गुवाहाटी के एक होटल में हुई गोलीबारी की घटना में पांच लोगों की मौत और एक व्यक्ति के घायल होने के मामले में आरोपी को सोमवार सुबह कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच घटनास्थल पर ले जाया गया, जहां अपराध का दृश्य दोहराया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस हिरासत में रखे गए घनकांत गोगोई को सोमवार सुबह बोरा र्सिवस इलाके स्थित होटल बिलास इन लाया गया।
उसे पहले होटल के अंदर ले जाया गया, जहां उसने चार लोगों की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या की थी। इसके बाद उसे होटल तक जाने वाली संकरी गली में भी ले जाया गया, जहां उसने दो अन्य लोगों पर गोली चलाई थी जिनमें से एक व्यक्ति गोलीबारी में बच गया था।
अपराध का दृश्य दोहराने की प्रक्रिया के दौरान आरोपी गली में अलग-अलग जगहों की ओर इशारा करते और कुछ बताते हुए दिखाई दिया। इस दौरान घटनाक्रम को दोहराने के लिए डमी का इस्तेमाल किया गया।
पुलिसकर्मी कई कैमरों से पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करते नजर आए। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और किसी भी व्यक्ति या मीडियाकर्मी को होटल अथवा गली के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई। 34 वर्षीय कारोबारी गोगोई 26 अक्टूबर को होटल में हुई गोलीबारी का मुख्य आरोपी है। होटल के मालिकों और पट्टेदार के बीच होटल के प्रबंधन को लेकर विवाद के बाद यह घटना हुई थी।
होटल के पट्टेदार गोगोई को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके पास से लाइसेंसी .32 बोर की पिस्तौल भी बरामद की गई थी, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर अपराध में किया गया था। असम पुलिस ने गोलीबारी की घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है। मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि हमला सुनियोजित था। उन्होंने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
हालांकि, बाद में एसआईटी में शामिल छह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में से तीन का तबादला कर दिया गया। होटल जिस गुवाहाटी सेंट्रल पुलिस जिले में स्थित है, वहां के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी का भी तबादला किया गया है। गुवाहाटी की एक स्थानीय अदालत ने आरोपी को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। उसे तीन नवंबर को फिर अदालत में पेश किया जाना है।
मृतकों की पहचान भूदेव भराली (65), उनकी बहन हेलेना (58), उनके बेटे देर्बिष कश्यप (39), बहू रिनिका कश्यप (30) और परिवार के कर्मचारी नारायण दास (48) के रूप में हुई है। गोलीबारी में भराली परिवार का चालक सत्येंद्र पाठक (43) भी घायल हुआ था। बाद में पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, भराली परिवार ने 10 सितंबर 2025 को आरोपी के साथ पांच साल का पट्टा समझौता किया था। इसके तहत करीब 1.8 लाख रुपये मासिक किराया तय किया गया था। बयान में कहा गया कि आरोपी द्वारा संपत्ति का नवीनीकरण कराए जाने के बाद परिसर के इस्तेमाल और कुछ सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर मतभेद पैदा हो गए थे। इन मुद्दों को सुलझाने के लिए सोमवार को होटल में बैठक तय की गई थी। हालांकि, बैठक शुरू होने से पहले ही कहासुनी बढकर मारपीट में बदल गई, जिसके बाद गोगोई ने छह लोगों पर गोली चला दी।