जनपदों में मेडिकल कालेजों की स्थापना पीपीपी मॉडल पर की जा रही है. 14 नये मेडिकल कालेजों की स्थापना एवं संचालन हेतु 2491 करोड़ 39 लाख रुपये की व्यवस्था की गयी है. असाध्य रोगों की चिकित्सा हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. उत्तर प्रदेश इन्स्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल रिसर्च एण्ड डेवलपमेण्ट की स्थापना हेतु 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में नर्सिंग कालेजों की स्थापना हेतु 26 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: CHC और PHC के लिए बजट में प्रावधान
भारत सरकार द्वारा उप स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को क्रमबद्ध तरीके से क्रियाशील हैल्थ एण्ड वैलनेंस सेण्टर्समें परिवर्तित किया जा रहा है. कन्वर्जन ऑफ रूरल सब हेल्थ सेन्टर्स एण्ड पीएचसी टू हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर्स” हेतु 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2023 2024 में लगभग 407 करोड़ रुपये का व्यय किया जायेगा. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना हेतु 320 करोड़ रुपए की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है. आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान हेतु 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लिये उपकरणों के क्रय हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. प्राथमिक / सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के सुदृढीकरण हेतु ₹15 करोड रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है
उत्तर प्रदेश बजट 2023: चिकित्सा क्षेत्र के लिए बजट में ऐलान
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन हेतु 12,631 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना हेतु 1,655 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना के अन्तर्गत प्रदेश में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में हेल्थ वेलनेस सेन्टर क्रिटिकल केयर यूनिट जनपदों में इन्टीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की स्थापना, नेशनल सेन्टर फॉर डिजीजेज कन्ट्रोल का सुदृढीकरण, हेल्थ इन्फारमेशन के विस्तार के लिये पोर्टल की स्थापना तथा इमर्जेन्सी आपरेशन सेन्टर एवं मोबाइल यूनिट हॉस्टिल की स्थापना आदि कार्यों हेतु 1,547 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का संचालन सम्पूर्ण प्रदेश में दिनांक 23 सितम्बर 2018 से किया जा रहा है. योजना के अन्तर्गत 2.34 करोड़ से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं लाभार्थी परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रूपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा सूचीबद्ध राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों के माध्यम से प्रदान की जा रही है. योजना हेतु 400 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: पुलिस विभाग के लिए ये प्रस्ताव
पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2023 2024 में 1000 करोड़ रूपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है. नवसृजित पुलिस कमिश्नरेट के कार्यालय एवं अनावासीय भवनों आदि की व्यवस्था हेतु 850 करोड़ रूपये व्यवस्था प्रस्तावित है. प्रदेश में पुलिस विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को आवासीय सुविधा (शहरी क्षेत्र) उपलब्ध कराये जाने हेतु 400 करोडरूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. एसडीआरएफ के सुदृढीकरण हेतु नये वाहनों के क्रय के लिए 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी
अभियान के अन्तर्गत 70 हज़ार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल अवैध अतिक्रमण से अवमुक्त कराया गया है. 23,920 राजस्व वाद, 923 सिविल वाद एवं 4504 एफआईआर दर्ज करायी गयी है. 847 अतिक्रमणकर्ताओं को भू-माफिया के रूप में चिन्हित किया गया है, वर्तमान में 196 भू-माफिया जेल में निरूद्ध हैं.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: अपराधों में आई कमी
वर्ष 2022 में वर्ष 2016 के सापेक्ष आलोच्य अवधि में डकैती में 80.31 प्रतिशत, लूट में 61.51 प्रतिशत हत्या में 32.45 प्रतिशत, बलवा में 51.65 प्रतिशत, गृहभेदन में 5.59 प्रतिशत, चोरी में 17.22 प्रतिशत, रोड होल्डअप में 100 प्रतिशत व फिरौती हेतु अपहरण में 43.18 प्रतिशत की कमी आयी है. अपराधों पर अंकुश लगाये जाने हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं. उक्त अवधि में महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों में दहेज मृत्यु में 15.81 प्रतिशत, बलात्कार में 21.75 प्रतिशत व अपहरण में 9.17 प्रतिशत की कमी आयी है महिलाओं के विरूद्ध घटित होने वाले अपराधों पर पुलिस द्वारा नियंत्रण हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं. प्रदेश में एण्टी भू-माफिया पोर्टल पर अवैध कब्जे से सम्बन्धित 3,41,236 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिसमें से 3,39,552 शिकायतें निस्तारित की गई.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता
