नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस के किसी बड़े नेता को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया: केजरीवाल

भारत को अमेरिका से आयात पर अधिक शुल्क लगाना चाहिए : अरविंद केजरीवाल

नयी दिल्ली. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस के किसी भी ‘बड़े नेता’ को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया. केजरीवाल ने यहां कॉ्स्टिटट्यूशन क्लब में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों और पार्षदों से मुलाकात की. उन्होंने पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बारे में बात की.

उन्होंने कहा, ”हमें समझौते के प्रस्ताव मिलते रहते हैं. अब तो लोग भी देख रहे हैं कि कांग्रेस ने भाजपा के साथ समझौता कर लिया है. नेशनल हेराल्ड मामला एक स्पष्ट मामला है. लेकिन कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता जेल नहीं गया. हमारे पांच बड़े नेताओं को एक फर्जी मामले में जेल भेज दिया गया.” केजरीवाल ने अपनी पार्टी से कहा कि वह कभी ‘समझौता’ न करे.

उन्होंने कहा, ”2जी मामला और कोयला घोटाला मामला बंद कर दिया गया. अब तो लोग भी कांग्रेस और भाजपा के बीच सांठगांठ की बात कर रहे हैं. हम राजनीति में देश प्रेम की वजह से आए हैं, समझौता करने के लिए नहीं. हम देश के लिए लड़ते रहेंगे. आपको पार्टी, सत्ता, खुद या अपने परिवार के लिए कभी समझौता नहीं करना चाहिए.” दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की आलोचना करते हुए केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी को ‘बर्बाद’ कर दिया है और लोग आप सरकार को याद कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”लोग कह रहे हैं कि अगर आज चुनाव हो जाएं, तो आप 70 सीटें जीतेगी. जब हम सत्ता में थे, तब बिजली कटौती नहीं होती थी. मैं लुटियंस दिल्ली में रहता हूं और दिन में कम से कम पांच बार बिजली कटौती होती है.” आप नेता ने आरोप लगाया, ”बिजली कटौती हो रही है, निजी स्कूलों ने फीस बढ़ा दी है, सड़कें टूटी हैं, सीवर जाम हैं. वे झुग्गियां तोड़ रहे हैं और गरीबों का जीवन मुश्किल बना रहे हैं.” केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार दिल्ली में बिजली सब्सिडी खत्म करने की भी योजना बना रही है. उन्होंने कहा, ”मैं आपसे कहूंगा कि आप लोगों के बीच रहें. अगले चुनावों में आपको शासन करने का मौका मिलेगा, लेकिन तब तक लोगों के साथ रहें.”

भारत को अमेरिका से आयात पर अधिक शुल्क लगाना चाहिए : अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को मांग की कि भारत को अमेरिका से आयात पर अधिक शुल्क लगाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पूरा देश इस फैसले का समर्थन करेगा. केजरीवाल ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अमेरिका से आयातित कपास पर 11 प्रतिशत शुल्क माफ करने का फैसला किया है, जिससे यहां के स्थानीय किसानों का कारोबार प्रभावित हो सकता है. इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

आप प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह फैसला भारत के किसानों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. उन्होंने सरकार से अमेरिकी आयात पर अधिक शुल्क लगाने की मांग की. उन्होंने कहा, ”अन्य देश झुके नहीं. उन्होंने अधिक शुल्क लगाए. हमें भी अधिक शुल्क लगाने चाहिए. अगर अमेरिका 50 प्रतिशत शुल्क लगा रहा है, तो हमें इसे दोगुना करके 100 प्रतिशत कर देना चाहिए. पूरा देश इस फैसले का समर्थन करेगा. कोई भी देश भारत का विरोध नहीं कर सकता. हम 140 करोड़ लोगों की आबादी वाले देश हैं.” सरकार ने बृहस्पतिवार को अमेरिका में 50 प्रतिशत के भारी शुल्क का सामना कर रहे कपड़ा निर्यातकों की मदद के लिए कपास के शुल्क-मुक्त आयात को तीन महीने और बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दिया.

इससे पहले, 18 अगस्त को वित्त मंत्रालय ने 19 अगस्त से 30 सितंबर तक कपास के आयात पर शुल्क में छूट दी थी. केजरीवाल ने दावा किया, ”भारत अमेरिका से आयातित कपास पर 11 प्रतिशत शुल्क लगाता था. इसका मतलब था कि अमेरिकी कपास घरेलू कपास से महंगा था. लेकिन मोदी सरकार ने 19 अगस्त से 30 सितंबर तक इस शुल्क को माफ करने का फैसला किया है. इसका मतलब है कि कपड़ा उद्योगों को सस्ता कपास मिलेगा. जब अक्टूबर में हमारा कपास बाजार में बिक्री के लिए आएगा, तो खरीदार कम होंगे.” उन्होंने कहा कि इस फैसले से तेलंगाना, पंजाब, विदर्भ और गुजरात के किसान सबसे अधिक प्रभावित होंगे.

उन्होंने कहा, ”हम सभी जानते हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है. हमें 11 प्रतिशत शुल्क को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करना चाहिए था, न कि इसे पूरी तरह से माफ करना चाहिए था.” केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि केंद्र अमेरिकी कपास पर 11 प्रतिशत शुल्क फिर से लागू करे. आप प्रमुख ने कहा, ”सात सितंबर को आप इस मुद्दे पर गुजरात के चोटिला में एक विशाल जनसभा करेगी. मैं सभी राजनीतिक दलों और किसान संगठनों से इस मुद्दे को उठाने का आग्रह करता हूं. केंद्र सरकार के इस फैसले से चोटिला के किसान बुरी तरह प्रभावित होंगे.”

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