जीएसटी सुधारों से उप्र को सबसे ज्यादा फायदा, यह प्रधानमंत्री का देश को दिवाली का तोहफा: आदित्यनाथ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि हाल ही में घोषित जीएसटी सुधारों का सबसे बड़ा लाभार्थी उत्तर प्रदेश होगा। उन्होंने राज्य के विशाल उपभोक्ता आधार, तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचे और फलते-फूलते विनिर्माण केंद्रों का हवाला दिया।

उन्होंने कहा कि कर परिवर्तनों से किसानों, स्थानीय उद्योगों और रोजगार को काफी बढ़ावा मिलेगा और साथ ही राज्य को समृद्ध बनाने में मदद मिलेगी। आदित्यनाथ ने ”परिवर्तनकारी” सुधारों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद किया।

उन्होंने हाल में घोषित जीएसटी सुधारों का स्वागत किया और इसे देश की जनता के लिए प्रधानमंत्री मोदी का ”दिवाली का तोहफा” बताया। यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि सबसे अधिक आबादी वाला राज्य होने के नाते, उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार भी है।

उन्होंने कहा, ”उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे में जबरदस्त वृद्धि हुई है। अब छह शहरों में मेट्रो रेल सेवाएं हैं, 16 हवाई अड्डे चालू हैं और साल के अंत तक देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा भी चालू हो जाएगा।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में तीन करोड़ किसान परिवार हैं, जिन्हें नई जीएसटी व्यवस्था के तहत कृषि उपकरण और अन्य इनपुट सस्ते होने से काफी लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, ”इससे किसान कम दामों पर ज्यादा खरीद कर पाएंगे।” मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के फुटवियर और गारमेंट उद्योग को होने वाले फायदे का भी जिक्र किया, जहां 2,500 रुपये तक के फुटवियर पर अब पांच प्रतिशत जीएसटी लागू होगा। रेडीमेड गारमेंट पर जीएसटी में भी कमी की गई है।

उन्होंने कहा, ”आगरा और कानपुर फुटवियर निर्माण के प्रमुख केंद्र हैं। इससे न सिर्फ उद्योग को मदद मिलेगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।” आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल को भी जीएसटी कटौती से बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय विनिर्माण और रोजगार सृजन बढ़ेगा।

उन्होंने आगे बताया कि पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने एफआरबीएम सीमा का अनुपालन किया है और एक ‘बीमारू’ राज्य (वित्तीय रूप से पिछड़ा) से देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है।

उन्होंने कहा, ”जीएसटी परिषद ने कर छूट और सुधारों की घोषणा की है, जो 22 सितंबर से लागू होंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी का लोगों को दिवाली का तोहफा है।” आदित्यनाथ ने याद दिलाया कि जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने से पहले सभी ईमानदार करदाताओं को प्रतिकूल हालात का सामना करना पड़ता था, क्योंकि कर की दरें और उपकर बहुत अधिक थे और कराधान की कोई एकीकृत प्रणाली नहीं थी।

उन्होंने कहा, ”जीएसटी ने इन करों को ‘एक राष्ट्र, एक कर’ के सिद्धांत के तहत एकीकृत किया, जिससे जीएसटी पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ हुआ।” आदित्यनाथ ने कहा कि नए सुधारों ने केवल दो मुख्य कर स्लैब – पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत – के साथ संरचना को सरल बना दिया है, जिससे आम आदमी, किसानों और सभी क्षेत्रों के लोगों को लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, ”इन सुधारों से अर्थव्यवस्था को दो लाख करोड़ रुपये का समर्थन मिलने की उम्मीद है।” उन्होंने आगे कहा कि दैनिक घरेलू उपयोग की वस्तुओं पर अब शून्य प्रतिशत जीएसटी लगेगा। उन्होंने कहा, ”किसानों के लिए, कृषि उपकरणों पर जीएसटी घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे लागत कम करने और कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य बीमा काफी सस्ता हो जाएगा, दूसरी ओर स्टेशनरी और नोटबुक के सस्ता होने से छात्रों को लाभ होगा। आदित्यनाथ ने कहा, ”विलासिता की वस्तुएं महंगी हो जाएंगी, लेकिन ये सुधार गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सशक्त बनाएंगे।”

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