नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को सरकार पर ‘पीएम केयर्स फंड’ का कोई हिसाब नहीं देने का आरोप लगाया और सवाल किया कि इसका पैसा आखिर कहां जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि इस कोष में जनता का पैसा है और ऐसे में लोगों को पता होना चाहिए कि इसका कैसे इस्तेमाल हुआ है.
राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘ पीएम केयर्स – प्रधानमंत्री का जनता से लिया हुआ पैसा, जिसके खर्च का सरकार ने कोई हिसाब नहीं दिया. इन पैसों का कितना सही, कितना गलत इस्तेमाल हुआ ये किसी को पता नहीं और न ही इसका कोई सकारात्मक असर दिखा है. मगर इस खाते में जनता की मेहनत की कमाई के अलावा देश के सार्वजनिक उपक्रमों के भी हजारों करोड़ रूपये गए हैं.’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘अब तक सरकारी कम्पनियों द्वारा पीएम केयर्स में 2900 करोड़ रुपये डाले गए जिनमें 1500 करोड़ रुपये सिर्फ पहली पांच कम्पनियों से आए. ओएनजीसी से 370 करोड़ रुपये, एनटीपीसी से 330 करोड़ रुपये, पीजीसीआई से 275 करोड़ रुपये और आईओसीएल से 265 करोड़ रुपये और पावर फाइनेंस कमीशन से 222 करोड़ रुपये आए.
राहुल गांधी ने सवाल किया, ‘‘इन कम्पनियों में जनता के निवेश किए हुए पैसे हैं जिनको देश के सुधार के लिए इस्तेमाल होना था. मगर न मदद करने का हिसाब है, न किसी के जीवन में आए विकास का. जनता से सरेआम, दिन – दहाड़े लूटा हुआ ये पैसा आख़रि जा कहां रहा है?’’
अडाणी मामले की सच्चाई जनता के सामने लाने के लिए जेपीसी जांच जरूरी
कांग्रेस ने अडाणी समूह की तीन कंपनियों के निदेशक पद से गौतम अडाणी के बड़े भाई विनोद अडाणी के इस्तीफा देने संबंधी खबर का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि ‘अडाणी महाघोटाले’ की सच्चाई जनता के समक्ष लाने के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा इसकी जांच जरूरी है.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि कांग्रेस को इस मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन इस समिति का अधिकार क्षेत्र प्रतिभूति नियमों के उल्लंघन की जांच तक ही सीमित है. अमेरिकी संस्था ‘ंिहडनबर्ग रिसर्च’ की कुछ सप्ताह पहले आई रिपोर्ट में अडाणी समूह पर अनियमितता के आरोप लगाए गए थे और इसके बाद से कांग्रेस इस कारोबारी समूह पर लगातार हमले कर रही है. अडाणी समूह ने सभी आरोपों को निराधार बताया था.
रमेश ने एक बयान में कहा, ‘‘खबरों से पता चलता है कि गौतम अडाणी के बड़े भाई विनोद ने अडाणी समूह के आॅस्ट्रेलियाई बंदरगाहों और खनन परियोजनाओं से जुड़ी तीन कंपनियों के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि विनोद अडाणी पहले भी स्टॉक में हेराफेरी और ‘खातों में धोखाधड़ी’ के मामलों में संलिप्त रहे हैं.
रमेश ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने ‘हम अडाणी के हैं कौन’ प्रश्न श्रृंखला के तहत 16 फरवरी, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कुछ सवाल किए थे. संयुक्त अरब अमीरात में विनोद अडाणी से जुड़ी इकाइयों को राजस्व खुफिया निदेशालय ने बिजली उपकरणों की कीमत कम दिखाने से संबंधित घोटाले में संलिप्त पाया. ऐसा आरोप है कि इस घोटाले के माध्यम 5500 करोड़ रुपये भारत से बाहर भेज दिए गए.’’ उन्होंने कहा कि ‘अडाणी महाघोटाले’ से संबंधित सभी प्रासंगिक पहलुओं की जांच करने और सच्चाई जनता के सामने लाने के लिए इसकी जेपीसी से जांच जरूरी है.
कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान धमकी दे रहे हैं शाह, भाजपा की पराजय तय
कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान को लेकर बुधवार को आरोप लगाया कि वह धमकी दे रहे हैं जो इस बात का प्रमाण है कि इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी हार रही है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि कांग्रेस शाह के बयान से जुड़ा मुद्दा निर्वाचन आयोग के समक्ष उठाएगी.
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एक चुनावी सभा में कहा था कि अगर कर्नाटक में कांग्रेस सत्ता में आई तो राज्य में परिवारवाद की राजनीति चरम पर होगी और वह ‘‘दंगों की चपेट में रहेगा.’’ शाह ने यह भी कहा था कि कांग्रेस के सरकार बनाने पर राज्य में अभी तक हुआ विकास ‘रिवर्स गियर’ में चला जाएगा.
रमेश ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘‘ यह खुलेआम धमकाने वाला बयान है. भारत के प्रथम गृह मंत्री (सरदार पटेल) ने जिस संगठन को प्रतिबंधित किया था, उससे संबंध रखने वाले मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री चुनाव प्रचार के दौरान धमकियां दे रहे हैं क्योंकि उन्हें अपनी हार निश्चित नजर आ रही है.
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि भाजपा चुनाव हार रही है. कांग्रेस नेतृत्व के चुनाव प्रचार को लेकर जनता की प्रतिक्रिया शानदार रही है. यही बात अमित शाह की ‘4-आई रणनीति: इन्सल्ट, इनफ्लेम, इन्साइट एंड इन्टीमिडेट’ (अपमानित करना, भड़काना, उकसाना और धमकाना) का प्रमाण है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इस विषय को निर्वाचन आयोग के समक्ष उठाने जा रहे हैं.’’
खरगे ने कतर में गिरफ्तार आठ पूर्व नौसैनिकों के मामले को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कतर में आठ पूर्व नौसैनिकों की गिरफ्तारी के मामले को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और सवाल किया कि यह कौन सा राष्ट्रवाद है कि प्रधानमंत्री इन लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘नौसेना के आठ पूर्व कर्मी अगस्त, 2022 से कतर की हिरासत में हैं. विदेश मंत्रालय का कहना है कि इनके खिलाफ लगे आरोपों की जानकारी भारत के साथ साझा नहीं की गई.’’ खरगे ने आरोप लगाया, ‘‘मोदी सरकार के इस तरह से समर्पण कर देने से भारत को ‘विश्वगुरू’ बनाने के उसके दावे की पोल खुलती है.’ उन्होने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री जी कतर के अपने समकक्ष को फुटबाल विश्व कप की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन हमारे बहादुर जवानों की ंिजदगी बचाने के लिए हस्तक्षेप नहीं कर सकते. यह राष्ट्रवाद है?’’