
दीर अल बलाह/बेरूत. मध्य गाजा में शरणार्थी शिविर के रूप में उपयोग में लाये जा रहे एक विद्यालय भवन पर बृहस्पतिवार को इजराइल के हमले में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गयी. फलस्तीनी चिकित्सा अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जान गंवाने वालों में ज्यादातर महिलाएं एवं बच्चे हैं.
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि इजराइल ने हमास को ‘प्रभावी तरीके से तहस-नहस’ करने के अपने मकसद को हासिल कर लिया है और आने वाले दिनों में संघर्ष विराम तथा दर्जनों इजराइली बंधकों को मुक्त कराने पर वार्ता बहाल होगी. अवदा अस्पताल के अनुसार, यह हमला नुसीरात के एक शरणार्थी शिविर पर हुआ जिसमें 32 लोग घायल भी हुए हैं.
अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार, इस हमले में जिन लोगों की मौत हुई है उनमें 18 साल तक के 13 बच्चे एवं तीन महिलाएं शामिल हैं.
इजराइली सेना ने कहा कि उसने स्कूल पर हमास आतंकवादियों को निशाना बनाकर यह हमला किया. इजराइल ने हाल के महीनों में ऐसे शरणार्थी शिविरों (विद्यालयों) पर यह कहते हुए कई हमले किये हैं कि वह आम नागरिकों के बीच छिपे हमास आतंकवादियों को निशाना बनाता है. इन हमलों में अक्सर महिलाओं और बच्चों की जान जाती है. कतर में ब्लिंकन ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि ‘आगामी दिनों में’ फिर वार्ता होगी. कतर, इजराइल एवं हमास के बीच महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा चुका है.
युद्ध शुरू होने के बाद से इस क्षेत्र की अपनी 11वीं यात्रा पर आये ब्लिंकन ने कहा, ”हमें वास्तव में यह निर्धारित करना है कि क्या हमास (संवाद) के लिए तैयार है.” पिछले सप्ताह गाजा में इजराइली सेना द्वारा हमास के शीर्ष नेता या’ा सिनवार की हत्या के बाद अमेरिका वार्ता बहाल करने की आशा कर रहा है, लेकिन दोनों पक्षों में से किसी ने भी महीनों से चल रही वार्ता के बाद अपनी मांगों में नरमी लाने का कोई संकेत नहीं दिया है. यह वार्ता र्गिमयों में रुक गई थी.
ब्लिंकन ने फलस्तीनियों के लिए 13.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त अमेरिकी सहायता की भी घोषणा की. उन्होंने इजराइल से क्षेत्र में और अधिक सहायता पहुंचाने देने की अपील भी की. हमास की अगुवाई वाले आतंकवादियों द्वारा सात अक्टूबर 2023 को इजराइल में हमला करने, 1200 लोगों की जान लेने तथा 250 अन्य लोगों को अगवा करने के बाद यह लड़ाई शुरू हुई थी. करीब 100 बंधक अब भी गाजा में ही हैं और माना जाता है कि उनमें एक तिहाई की मौत हो चुकी है.
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इजराइल की जवाबी सैन्य कार्रवाई में 42,000 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हुई है. हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि उनमें कितने लड़ाके थे. उसने यह जरूर कहा है कि जान गंवाने वालों में आधे से अधिक महिलाएं एवं बच्चे थे. इजराइली सेना का कहना है कि उसने 17,000 से अधिक लड़ाकों को मार गिराया है. उसने इस संबंध में कोई सबूत नहीं दिया. इस लड़ाई के चलते गाजा की 23 लाख की जनसंख्या में से करीब 90 फीसदी लोग विस्थापित हो गये हैं.
इजराइली हमले में लेबनान की सेना के अधिकारी समेत तीन सैनिकों की मौत
लेबनान की सेना ने कहा कि इजराइल के एक हमले में एक अधिकारी समेत उसके तीन सैनिकों की मौत हो गई. लेबनानी सेना की ओर से ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई. हमला तब किया गया जब लेबनान के सैनिक देश के दक्षिणी हिस्से में घायल लोगों को बचाने का काम कर रहे थे.
सेना के पोस्ट में कहा गया कि हमला दक्षिणी शहर यातेर के बाहरी इलाके में हुआ. सेना का कहना है कि सितंबर में इजराइल और हिजबुल्ला के बीच चौतरफा युद्ध छिड़ने के बाद से इजराइल के बलों ने आठ बार उसे निशाना बनाया. इजराइली सेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह इस बात की जांच कर रही है कि हिजबुल्ला के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के दौरान ‘लेबनानी’ सेना के कई सैनिकों को गलती से नुकसान पहुंचा था या नहीं.
इजराइली सेना ने एक बयान में कहा कि वह जानबूझकर लेबनान के सैनिकों को निशाना नहीं बनाती है. इससे पहले इजराइल ने रविवार को हुए हमले के लिए खेद जताया था जिसमें तीन लेबनानी सैनिक मारे गए थे. इजराइल ने कहा था कि उसने उस क्षेत्र में एक वाहन को निशाना बनाया था जहां हिजबुल्ला ने हाल में हमले किये थे, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि वह वाहन लेबनान की सेना का था. नवीनतम संघर्ष से लेबनान के सशस्त्र बलों ने किनारा कर लिया है. लेबनान की सेना इतनी शक्तिशाली नहीं है कि वह हिजबुल्ला पर अपनी इच्छा थोप सके या इजराइल के जमीनी हमले का विरोध कर सके.
ब्लिंकन ने गाजा को 13.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने फलस्तीनियों को 13.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है.
ब्लिंकन ने कहा कि यह अहम है कि सहायता गाजा तक पहुंचे. ब्लिंकन ने गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से इस क्षेत्र की अपनी 11वीं यात्रा के दौरान कतर में बृहस्पतिवार को यह ऐलान किया. अमेरिका ने इजराइल पर युद्ध से तबाह फलस्तीनी क्षेत्र में और अधिक सहायता की अनुमति देने का दबाव बनाया है.



