मध्यप्रदेश के देवास जिले में सोमवार तड़के अवैध शराब से भरे ट्रक से कुचलकर खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के मामले में पुलिस ने मदिरा की तस्करी से जुड़ी पूरी कड़ी की पहचान कर ली है और आरोपियों को पकड़ने के लिए पांच जिलों में उसके दल सक्रिय हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
विशेष पुलिस महानिदेशक उपेन्द्र जैन ने घटनास्थल के मुआयने के बाद संवाददाताओं से कहा, ”घटना के सभी पहलुओं की जांच जारी है। हमारे दल पांच जिलों में सक्रिय हैं। हम पूरी तरह पहचान कर चुके हैं कि अवैध शराब कहां से आई थी, कहां जा रही थी और इसे कौन ले जा रहा था।” उन्होंने कहा कि पुलिस सभी आरोपियों और संदिग्धों को जल्द से जल्द हिरासत में लेने के प्रयासों में जुटी है।
गिरफ्तारियों के बारे में पूछे जाने पर जैन ने कहा,”अभी मेरे लिए बताना उचित नहीं होगा कि कौन लोग पकड़े गए हैं। अभी मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि अवैध शराब तस्करी की पूरी कड़ी से जुड़े लोगों की पहचान हो गई है।” इस बीच, पुलिस निरीक्षक पुरी का शव जब इंदौर में उनके घर पर लाया गया, तो उनके परिजन विलाप में डूब गए।
इस दौरान उनके साथ काम कर चुके पुलिसर्किमयों की आंखें भी नम नजर आईं। देवास के पूर्व पुलिस अधीक्षक और वर्तमान में भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर तैनात पुनीत गेहलोद ने अपने सहकर्मी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा,”पुरी के निधन की घटना स्तब्ध करने वाली है। राज्य का पूरा पुलिस बल उनके परिवार के साथ खड़ा है।” इससे पहले, देवास जिले में पुरी के शव का पोस्टमॉर्टम कराये जाने के बाद पुलिस र्किमयों ने उन्हें ‘गार्ड आॅफ आॅनर’ के साथ राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई दी।
अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब की तस्करी की सूचना पर सोमवार तड़के खातेगांव थाना प्रभारी पुरी पुलिस दल के साथ इंदौर-बैतूल राजमार्ग पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया,”पुरी ने 1,800 से ज्यादा लीटर शराब से भरे ट्रक को रोककर चालक से पूछताछ करने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने पुलिस से बचकर भागने के लिए ट्रक सड़क के डिवाइडर पर चढ़ा दिया। इस दौरान वाहन का पिछला पहिया थाना प्रभारी के ऊपर से गुजर गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए।” अधिकारियों के मुताबिक पुरी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।