नयी दिल्ली. दक्षिण दिल्ली में शुक्रवार सुबह साकेत अदालत के अंदर वकील के भेष में एक व्यक्ति ने एक महिला को गोली मार दी जिससे अदालत परिसर में दशहत फैल गई और राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था को लेकर प्रश्न उठने लगे. पुलिस ने बताया कि साकेत अदालत में वकील रहे इस व्यक्ति ने 25 लाख रुपये को लेकर चल रहे विवाद में महिला के विरूद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा रखा था जिसकी आज (शुक्रवार को) सुनवाई होनी थी.
इस घटना के जो वीडियो सामने आये हैं उनमें नजर आ रहा है कि अदालत परिसर में एक भवन के बाहर दोनों के बीच बहस हो रही है, फिर यह व्यक्ति अपनी बंदूक निकालता है एवं महिला के पीछे दौड़ता है. यह व्यक्ति बहुत करीब से उसपर दो राउंड गोलियां चलता है, महिला उसके साथ धक्कामुक्की करती है और मदद के लिए चिल्लाती है. उसके बाद यह व्यक्ति उसपर तीसरा राउंड गोलियां दागता है.
वहां मौजूद लोग दहशत में इधर-उधर भागते हैं और एक व्यक्ति यह कहते हुए सुना जा सकता है,‘अरे कोई इस महिला को बचाओ.’
उसके बाद हमलावर भवन के अंदर भाग जाता है तथा महिला को मौके पर मौजूद लोग एवं सुरक्षाकर्मी ले जाते हैं. प्रत्यक्षर्दिशयों का कहना है कि करीब साढ़े दस बजे के दौरान कम से कम दो और राउंड गोलियां दागी गयीं. पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) चंदन चौधरी ने कहा, ‘‘एम राधा (40) को दो गोलियां लगी हैं. एक गोली उसके पेट और एक गोली हाथ में लगी है. उसे साकेत स्थित मैक्स अस्पताल ले जाया गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.’’ उन्होंने बताया कि हमलावर भवन के पीछे के दरवाजे से भागने में कामयाब रहा तथा उसे पकड़ने के लिए टीम बनायी गयी हैं.
चौधरी ने कहा, ‘‘उसने पीड़िता और वकील राजेंद्र झा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कराया था.’’ इस घटना के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल ने ट्विटर पर कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है. इस घटना का एक वीडियो साझा करते हुए उन्होंने सवाल किया, ‘‘ उपराज्यपाल साहब, हमारी दिल्ली में यह क्या हो रहा है?’’
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘दिल्ली में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है. दूसरों के कामों में अड़चन पैदा करने और हर बात पर गंदी राजनीति करने की बजाय सभी को अपने-अपने काम पर ध्यान देना चाहिये.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई इसे संभाल नहीं पा रहा, तो उसे इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि कोई और इसकी जिम्मेदारी ले सके. लोगों की सुरक्षा रामभरोसे नहीं छोड़ी जा सकती.’’ दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इस घटना को लेकर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए क्योंकि पुलिस उन्हें ही रिपोर्ट करती है.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘उपराज्यपाल साहब के दो ही काम हैं – पुलिस और डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण). नये उपराज्यपाल साहब के आने के बाद दिल्ली की कानून व्यवस्था लगातार बद से बदतर हो गयी है. अदालतों में गोलियां चल रही हैं. पुलिस 350 करोड़ के भ्रष्टाचार में डूबी है.’’ एक पुलिस सूत्र ने बताया कि आरोपी एक वकील था, जिसे साकेत अदालत की बार एसोसिएशन ने पहले निलंबित कर दिया था. उसने बताया कि आरोपी ने महिला को कथित रूप से 25 लाख रुपए ब्याज पर उधार दिए थे और वह उसका भुगतान नहीं कर रही थी.
‘साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन’ के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने पुष्टि की कि आरोपी वकील की सदस्यता एसोसिएशन ने निलंबित कर दी थी. उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए और कानूनी पेशे से जुड़े लोगों को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करना चाहिए. इससे पहले, वकील बनकर आए दो लोगों ने 2021 में जेल में बंद गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की रोहिणी अदालत कक्ष में गोली मारकर हत्या कर दी थी.