शाहजहां शेख की गिरफ्तारी पर तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दलों में जुबानी जंग

अदालत को शाहजहां शेख से कोई हमदर्दी नहीं है: उच्च न्यायालय

बशीरहाट/कोलकाता. पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने संदेशखालि में महिलाओं के यौन उत्पीड़न और जमीन पर कब्जा करने के आरोपी अपने नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी पर जहां संतोष व्यक्त किया, वहीं विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस गिरफ्तारी को पूर्व नियोजित करार दिया तथा कहा कि शेख पश्चिम बंगाल पुलिस की ”सुरक्षित अभिरक्षा” में था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि शेख को बृहस्पतिवार तड़के गिरफ्तार कर लिया गया. भाजपा ने शेख की गिरफ्तारी को पूर्व नियोजित बताते हुए इसे खारिज किया और दावा किया कि वह पश्चिम बंगाल पुलिस की ”सुरक्षित अभिरक्षा” में था.

तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”कानूनी बाधाओं के कारण शुरुआत में उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी. हालांकि, अदालत द्वारा यह स्पष्ट किए जाने के बाद कि उसकी गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है, पश्चिम बंगाल पुलिस ने अपना काम किया. विपक्ष ने उसकी गिरफ्तारी पर लगे ‘प्रतिषेध’ का फायदा उठाया.” कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को निर्देश दिया था कि शेख को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है.
उच्च न्यायालय ने सोमवार को पुलिस को शेख की गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिया था. इसके बाद राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने सफाई दी थी कि वह दोषियों को नहीं बचा रही है और शेख को सात दिन के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

घोष ने कहा, ”हमने कहा था कि शेख को सात दिन में गिरफ्तार कर लिया जाएगा, क्योंकि हमें राज्य पुलिस की क्षमता पर भरोसा था. अब, सीबीआई और ईडी को उन भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो भ्रष्टाचार और अन्य अपराधों के भी आरोपी हैं.” तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के मुख्य प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने बृहस्पतिवार शाम शेख को छह साल के लिए निलंबित करने के पार्टी के फैसले की घोषणा की.

राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता ओ’ब्रायन ने कहा, ”हमने शाहजहां शेख को छह साल के लिए पार्टी से निलंबित करने का फैसला किया है. हम हमेशा जो कहते हैं, उसे पूरा करते हैं. हमने अतीत में उदाहरण स्थापित किए हैं और हम आज भी ऐसा कर रहे हैं. लेकिन हम भाजपा को उन नेताओं को निलंबित करने की चुनौती देते हैं, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले और कई आपराधिक मामले हैं.” हालांकि, पार्टी के भीतर असहमति के सुर सुनाई दिए. तृणमूल कांग्रेस नेता एवं उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने कहा कि शेख को दुष्प्रचार के जरिए फंसाया गया है.

उन्होंने कहा, “शाहजहां के खिलाफ अफवाह फैलाकर उन्हें फंसाया गया है. हमने उनके बारे में कभी कोई शिकायत नहीं सुनी. ऐसा लगता है कि उन्हें फंसाने के लिए एक राजनीतिक जाल बुना गया.” पार्टी सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने कहा, “रविवार को, हमारे राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बताया था कि कैसे केवल कानूनी बाधा के कारण बंगाल पुलिस शाहजहां को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी. यह रोक ईडी अधिकारियों के हस्तक्षेप के कारण लगाई गई थी.” विपक्षी दल भाजपा ने दावा किया था कि शेख राज्य पुलिस की ”सुरक्षित अभिरक्षा” में है. इसके साथ ही भाजपा ने गिरफ्तारी को पूर्व नियोजित करार दिया.

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, ”यह टीएमसी और राज्य पुलिस ही थी जो दोषियों को बचाने में लगी थी. अब उसे एक अच्छी तरह से गढ़ी गई कहानी के हिस्से के रूप में गिरफ्तार किया गया है. भाजपा की प्रदेश इकाई के लगातार आंदोलन के कारण राज्य प्रशासन को उसे गिरफ्तार करने के लिए मजबूर होना पड़ा.” उन्होंने शाहजहां शेख की गिरफ्तारी को पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा उसे दिया गया “कानूनी संरक्षण” करार दिया.

मजूदार ने कहा, “शाहजहां को इसलिए गिरफ्तार किया गया है ताकि उसे सीबीआई और ईडी से बचाया जा सके. यह पश्चिम बंगाल पुलिस के असहयोग के कारण था कि उसे ईडी द्वारा गिरफ्तार नहीं किया जा सका और वह इतने लंबे समय से फरार था.” पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने भी राज्य पुलिस पर शेख को संघीय जांच एजेंसियों से बचाने का आरोप लगाया.

भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख मालवीय ने ‘एक्स’ पर कहा, “क्या यह गिरफ्तारी है? पश्चिम बंगाल पुलिस शेख शाहजहां को ऐसे ले जा रही है जैसे वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में चलती है. इन सभी दिनों में, शेख शाहजहां पश्चिम बंगाल पुलिस की सुरक्षा में था.” उन्होंने कहा, “जैसे ही कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ईडी और सीबीआई को शेख शाहजहां को गिरफ्तार करने की अनुमति दी, ममता बनर्जी की पुलिस ने उसे अपने नियंत्रण में ले लिया. वे ईडी और सीबीआई के वकीलों को रोकने के लिए उसे जल्दी से एक स्थानीय अदालत में ले गए. इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि संदेशखालि की महिलाओं को ममता बनर्जी पर कोई भरोसा नहीं है.” शेख के 55 दिन तक फरार रहने के बाद उसकी गिरफ्तारी ने एक बड़ी राजनीतिक बहस छेड़ दी है.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (दक्षिण बंगाल) सुप्रतिम सरकार ने बताया कि शेख को संदेशखालि द्वीप से लगभग 30 किमी दूर बामनपुकुर में पकड़ा गया. बशीरहाट अदालत में पेश किए जाने पर शेख को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. शेख को बाद में कोलकाता में राज्य पुलिस मुख्यालय भबानी भवन भेज दिया गया और सीआईडी ने जांच का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि बशीरहाट पुलिस जिले की एक अन्य टीम ने पड़ोसी राज्य ओडिशा के राउरकेला में एक ठिकाने से शेख के एक अन्य करीबी सहयोगी अमीर गाजी को गिरफ्तार किया.

उन्होंने बताया कि गाजी की मोबाइल फोन टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस की एक टीम बुधवार रात राउरकेला गई और गाजी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अधिकारी ने कहा, “उसे राज्य वापस लाया गया और एक अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने उसे पांच दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया.” कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर, सुंदरबन की सीमा पर स्थित संदेशखालि क्षेत्र के लोग टीएमसी के स्थानीय नेता शाहजहां शेख और उसके समर्थकों के खिलाफ यौन शोषण तथा जमीन हड़पने के आरोपों को लेकर एक महीने से अधिक समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

कथित राशन घोटाले के सिलसिले में शेख के घर पर छापा मारने गई ईडी टीम पर पांच जनवरी को लगभग एक हजार लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया था, जिसके बाद से ही वह (शेख) फरार था. राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने घटनाक्रम पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “यह अंत की शुरुआत है. हमें बंगाल में हिंसा के चक्र को खत्म करना होगा. बंगाल के कुछ हिस्सों में गुंडे राज कर रहे हैं. इसे खत्म होना चाहिए और गैंगस्टर को सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए.” पुलिस ने कहा कि शेख को राशन घोटाला मामले में उसके घर पर छापेमारी के दौरान पांच जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमले के संबंध में नजात थाने में दर्ज दो मामलों में गिरफ्तार किया गया है.

इस बीच, माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने सवाल किया कि संदेशखालि के लोगों द्वारा दायर किए गए 43 मामलों में शेख को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने शेख की गिरफ्तारी में टीएमसी नेतृत्व की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी को नौटंकी बताया.

उन्होंने कहा, “आज यह स्पष्ट हो गया कि शाहजहां जैसे असामाजिक लोग टीएमसी की संपत्ति हैं. शाहजहां की शक्ल से साफ पता चलता है कि उसे आराम से रखा गया था. आज की गिरफ्तारी एक नौटंकी के अलावा कुछ नहीं है. टीएमसी को पता था कि शाहजहां इतने दिनों से कहां था. मुझे उम्मीद है कि बंगाल के लोग टीएमसी को करारा जवाब देंगे और उसे सबक सिखाएंगे.”

अदालत को शाहजहां शेख से कोई हमदर्दी नहीं है: उच्च न्यायालय

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि अदालत को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शाहजहां शेख के साथ कोई ‘हमदर्दी’ नहीं है और उनके वकील से चार मार्च को उसके समक्ष पेश होने को कहा. शेख के वकील अदालत में पेश हुए और अपने मुवक्किल के संबंध में तत्काल सुनवाई की मांग की.

मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि अदालत को शेख के साथ कोई ‘हमदर्दी’ नहीं है और उसके वकील से कहा कि वह सोमवार को उसके पेश हों जब संदेशखालि में कथित यौन अत्याचार एवं आदिवासी लोगों की भूमि कब्जे को लेकर मामले की सुनवाई होगी. उच्च न्यायालय ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है. अदालत ने कहा कि अगर शेख ने वकील को वकालतनामा दिया है तो उसके ठिकाने का भी पता होगा. यौन अत्याचार और जमीन हड़पने के आरोपी शेख को राज्य पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया.

जब शेख के वकील ने कहा कि उसकी अग्रिम जमानत याचिका दो दिन पहले खारिज कर दी गई थी और चार अन्य आवेदन अब भी अदालतों के समक्ष लंबित हैं तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि टीएमसी नेता के खिलाफ 42 मामले लंबित हैं. मुख्य न्यायाधीश ने वकील से कहा कि उनके पास अगले 10 वर्ष तक शानदार काम होगा क्योंकि वह शेख से संबंधित मामलों को संभालने में व्यस्त रहेंगे. उन्होंने कहा कि शेख से संबंधित मामलों को संभालने के लिए वकील को एक बड़ी कानूनी टीम की आवश्यकता होगी.

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