जयपुर. कांग्रेस नेता अलका लांबा ने सोमवार को मांग की कि संसद में पारित महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा के 2024 में होने वाले आम चुनाव में लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल 2017 में महिला आरक्षण बिल को पारित कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिला था, लेकिन पांच साल बाद भी कुछ खास नहीं हुआ क्योंकि केंद्र ने शर्तें रखीं.
लांबा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, ”हमारी मांग है कि हाल में जो महिला आरक्षण विधेयक संसद से पास हुआ है, उसे 2024 के लोकसभा चुनाव में लागू किया जाए. भाजपा सरकार ने जो भी बाधाएं डाली हैं कि पहले जनगणना होगी, फिर परिसीमन होगा और फिर आरक्षण दिया जाएगा, हम ये चाहते हैं शर्तें हटाई जाएं और कानून तुरंत लागू किया जाये.”
उन्होंने कहा कि राजस्थान ने राजग को 25 सांसद दिए, लेकिन किसी भी सांसद ने महिला आरक्षण विधेयक लाने की मांग नहीं की. लांबा ने आरोप लगाया , ”केंद्र की भाजपा सरकार ओबीसी विरोधी है. जनसंख्या के आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए, लेकिन केंद्र ओबीसी, दलित और आदिवासियों को उनके अधिकारों से वंचित रखना चाहता है.”
उन्होंने कहा “हम चाहते हैं कि जनगणना हो लेकिन जनगणना को महिला आरक्षण से जोड़ना अन्याय है.” उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक का श्रेय लेना चाहती है, जो पूरी तरह से ‘जुमला’ है.
लांबा ने आरोप लगाया, “इसे 2024 लोकसभा में लागू करने से कौन रोक रहा है? यह आरएसएस है जो रोक रहा है, इसकी विचारधारा और सोच इसे रोक रही है.”