
कोलकाता: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं देने के कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज की थी कि वह SSKM अस्पताल के मेडिकल बोर्ड के सामने अपनी मेडिकल स्थिति की जांच कराने के लिए तैयार नहीं थे। अदालत का कहना था कि मेडिकल बोर्ड की विशेषज्ञ राय के आधार पर ही विदेश जाकर इलाज कराने की जरूरत का आकलन किया जा सकता है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को उनकी याचिका पर एक सप्ताह के भीतर सुनवाई करने को कहा था। यह पूरा मामला बनर्जी के खिलाफ दर्ज FIR और जांच के दौरान विदेश यात्रा की अनुमति से जुड़ी शर्तों के बीच चल रहा है।
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर अभिषेक बनर्जी मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होते, तो मेडिकल विशेषज्ञों की राय के आधार पर अदालत यह जांच कर सकती थी कि उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की वास्तव में जरूरत है या नहीं।
3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट से कहा था कि वह आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगने वाली अभिषेक बनर्जी की याचिका पर एक सप्ताह के भीतर सुनवाई करे। उस समय बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि याचिका में हाई कोर्ट के आदेश में बदलाव की मांग की गई है, ताकि TMC सांसद को मेडिकल इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति मिल सके।
अभिषेक बनर्जी को पहले हाई कोर्ट से क्या राहत मिली थी?
कलकत्ता हाईकोर्ट ने इससे पहले अभिषेक बनर्जी को जबरन कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा 6 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले 27 अप्रैल को एक जनसभा के दौरान विरोधी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित टिप्पणियों से जुड़ा था। राहत देते हुए हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को जांच में सहयोग करने और अपने पहले के आदेश के मुताबिक अदालत की अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं करने का निर्देश दिया था।
अंतरिम सुरक्षा को लेकर हाई कोर्ट ने क्या आदेश दिया था?
हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की अंतरिम सुरक्षा 6 अक्टूबर तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, बढ़ा दी थी। साथ ही अदालत ने कहा था कि अंतरिम सुरक्षा की शर्तों में बदलाव की मांग करने वाली TMC नेता की याचिका पर अगस्त में सुनवाई की जाएगी। हालांकि, उस समय सुनवाई के लिए कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई थी।
विदेश जाकर इलाज कराने की मांग पर हाई कोर्ट का रुख क्या था?
हाई कोर्ट ने पहले कहा था कि जांच जारी रहने के दौरान वह याचिकाकर्ता को विदेश यात्रा की अनुमति देने के पक्ष में नहीं है। अदालत ने यह भी कहा था कि कोलकाता में आंखों के इलाज के लिए कई नामी और प्रतिष्ठित क्लिनिक मौजूद हैं।



