ACTION : कार्य में कोताही, मंडी बोर्ड के अपर संचालक एक्का को नोटिस, मंडी सचिव पोर्ते को भी नोटिस जारी

Author: Anil Dwedi
UPDATED: Mon, 21 Sep 2026 08:57 PM
ACTION : कार्य में कोताही, मंडी बोर्ड के अपर संचालक एक्का को नोटिस, मंडी सचिव पोर्ते को भी नोटिस जारी

प्रतीकात्मक तस्वीर

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रायपुर. कार्यालयीन कार्य में कोताही बरतने पर छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड के अपर संचालक कमलेश एक्का को नोटिस जारी कर जानकारी तत्काल प्रस्तुत करने कहा गया है अन्यथा एक पक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

अपर संचालक पर कार्यालय कार्य पर रुचि नहीं लेने का आरोप है। इसी तरह रामानुजगंज मंडी सचिव मालिक राम पोर्ते को भी नोटिस जारी किया गया है एवं तीन दिन में जवाब पेश करने कहा गया है। इन पर प्रबंध संचालक की संविदा नियुक्ति समाप्त करने को लेकर कर्मचारियों को भ्रमित करने एवं हस्ताक्षर अभियान चलाने का आरोप है।

बता दे पिछले दिनों एक पत्राकारवार्ताअ लेकेर मंडी कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष मालिक राम पोर्ते एवं अपर संचालक कमलेश एक्का ने मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक की संविदा नियुक्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाया था एवं कृषि विभाग के साथ साथ सरकार की छवि धूमिल करने प्रयास था।

बहरहाल मंडी बोर्ड द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि अपर संचालक कमलेश एक्का की रुचि अपने कार्यों के प्रति नहीं है। मुख्य सचिव द्वारा चाही गई जानकारी देने में कोताही बरती जा रही है। विभागीय बैठक के सिलसिले में मुख्य सचिव ने वर्ष 2024-2025 एवं 2025 -2026 में बकाया मंडी शुल्क, कृषक कल्याण शुल्क एवं निराश्रित शुल्क के संबंध में जानकारी मांगी थी लेकिन उक्त संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई जो कार्यालयीन कार्य के प्रति अरुचि एवं गंभीर अनुशासनहीनता को दर्शाता है। समय पर जवाब नहीं देने पर उनके विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इसी तरह रामानुजगंज के मंडी सचिव श्री पोर्ते के खिलाफ भी आनुशासनहीनता के गंभीर आरोप है। श्री पोर्ते ने मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक की संविदा नियुक्ति समाप्त करने हस्ताक्षर अभियान चलाया, बल्कि डरा धमकाकर कर्मचारियों के हस्ताक्षर करवाया । इतना ही नहीं विभाग की अनुमति के बिना प्रेस वार्ता लेकर मंडी बोर्ड के साथ सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई जो मंडी बोर्ड के हितों के प्रतिकूल है । मंडी सचिव मालिआ राम पोर्ते को छत्तीसगढ राज्य मंडी बोर्ड सेवा विनियम 1998 के नियम 50 (1), 50(5), 50 (15), 50 (17), 50 (23), विनियम 58, विनियम 65 तथा विनियम 67 के उलंधन का दोषी पाया गया है । संतोषप्रद जवाबा नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।

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By Anil Dwedi

नवभारत समाचार के वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार। निष्पक्ष पत्रकारिता एवं ताज़ा घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्टिंग।