जनसामान्य को सुरक्षा प्रदान करने एवं कानून व्यवस्था के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना करने हेतु पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम एवं सुदृढ़ करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. महिलाओं एवं समाज के कमजोर वर्गों के विरूद्ध अपराधों को नियन्त्रित करने हेतु प्रभावी कार्यवाही करके इनके लिए निरापद वातावरण उपलब्ध कराने के प्रति सरकार निरन्तर प्रयासरत है. सरकार की अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टालरेन्स की नीति के अनुरूप प्रदेश की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाये जाने एवं आपराधिक /असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियन्त्रण करने के उद्देश्य से कार्ययोजना बनाकर अपराधियों के विरूद्ध कठोरतम विधिक कार्यवाही की जा रही है जिसके फलस्वरूप अपराध एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ है.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: जानें एक्सप्रेसवे के लिए बजट में क्या हुआ ऐलान
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मार्च, 2017 से अद्यतन 17.62 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गयी है. पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर यातायात संचालित है। एक्सप्रेस-वे के आसपास औद्योगिक क्लस्टर्स स्थापित करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है. बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका हैं। एक्सप्रेस वे के आसपास औद्योगिक क्लस्टर्स स्थापित करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है. गोरखपुर पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना का निर्माण प्रगति पर है तथा दिसम्बर, 2022 तक 56 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है. मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किमी0 लम्बे लगभग रुपये 36230 करोड़ लागत से बन रहे गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण का कार्य प्रगति पर है. वित्तीय वर्ष 2023 2024 के बजट में झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे तथा चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे की नई परियोजनाओं के प्रारम्भिक चरण हेतु 235 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के साथ डिफेन्स कॉरीडोर परियोजना के लिए 550 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के दोनों तरफ गोरखपुर में औद्योगिक गलियारा विकसित किये जाने हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा 1000 एकड भूमि पर अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म सिटी की स्थापना की जा रही फिल्म सिटी से लगभग 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की सम्भावना के साथ-साथ रोजगार एवं वाणिज्यिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
उत्तर प्रदेश बजट 2023: श्रमिकों के लिए हुआ ये ऐलान
प्रदेश में अब तक 1.53 करोड़ से अधिक निर्माण श्रमिकों तथा 3,14,611 निर्माण स्थलों का पंजीकरण कराया जा चुका है. कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना के तहत कार्यस्थल पर श्रमिक की मृत्यु की दशा में 05 लाख रुपये, स्थायी दिव्यांगता पर 04 लाख रुपये एवं आशिक दिव्यांगता पर 03 लाख रुपये की सहायता प्रदान किये जाने का प्रावधान है. श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने हेतु प्रदेश के प्रत्येक मण्डल में एक-एक आवासीय विद्यालय की स्थापना की गयी है. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजनान्तर्गत अब तक 6,65,977 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है. असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों हेतु संचालित “मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों हेतु संचालित “मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना” के लिये 12 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. बाल श्रमिक विद्या योजना के तहत 2000 बच्चों को योजना से आच्छादित कर लाभ दिया जा रहा है
उत्तर प्रदेश बजट 2023: वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजना के लिए 7248 करोड़
वृद्धावस्था / किसान पेंशन योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2023 2024 के बजट में 7248 करोड़ रूपये का बजट प्राविधान प्रस्तावित है. दिव्यांग पेंशन योजना के अन्तर्गत लगभग दिव्यांग भरण पोषण अनुदान हेतु 1120 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. कुष्ठावस्था पेंशन योजना हेतु 42 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस वर्ष 35,950 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया गया. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत देश में सर्वाधिक 10.33 लाख से अधिक पथ विक्रेताओं को 1190 करोड़ 49 लाख रुपये का ऋण वितरित कराते हुये उत्तर प्रदेश ऋण वितरण में देश में प्रथम स्थान पर रहा है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के फेज-03, 04 एवं फेज-05 में 81.25 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न निःशुल्क वितरित किया गया.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: नई उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 से मिला रोजगार
