क्या हो यदि आपको जेब में चाबियां रखने, पैसे का वॉलेट रखने या दर्जनों प्लास्टिक कार्ड से मुक्ति पानी हो। बस एक चिप अपने पंजे में फिर कीजिए और इन सबकी झंझट खत्म।
जी हां, स्वीडन में हजारों लोगों ने अपनी मर्जी से अपने हाथों में चावल के दाने जितने छोटे माइक्रोचिप लगवाए हैं। यह वहां की सरकार का कोई नियम या प्रोग्राम नहीं है, बल्कि लोगों ने अपनी सुविधा के लिए खुद ऐसा फैसला किया है।
यह एक छोटी सी चिप है, जिसे हाथ की त्वचा के नीचे डाल दिया जाता है। इसमें वही तकनीक होती है जो हमारे बिना छुए काम करने वाले (कॉन्टैक्टलेस) एटीएम कार्ड या मोबाइल फोन में होती है।
इस चिप को लगवाने के बाद लोगों को जेब में चाबियां, पैसे का वॉलेट या प्लास्टिक कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ती। वे सिर्फ अपना हाथ पास ले जाकर घर का दरवाजा खोल सकते हैं, ऑफिस में एंट्री कर सकते हैं या ट्रेन का टिकट दिखा सकते हैं।
स्वीडन के लोग नई तकनीक पर बहुत भरोसा करते हैं। वहां कैश (नकद) का इस्तेमाल पहले से ही लगभग बंद हो चुका है, इसलिए वहां के लोगों को इस तरह के डिजिटल बदलाव बहुत पसंद आते हैं।
यह तकनीक और इंसान के शरीर को जोड़ने का एक अनोखा तरीका है, जिसे वहां के लोगों ने अपनी मर्जी और शौक से अपनाया है।
इसे हाथ में फिट करने की प्रक्रिया बहुत ही सरल, सुरक्षित और तेज होती है। इसमें कोई बड़ी सर्जरी या टांके लगाने की जरूरत नहीं होती। आप इसे सुई से दवा लगाने (इंजेक्शन) जितना ही आसान समझ सकती हैं।
सबसे पहले हाथ के उस हिस्से को साफ किया जाता है जहाँ चिप लगानी है। आमतौर पर इसे अंगूठे और तर्जनी (index finger) उंगली के बीच की खाली त्वचा के नीचे फिट किया जाता है, क्योंकि वहाँ नसें कम होती हैं और दर्द कम होता है।
इस माइक्रोचिप को एक खास तौर पर तैयार की गई मोटी सुई (Syringe) के अंदर रखा जाता है। इस सुई की मदद से चिप को त्वचा के ठीक नीचे (Subcutaneous layer) धीरे से धकेल दिया जाता है। इसमें मुश्किल से कुछ सेकेंड का समय लगता है।
सुई को बाहर निकाल लिया जाता है और उस जगह पर एक साधारण सी पट्टी (Band-aid) लगा दी जाती है। बस अब आपका पंजा ही चाबी है।