वक्त बदला, तकनीक बदली, लेकिन छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से 22 किलोमीटर दूर स्थित सेमरा गांव की अनोखी परंपरा आज भी कायम है। जहां पूरे देश में दीपावली का त्योहार 8 नवंबर को मनाया जाएगा, वहीं सेमरा गांव के लोगों ने अपनी सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार 3 नवंबर, मंगलवार को ही धूमधाम से दिवाली मना ली। यहां हर बड़ा त्योहार निर्धारित तिथि से एक सप्ताह पहले मनाया जाता है। दिवाली ही नहीं, बल्कि होली, हरेली और पोला जैसे त्योहार भी इसी परंपरा के तहत मनाए जाते हैं। गांव की मौजूदा पीढ़ी भी इस परंपरा को पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ा रही है।
ग्राम देवता ‘सिदार देव’ से जुड़ी है परंपरा
इस अनोखी परंपरा के पीछे एक दिलचस्प मान्यता जुड़ी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, सदियों पहले गांव के लोक देवता ‘सिदार देव’ ने सपने में आकर गांव के पूर्वजों को आदेश दिया था कि गांव की सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए प्रत्येक त्योहार निर्धारित तिथि से ठीक एक सप्ताह पहले मनाया जाए। इसके बाद से ही ग्रामीणों ने अपने ग्राम देवता के आदेश को परंपरा के रूप में स्वीकार कर लिया। तभी से गांव में हर त्योहार एक सप्ताह पहले मनाने की परंपरा चली आ रही है।
परंपरा तोड़ने पर अनहोनी का डर
आधुनिक दौर में भले ही लोग इस तरह की मान्यताओं पर विश्वास न करें, लेकिन सेमरा गांव के लोगों की आस्था आज भी इस परंपरा से जुड़ी हुई है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस नियम का पालन नहीं किया गया तो गांव पर कोई आफत आ सकती है या कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। उनका कहना है कि अतीत में जब भी इस परंपरा को बदलने की कोशिश की गई, तब गांव को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यही वजह है कि आज की पढ़ी-लिखी युवा पीढ़ी भी इसे अपनी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा मानती है।
रिश्तेदारों की मेहमाननवाजी का भी मिलता है मौका
त्योहारों को निर्धारित तिथि से एक सप्ताह पहले मनाने के कारण सेमरा गांव अब प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका है। इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए दूर-दराज से लोग भी गांव पहुंचते हैं। गांव के युवाओं के मुताबिक, इस परंपरा का एक फायदा यह भी है कि इसके बहाने रिश्तेदारों से मिलने और उनकी मेहमाननवाजी करने का अवसर मिल जाता है। जब पूरे देश में दिवाली मनाई जाती है, तब सेमरा के लोग दूसरे स्थानों पर रहने वाले अपने रिश्तेदारों के घर त्योहार मनाने जाते हैं। वहीं, जब गांव में दिवाली मनाई जाती है तो रिश्तेदार और परिचित यहां जुटते हैं।
देखिए कैसी मनी दीवाली