नई उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के अंतर्गत अगले 05 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश एवं 20 हजार रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारितकिया गया है. पुलिस विभाग के विभिन्न पदों पर 153,728 अभ्यर्थियों को चयनित किया जा चुका है. माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रदेश सरकार द्वारा अब तक राजकीय विद्यालयों में 8,314 सहायक अध्यापक 1,890 प्रवक्ता एवं 80 प्रधानाचार्यों का चयन किया गया है. सहायता प्राप्त विद्यालयों में 25,249 सहायक अध्यापक 5,226 प्रवक्ता एवं 849 प्रधानाचार्यों का पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए चयन कर नियुक्त किया गया.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: रोजगार के अवसरों का हुआ सृजन
एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजनान्तर्गत 01 लाख 35 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त हुआ. एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना के अंतर्गत अब तक 83473 से अधिक हस्तशिल्पियों / पारम्परिक कारीगरों को प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण किया गया. विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 01 लाख 73 हजार से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया. मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना अंतर्गत 17,147 लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं तथा रोजगार के 01 लाख 37 हजार से अधिक अवसरों का सृजन हुआ हैं. उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा विगत 06 वर्षों में 12 लाख 50 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न प्रकार के अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पंजीकृत किया गया है। प्रमाणीकृत हुये युवाओं में से 4.88 लाख को विभिन्न प्रतिष्ठित कम्पनियों में सेवायोजित कराया गया है. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत अब तक 17,559 इकाइयां स्थापित करते हुए 01 लाख 96 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये. मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत अब तक 4837 इकाइयां स्थापित करते हुए 88,808 लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये. वित्तीय वर्ष 2023-2024 में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में 40,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य है. अप्रेन्टिसशिप के माध्यम से युवाओं को उद्योगों में भो के साथ प्रशिक्षण प्रदान किये जाने के क्रम में मुख्य मंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 31 हजार युवाओं को प्रशिक्षण करने का लक्ष्य रखा गया है.
उत्तर प्रदेश बजट 2023: उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण
मनरेगा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022- 2023 में अब तक प्रदेश में 26 लाख 29 हजार मानव दिवस सृजित कर प्रदेश द्वारा देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया गया है. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-2023 में अब तक लगभग 01 लाख 07 हजार स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है एवं 81,283 स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फण्ड प्रदान करते हुये 3,497 स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश निधि उपलब्ध करायी गयी है. प्रदेश सरकार द्वारा अधिकाधिक उद्यमों की स्थापना हेतु अनुकूल वातावरण का सृजन किया गया है. एमएसएमई अधिनियम, 2020 के माध्यम से इकाईयों को 1000 दिवस तक किसी भी विभाग से निरीक्षण से छूट प्रदान की गई है. इसी प्रकार, निवेश मित्र के माध्यम से उद्यमियों को उद्यम स्थापना के क्रम में वांछित अनापत्ति / लाइसेन्स /अनुमति आदि को प्राप्त करने की व्यवस्था की गयी है. जिसमें उद्यमी समयबद्ध रूप से स्वीकृतियाँ आदि प्राप्त कर रहा है. सरकार के इन प्रयासों से वित्तीय वर्ष 2022-2023 में 24 नवम्बर 2023 तक 03 लाख 95 हजार से अधिक उद्यम पंजीकृत हुये जिसमें 25 लाख 64 हजार से अधिक रोजगार का सृजन हुआ.
उत्तर प्रदेश बजट: युवा अधिवक्ताओं के लिए 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था
युवा अधिवक्ताओं को कार्य के शुरूआती 03 वर्षों के लिये किताब एवं पत्रिका क्रय करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के लिये 10 करोड़ रूपये तथा युवा अधिवक्ताओं के लिये कॉपर्स फण्ड हेतु 5 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.