तिरुवनंतपुरम/पलक्कड़. कांग्रेस ने सोने की तस्करी पर केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन के हालिया बयानों को लेकर उन पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि विजयन का यह बयान नयी दिल्ली में संघ परिवार के नेताओं को खुश करने के लिए था. कांग्रेस ने जानना चाहा कि किस सूचना के आधार पर मुख्यमंत्री ने ऐसा खुलासा किया है.
कांग्रेस ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री को यह बताना आवश्यक है कि यदि आरोपियों को सोने की तस्करी के माध्यम से राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए धन प्राप्त हुआ था, तो राज्य सरकार और पुलिस ने उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की है. विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने मुख्यमंत्री विजयन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नयी दिल्ली में एक राष्ट्रीय मीडिया संस्थान को दिए गए उनके बयान, विधानसभा और अन्य जगहों पर किए गए उनके पिछले दावों के विपरीत हैं.
कांग्रेस नेता सतीशन ने कहा, ”मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी कि सोने की तस्करी के माध्यम से मलप्पुरम में पहुंचा पैसा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, नयी दिल्ली में संघ परिवार के नेताओं को खुश करने के लिए है. ” सतीशन ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के बयान सच हैं तो यह गंभीर मुद्दा है और साथ ही सवाल किया कि सरकार ने अब तक यह बात क्यों छिपाई थी? विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का यह खुलासा विपक्ष द्वारा मुख्यमंत्री और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के संघ परिवार के साथ ‘अनैतिक संबंध’ को उजागर करने के कुछ समय बाद हुआ है. इसलिए, विजयन के बयान को इस पर अपनी र्शिमंदगी को छिपाने के एक प्रयास के रूप में ही देखा जा सकता है.
सतीशन ने कहा कि यदि यह खुलासा सच है तो यह स्वयं मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले गृह विभाग की विफलता को स्वीकार करने के समान है. विजयन ने हाल ही में एक अंग्रेजी दैनिक समाचारपत्र को दिए साक्षात्कार में कहा था कि मलप्पुरम जिले में करीपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के माध्यम से सोने की तस्करी और हवाला लेनदेन से प्राप्त धन का उपयोग ‘राज्य विरोधी’ तथा ‘राष्ट्र विरोधी गतिविधियों’ के लिए किया गया था.
केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने साक्षात्कार में विजयन के बयानों पर स्पष्टीकरण दिया
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा एक मीडिया संगठन को दिए गए साक्षात्कार में उनकी कुछ कथित टिप्पणियों को लेकर विपक्ष के हमले के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को स्पष्टीकरण जारी किया. मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कहा कि विजयन ने साक्षात्कार के दौरान किसी विशेष स्थान या क्षेत्र का उल्लेख नहीं किया था और न ही उन्होंने “राज्य विरोधी” या “राष्ट्र विरोधी गतिविधियों” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया.
मीडिया संगठन को भेजे एक पत्र में सीएमओ ने कहा कि मुख्यमंत्री के वास्तविक विचारों को सटीक रूप से पेश करने वाला स्पष्टीकरण जनता की समझ को बहाल करने तथा आगे गलत व्याख्या को रोकने में महत्वपूर्ण होगा. उस पत्र की प्रति मीडिया के साथ साझा की गई. मुख्यमंत्री कार्यालय का पत्र हाल ही में मलप्पुरम जिले के जरिए सोने की तस्करी पर उनके कुछ कथित टिप्पणियों के बाद आया है. मुख्यमंत्री की कथित टिप्पणियों से राज्य में एक बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है और विपक्षी कांग्रेस तथा उसकी सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने मुख्यमंत्री पर हमला बोला है.
सीएमओ के अनुसार विजयन ने कभी भी किसी विशेष स्थान या क्षेत्र का उल्लेख नहीं किया, न ही उन्होंने अपने इस साक्षात्कार के दौरान “राज्य विरोधी” या “राष्ट्र विरोधी गतिविधियों” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. सीएमओ ने कहा, ”ऐसे बयान मुख्यमंत्री के विचारों और ऐसे मामलों पर केरल सरकार के रुख को परिलक्षित नहीं करते.”
सोना तस्करों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई: केरल के राज्यपाल ने राज्य सरकार से पूछा
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मंगलवार को सवाल किया कि सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार या मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य में सोने की तस्करी करने वाले और उससे अर्जित धन का इस्तेमाल ”राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों” के लिए करने वाले समूहों के खिलाफ क्या कार्रवाई की? खान ने कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम के बारे में तब पता चला जब उन्होंने अखबार में विजयन का बयान पढ़ा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास इस बारे में सारी जानकारी है.
राज्यपाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ”उन्हें (विजयन को) खुद आगे आकर बताना चाहिए कि सरकार ने राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में लिप्त सोना तस्करों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?” उन्होंने कहा, ”वह सत्ता की बागडोर संभाल रहे हैं. वह ऐसा नहीं कर सकते कि सिर्फ प्रेस से बात करें और कोई कार्रवाई न करें. कार्रवाई क्यों नहीं की गई? अगर कार्रवाई नहीं की जा रही है तो इसमें किसकी गलती है? यह गंभीर मामला है. मैंने इसके बारे में आज ही पढ़ा है.” उन्होंने आगे कहा कि जब वह तिरुवनंतपुरम लौटेंगे तो इस मुद्दे पर सरकार से रिपोर्ट मांगेंगे.
राज्यपाल ने कहा, ”मैं जानना चाहता हूं कि सरकार ने क्या कार्रवाई की है और उन्हें कब से पता है कि सोने की तस्करी की जा रही है और इससे अर्जित धन का इस्तेमाल राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है?” उन्होंने कहा, ”क्या यह हाल ही की बात है? क्या उन्हें इसके बारे में हाल ही में जानकारी मिली है या उन्हें इसके बारे में पहले से ही पता था? अगर उन्हें पहले से ही इस बारे में जानकारी थी, तो क्या कार्रवाई की गई?” उनकी यह टिप्पणी विजयन के एक अंग्रेजी दैनिक अखबार को दिए गए साक्षात्कार के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि मलप्पुरम जिले के करीपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के माध्यम से सोने की तस्करी और हवाला लेनदेन से अर्जित धन का इस्तेमाल ”राज्य विरोधी” और ”देश विरोधी गतिविधियों” के लिए किया गया.