अपने अधिकारों को सुरक्षित रखते हुए दिये गए विवरण का पालन करुंगा: राहुल ने लोकसभा सचिवालय से कहा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 28 Mar 2023 09:01 PM
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नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपना सरकारी बंगला खाली करने के लोकसभा सचिवालय के नोटिस का मंगलवार को जवाब दिया और कहा कि वह इस नोटिस का पालन करेंगे, वहीं उनकी पार्टी के नेताओं ने सरकार पर उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया.
आपराधिक मानहानि के एक मामले में गत सप्ताह राहुल गांधी को सूरत की एक अदालत द्वारा दोषी करार दिये जाने के मद्देनजर लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किये जाने के बाद लोकसभा सचिवालय ने सोमवार को उन्हें नोटिस भेजकर 22 अप्रैल तक सरकारी बंगला खाली करने को कहा.

राहुल गांधी ने लोकसभा सचिवालय को पत्र लिखकर कहा, ‘‘12 तुगलक लेन पर मेरे आवास को निरस्त करने के संबंध में 27 मार्च, 2023 के आपके पत्र के लिए शुक्रिया. पिछले चार कार्यकाल से लोकसभा सदस्य होने के नाते, यह जनता का जनादेश है, जिसके लिए मैं यहां बिताये समय की सुखद स्मृतियों का ऋणी हूं.’’ नोटिस भेजने वाली लोकसभा सचिवालय की एमएस शाखा को लिखे पत्र में राहुल ने कहा कि अपने अधिकारों को सुरक्षित रखते हुए वह सचिवालय के पत्र में दिये गये विवरण का पालन करेंगे.

लोकसभा की आवास समिति के निर्णय के बाद सचिवालय ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को नोटिस भेजा जो 2005 से 12, तुगलक लेन स्थित बंगले में रह रहे हैं. बंगला छोड़ने के नोटिस को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वह पूर्व पार्टी अध्यक्ष को ‘धमकाने, डराने और अपमानित करने’ के सरकार के रवैये की ंिनदा करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी अपनी मां सोनिया गांधी के 10 जनपथ स्थित आवास पर उनके साथ रह सकते हैं. खरगे ने कहा कि वह खुद राहुल के लिए अपना घर खाली कर सकते हैं.

खरगे ने संसद के लिए निकलने से पहले अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘ वे उन्हें (राहुल गांधी) कमजोर करने के लिए सबकुछ करेंगे. वह अपनी मां के साथ रह सकते हैं या वह मेरे साथ रह सकते हैं, मैं उनके लिए (घर) खाली कर सकता हूं. मैं सरकार के धमकाने, डराने तथा अपमानित करने के इस रवैये की ंिनदा करता हूं.’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘लोकतंत्र में कई बार हम तीन-चार महीने मकान के बिना रहे हैं. मुझे यह बंगला छह महीने बाद मिला. लोग दूसरों को अपमानित करने के लिए यह सब करते हैं. मैं इस रवैये की ंिनदा करता हूं.’’ राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने भी इस कदम के लिए सरकार की आलोचना करते हुए इसे ‘तुच्छ लोगों की संकीर्ण राजनीति’ करार दिया.

सिब्बल ने ट्वीट किया, ‘‘राहुल से बंगला खाली करने को कहा गया है. उनकी अंतरात्मा छुट्टी पर चली गयी है.’’ इस बारे में जब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से एक संवाददाता सम्मेलन में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह बंगला उनका नहीं, बल्कि जनता का है.
गुजरात में सूरत की एक अदालत ने ‘‘मोदी उपनाम’’ संबंधी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें बृहस्पतिवार को दोषी ठहराते हुए दो साल कारावास की सजा सुनाई थी. अदालत ने इसके बाद उन्हें जमानत भी दे दी ताकि वह एक महीने के अंदर किसी उच्च अदालत में फैसले को चुनौती दे सकें.

सजा सुनाये जाने के मद्देनजर उन्हें शुक्रवार को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दे दिया गया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी संसद सदस्य को उसकी सदस्यता समाप्त होने के एक महीने के अंदर सरकारी आवास खाली करना होता है. कांग्रेस ने राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिये जाने के खिलाफ पुरानी दिल्ली में लाल किले से चांदनी चौक स्थित टाउन हॉल तक मार्च निकालने की घोषणा की है. इसे ‘लोकतंत्र बचाओ मशाल शांति मार्च’ नाम दिया गया है जिसमें कांग्रेस सांसद मशाल लेकर निकलेंगे.

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