एक योग शिक्षिका के साथ तथाकथित अश्लील हरकत करने का आरोप झेल रहे छत्तीसगढ़ के निलंबित पुलिस अधिकारी आइपीएस रतनलाल डांगी के खिलाफ महिला उत्पीड़न से जुड़े मामले में नया अपडेट सामने आया है।
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को एक लिखित पत्र में बताया है कि मामले की प्राथमिक जांच में लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए हैं इसलिए आईपीएस दीपांशु काबरा को जांचकर्ता अधिकारी और आईपीएस प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाने के लिए डीजीपी की ओर से प्रस्ताव गृह सचिव को भेजा गया है। इस मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।
याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में तर्क दिया गया था कि शिकायत की जांच ऐसे अधिकारियों से कराई जा रही है, जिनकी भूमिका को लेकर पीड़िता ने आपत्ति जताई है। याचिका में जांच अधिकारियों पर आरोपी अधिकारी को बचाने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया गया था। याचिका में यह भी कहा गया था कि आईजी आनंद छाबड़ा के खिलाफ महादेव सट्टा एप से जुड़े मामले में आपराधिक प्रकरण विचाराधीन है। ऐसे में उन्हें इस संवेदनशील मामले की जांच की जिम्मेदारी दिया जाना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में रतनलाल डांगी से संबंधित कथित अवैध चल-अचल संपत्तियों की जांच और वैधानिक कार्रवाई की मांग भी की थी। शिकायत में छत्तीसगढ़ के रायपुर, धरमपुरा, राजिम, कटघोरा और बिलासपुर के अलावा राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर कथित संपत्तियों का उल्लेख किया गया था। याचिकाकर्ता का आरोप था कि इन संपत्तियों से संबंधित शिकायत की जांच अधिकारियों ने उचित तरीके से नहीं की। मामले में 12 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इसे संवेदनशील मामला मानते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब प्रस्तुत करने को कहा था। इसके बाद 2 सितंबर 2026 को हुई सुनवाई में पुलिस विभाग की ओर से जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी।
जानते चलें कि एक महिला योग टीचर ने तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रतनलाल डांगी पर आरोप लगाया था कि उसने योग सीखने के लिए डांगी से संपर्क साधा था लेकिन कुछ ही दिनों बाद डांगी ने उनके व्हाट्सऐप नंबर पर कथित तौर पर अश्लील संदेश भेजने शुरू कर दिए। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि वीडियो कॉल के दौरान उनके साथ अश्लील व्यवहार किया जाता था। डांगी की कुछ अश्लील तस्वीरें भी महिला ने सबूत के तौर पर जांच अधिकारियों को उपलब्ध कराई हैं।
महिला का आरोप है कि डांगी पिछले 7 सालों से उसका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। वहीं, इस मामले में IPS डांगी का कहना है कि महिला उन्हें बदनाम करने और ब्लैकमेल करने के लिए ये सब कर रही है। फिलहाल DGP ने शिकायत की जांच के निर्देश दिए थे।