WFI निलंबन: ममता ने केंद्र पर लगाया पहलवानों को निराश करने का आरोप, भाजपा का पलटवार

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विश्व कुश्ती की सर्वोच्च संचालन संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) की ओर से भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को निलंबित किए जाने पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने देश के पहलवानों को हतोत्साहित किया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ममता के बयान पर पलटवार किया.
डब्ल्यूएफआई ने चुनाव समय पर नहीं कराने के लिए डब्ल्यूएफआई को निलंबित कर दिया है. इस घटनाक्रम के बाद भारतीय पहलवान आगामी विश्व चैंपियनशिप में भारतीय ध्वज तले प्रतिस्पर्धा में हिस्सा नहीं ले पाएंगे.

ममता बनर्जी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “यह जानकर हैरानी हुई कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने भारत के कुश्ती महासंघ को निलंबित कर दिया है.” उन्होंने इसे पूरे देश के लिए “बेहद शर्मनाक” करार देते हुए लिखा, “केंद्र सरकार ने अपने अहंकारी रवैये और हमारी पहलवान बहनों की दुर्दशा के प्रति लापरवाही बरतकर हमारे पहलवानों को निराश किया है. केंद्र और भाजपा हमारी अदम्य बहनों को स्त्री द्वेष और असभ्य पुरुषवाद से परेशान किए जा रही है.”

बनर्जी ने यह भी कहा कि भारत को उन लोगों को दंडित करना चाहिए जिनमें कोई नैतिक संवेदना नहीं बची है और जो देश की लड़ने वाली बेटियों की गरिमा के लिए खड़े नहीं हो सकते.” उन्होंने कहा, “हिसाब-किताब का दिन अब ज्यादा दूर नहीं है.” राज्यसभा में पार्टी के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि यह भाजपा के सांसद की वजह से यह अपमान हुआ है, जिसे भगवा पार्टी के शीर्ष नेताओं का समर्थन हासिल है.

उन्होंने कहा, “एक तरफ, बहुत खुशी है; हमारे दिल खुशियों से भर गए हैं. हमारे चैंपियन, इसरो वैज्ञानिकों को बधाई. और दूसरी तरफ, भाजपा के शीर्ष नेताओं द्वारा सर्मिथत पार्टी के सांसद ने हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपमानित किया. विश्व कुश्ती संस्था ने भारतीय महासंघ को बाहर कर दिया है. कितने शर्म की बात है! हम निराश हैं.”

भाजपा ने तृणमूल पर पलटवार करते हुए पूछा कि क्या पार्टी अंतराष्ट्रीय कुश्ती महासंघ के फैसले से खुश है और क्या वह अब इसका इस्तेमाल कुछ राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए करना चाहती है. भाजपा के राज्य प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, “तृणमूल इस फैसले से बहुत खुश है. यह राष्ट्रीय हित से ऊपर राजनीति करने की उनकी मानसिकता को दर्शाता है. ऐसे बयान शर्मनाक हैं.”

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