
नयी दिल्ली/श्रीनगर/चेन्नई. कांग्रेस ने बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मंगलवार को कहा कि प्रदेश में धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत करने में मदद के लिए वह गैर-भाजपा सरकार का समर्थन करेगी. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस प्रदेश में राष्ट्रीय जनता दल के फैसले और अपने विधायकों की राय के आधार पर आगे कदम उठाएगी तथा पार्टी के भीतर इस पर सहमति है कि सत्ता परिवर्तन होने पर वह गैर-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के साथ होगी. राज्य में कांग्रेस के 19 विधायक हैं.
कांग्रेस महासचिव तारिक अनवर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमारी लड़ाई वैचारिक है और हम सत्ता के लिए नहीं लड़ रहे हैं. कांग्रेस किसी भी गैर-भाजपा सरकार का सहयोग करेगी और धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत बनाने में मदद करेगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘नीतीश कुमार भाजपा का साथ छोड़ रहे हैं, इसलिए हम उनका सहयोग करेंगे.’’
देश में विपक्ष केवल भाजपा ही नहीं, ‘अधिनायकवादी’ सरकार के खिलाफ भी खड़ा है: महबूबा
पीपुल्स डोमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि देश में विपक्षी दल केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ही नहीं, उस ‘अधिनायकवादी’ सरकार के खिलाफ भी खड़ा है जो विपक्ष मुक्त भारत सुनिश्चित करने के लिए राज्य संस्थानों को ‘हथियार’ बना रही है.
महबूबा ने ट्वीट किया, ‘‘नीतीश कुमार और विपक्षी दल खुद को जिस स्थिति में पाते हैं, वह सिर्फ इसलिए नहीं है कि वे भाजपा का सामना कर रहे हैं. इसके बजाय वे एक अधिनायकवादी सरकार की ताकत का सामना कर रहे हैं, जो हर एजेंसी को हथियार बना रही है चाहे वह राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) हो या कोई अन्य एजेंसी हो, ताकि विपक्ष मुक्त भारत की स्थिति सुनिश्चित की जा सके.’’
भाजपा से अलग होने पर जदयू, वाम दलों ने की नीतीश कुमार की प्रशंसा
जनता दल (यूनाइटेड) ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘नए गठबंधन का नेतृत्व’ संभालने पर बधाई दी और वाम दलों ने भाजपा रहित गठबंधन में उनके प्रति अपना समर्थन दोहराया.
जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कुमार के राज्यपाल फागू चौहान से मिलने से पहले इस संबंध एक ट्वीट किया.
उन्होंने जदयू को महागठबंधन के समर्थन का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘नए स्वरूप में नए गठबंधन के नेतृत्व की जवाबदेही के लिए श्री नीतीश कुमार जी को बधाई. नीतीश जी आगे बढ़िए. देश आपका इंतजार कर कर रहा है.’’ इस बीच, महागठबंधन की एक प्रमुख सहयोगी भाकपा (माले) ने भी भाजपा से नाता तोड़ने के लिए कुमार की प्रशंसा की.
वामपंथी पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने फोन पर पीटीआई-भाषा से कहा, “नीतीश कुमार भाजपा से नाता तोड़ने के लिए प्रशंसा के पात्र हैं. जब वह नयी सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे तो हम मुख्यमंत्री के रूप में उनका समर्थन करेंगे.”
बिहार का घटनाक्रम राष्ट्रीय राजनीति में बदलाव का संकेत: विपक्षी दल
विपक्षी दलों ने बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि यह भाजपा की ‘धमकी की राजनीति’ की परिणति है तथा भारतीय राजनीति में बदलाव का संकेत है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘मार्च 2020 में, मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार को गिराने के लिए मोदी सरकार ने कोविड-19 लॉकडाउन को आगे बढ़ा दिया था. अब संसद सत्र निर्धारित समय से छोटा करना पड़ा, क्योंकि बिहार में उनकी गठबंधन सरकार जा रही है. उत्थान के बाद पतन तय होता है.’’
कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा का ओवर कॉन्फÞडिेन्स ही भाजपा का अभिशाप. अपने साथी दलों के प्रति उदासीनता भाजपा के पतन का कारण बनेगी. नीतीश कुमार के साथ बिहार निकल जाना राजनीतिक रूप से विपक्ष की एकता के लिए सौगÞात और भाजपा के लिए आत्मघाती सिद्ध होगा.’’ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा ने कहा, ‘‘भाजपा के अधिनायकवाद ने सहयोग के लिए गुंजाइश नहीं छोड़ी है. अकाली दल, शिवसेना के बाद जद(यू) इसकी ताजा मिसाल है. भाजपा और अन्नाद्रमुक के रिश्तों भी दरार है.’’ भाकपा सांसद विनय विश्वम ने कहा कि बिहार का घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि बदलाव हो रहा है.
विश्वम ने ट्वीट किया, ‘‘बिहार ने यह संकेत दिया है कि भारतीय राजनीति में बदलाव हो रहा है. इसका अंतिम नतीजा क्या होगा, यह प्रमुख दलों के दृष्टिकोण पर निर्भर करता है. वाम दल अपनी जिम्मेदार भूमिका का निर्वहन करेंगे.’’ तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डेरेक ओब्रायन ने दावा किया कि बिहार के घटनाक्रम के कारण ही सरकार ने संसद के मॉनसून सत्र को तय अवधि से पहले स्थगित करवा दिया.
नीतीश कुमार के राजग छोड़ने से विपक्ष को मजबूती मिलेगी: द्रमुक
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) ने मंगलवार को कहा कि उसके अध्यक्ष एम के स्टालिन के राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से लड़ने के दृष्टिकोण को बिहार में नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बाहर होने से गति मिली है.
द्रमुक के संगठन सचिव आर एस भारती ने कहा कि उनकी पार्टी के अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने केंद्र में
भाजपा का मुकाबला करने के लिए पिछले महीने हुए राष्ट्रपति चुनाव से काफी पहले विपक्षी दलों से हाथ मिलाने की जरुरत पर जोर दिया था. भारती ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा से लड़ने की उनकी पार्टी प्रमुख के दृष्टिकोण को अब गति मिली है और यह 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले और अधिक जोर पकड़ेगी.



