
इंफाल/नयी दिल्ली. मणिपुर के बिश्नुपुर जिले में अज्ञात बंदूकधारियों की गोलीबारी में कम से कम दो ‘ग्राम स्वयंसेवक’ मारे गए. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि खोइजुमंतबी गांव में रविवार देर रात यह घटना तब हुई जब ‘ग्राम स्वयंसेवक’ अस्थायी बंकर से इलाके की रखवाली कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि यह खबर मिलने तक भारी गोलीबारी जारी थी. अधिकारी ने हताहतों की संख्या बढ.ने की आशंका जताई. पूर्वोत्तर राज्य में मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित किए जाने के बाद मणिपुर में हिंसा भड़क उठी थी. मणिपुर की 53 प्रतिशत आबादी मेइती समुदाय की है और यह मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहती है. वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासी समुदायों की आबादी 40 प्रतिशत है और यह मुख्यत: पर्वतीय जिलों में रहती है.
अच्छा होगा कि असम के मुख्यमंत्री मणिपुर में दखल न दें : चिदंबरम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर मणिपुर में स्थिति में सात से 10 दिन में सुधार आने संबंधी उनकी टिप्पणी को लेकर रविवार को निशाना साधते हुए कहा कि अच्छा होगा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मणिपुर के मामले में ”दखल न दें” और उससे दूर रहें.
पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री चिदंबरम ने यह भी कहा कि अच्छा होगा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह पद से इस्तीफा दे दें और पूर्वोत्तर राज्य में कुछ महीनों के लिए राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाए. असम के मुख्यमंत्री शर्मा ने शनिवार को कहा था कि पड़ोसी राज्य मणिपुर में अगले सात से दस दिनों में स्थिति सुधर जाएगी, क्योंकि राज्य एवं केंद्र सरकार शांति बहाली के लिए ‘चुपचाप’ काम कर रही हैं.
शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधा था और आरोप लगाया था कि विपक्षी दल तब चिंता जाहिर कर रहा है, जब ‘इस पूर्वोत्तर राज्य में अपेक्षाकृत शांति कायम हो गई है.’ मणिपुर में बहुसंख्यक मेइती और अल्पसंख्यक कुकी समुदाय के बीच तीन मई को शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.
चिदंबरम ने ट्वीट किया, ”असम के मुख्यमंत्री ने वादा किया है कि मणिपुर में एक सप्ताह में शांति बहाल हो जाएगी. अच्छा होगा कि असम के मुख्यमंत्री मणिपुर के मामले में दखल न दें और उससे दूर रहें.” उन्होंने कहा, ”यह भी अच्छा होगा कि बिरेन सिंह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दें और कुछ महीनों के लिए राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया जाए.”



