पार्टी का रुख बताने से पहले मलिक से बात करेंगे: अजित पवार

नवाब मलिक के 'अपमान' को लेकर सुले ने साधा भाजपा पर निशाना

नागपुर. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को कहा है कि वह नवाब मलिक की राजनीतिक संबद्धता पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के उनके गुट का रुख बताने से पहले पूर्व मंत्री से बात करेंगे ताकि वह उनकी स्थिति समझ सकें. उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने मलिक को राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को सत्ता पक्ष की सीट पर बिठाने का विरोध करते हुए अजित पवार को पत्र लिखा था. पवार ने इस पत्र के संबंध में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ”मैंने वह पत्र पढ़ा है.

सबसे पहली बात यह है कि नवाब मलिक साहेब कल पहली बार विधानसभा आए थे. इस बीच, मीडिया ने टीवी पर दिखाया कि वह कहां बैठे, क्यों बैठे और किसके साथ बैठे.’ अजित पवार ने कहा कि उनका राकांपा समूह दो जुलाई को सत्तारूढ़ गठबंधन ‘महायुति’ में शामिल हुआ था और मलिक यह सब होने के बाद विधानसभा में आए.

उन्होंने कहा, ”मैं उनका (मलिक का) पक्ष सुनने के बाद अपना और अपनी पार्टी का रुख सामने रखूंगा.” फडणवीस ने बृहस्पतिवार को अजित पवार को पत्र लिखकर धनशोधन मामले में आरोपी मलिक को सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन में शामिल करने पर अपनी आपत्ति जताई थी.

भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों से जुड़े धनशोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने फरवरी 2022 में मलिक को गिरफ्तार किया था. फिलहाल वह चिकित्सकीय आधार पर जमानत पर हैं. मलिक ने बृहस्पतिवार को यहां महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में भाग लिया. वह सदन में सबसे अंतिम पंक्ति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट के एक विधायक के पास में बैठे थे. जेल से रिहाई के बाद मलिक ने पहली बार विधानमंडल के सत्र में हिस्सा लिया था.

नवाब मलिक के ‘अपमान’ को लेकर सुले ने साधा भाजपा पर निशाना

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ह्लभ्रष्ट जुमला पार्टीह्व बताया है और उस पर महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक का ह्लअपमानह्व करने व अजित पवार समूह को “फंसाने” का आरोप लगाया है.

उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने मलिक को सता पक्ष की सीट पर बिठाने का विरोध करते हुए अजित पवार को पत्र लिखा था, जिसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुले ने कहा, ”मैंने वह पत्र पढ़ा है और जिस तरह से नवाब मलिक का अपमान किया गया है वह गलत है.” उन्होंने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ह्लभ्रष्ट जुमला पार्टीह्व बन गई है और उसने अजित पवार समूह को “फंसाया” है.

फडणवीस ने बृहस्पतिवार को अजित पवार को पत्र लिखकर धनशोधन मामले में आरोपी मलिक को सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन में शामिल करने पर अपनी आपत्ति जताई थी. भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों से जुड़े धनशोधन के मामले में ईडी ने फरवरी 2022 में मलिक को गिरफ्तार किया था. फिलहाल वह चिकित्सकीय आधार पर जमानत पर हैं.

मलिक ने बृहस्पतिवार को यहां महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में भाग लिया. वह सदन में सबसे अंतिम पंक्ति में, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट के एक विधायक के पास में बैठे थे. जेल से रिहाई के बाद मलिक ने पहली बार विधानमंडल के सत्र में हिस्सा लिया था.

फडणवीस ने अजित पवार को लिखे पत्र में कहा था कि एक विधायक के तौर पर मलिक को विधानमंडल के सत्र में हिस्सा लेने का अधिकार है और ”हमें (भाजपा को) उनसे कोई निजी दुश्मनी या वैमनस्य नहीं है.” पत्र में उन्होंने आगे लिखा ”बहरहाल, वह जिन आरोपों का सामना कर रहे हैं उन्हें देखते हुए हमारी राय है कि उन्हें महायुति में शामिल करना उचित नहीं होगा.” महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पवार को लिखे पत्र में यह भी कहा कि मलिक स्वास्थ्य संबंधी कारणों से जमानत मिलने की वजह से जेल से बाहर आए हैं.

उन्होंने पत्र में लिखा ”हम मानते हैं कि आपकी पार्टी में किसे शामिल करना चाहिए, यह तय करने का अधिकार आपको है. लेकिन (महायुति के) हर घटक को सोचना होगा कि क्या इससे गठबंधन को नुकसान होगा. इसलिए हम इसका विरोध करते हैं.”

Related Articles

Back to top button