दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला वांछित अपराधी महाराष्ट्र से गिरफ्तार

नयी दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने विदेश, खास तौर पर दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 50,000 रुपये के इनामी वांछित अपराधी को महाराष्ट्र के पडघा से गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

आरोपी जाकिर दाउद खान दो साल से अधिक समय से फरार था और उसे 2024 में भगोड़ा घोषित किया गया था। खान खुद 2015 में इसी तरह की ठगी का शिकार हो चुका है जब उसने दुबई के वीजा के लिए आवेदन किया था। इसके बाद वह रोजगार परामर्शदाता बन गया।

पुलिस ने बताया कि खान ने दिल्ली के जनकपुरी में ‘फिजा प्लेसमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी खोली जो गैर पंजीकृत थी और दुबई में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को लुभाना शुरू कर दिया। पुलिस उपायुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) अमित कौशिक ने कहा, ‘‘इस गिरोह का खुलासा सितंबर 2022 में हुआ जब शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से संपर्क किया और आरोप लगाया कि एक कंपनी ने जाली वीजा, नकली हवाई टिकट के जरिए और पासपोर्ट अपने कब्जे में रखकर उससे 90,000 रुपये ठग लिए।’’

उन्होंने बताया कि जांच आगे बढ़ी तो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा से 80 से अधिक शिकायतें सामने आईं, जिसके बाद 15 दिसंबर 2022 को मामला दर्ज किया गया। अधिकारी ने बताया कि जांच से पता चला कि आरोपी और उसके सहयोगी विदेश मंत्रालय से किसी भी मंजूरी के बिना ‘फिजा प्लेसमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘मेसर्स एशियाटास कंसंिल्टग (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए ठगी का यह धंधा कर रहे थे।

पुलिस ने बताया कि उन्होंने प्रति व्यक्ति कथित तौर पर 50,000 रुपये से 1,20,000 रुपये तक की वसूली की और पीड़ितों से 88.8 लाख रुपये से अधिक ठग लिये। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 59 से अधिक फर्जी वीजा जारी किए गए और 364 पासपोर्ट अवैध रूप से अपने कब्जे रखे थे। उन्होंने बताया कि कुछ आरोपियों अरशद, राम अनमोल ठाकुर, गुलभर अली और श्रुति को दिसंबर 2022 में गिरफ्तार किया जा चुका है।

बाद में सह-आरोपी मोहम्मद सद्दाम और मोहम्मद तसलीम को भी गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन जाकिर दाउद खान गिरफ्तारी से बचने में कामयाब रहा और फरवरी 2024 में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। मामला दर्ज होने के तुरंत बाद खान दुबई भाग गया और 2025 में भारत लौट आया। उसके वित्तीय लेन-देन की निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के जरिए पुलिस ने उसे महाराष्ट्र के पडघा के पास एक गांव में ढूंढ निकाला, जहां से उसे 10 जून में गिरफ्तार किया गया।

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