इजराइल से 230 भारतीयों को विशेष विमान से शुक्रवार को वापस लाये जाने की उम्मीद

भारतीय दूतावास ने फंसे हुए भारतीयों से संपर्क साधने का प्रयास तेज किया

नयी दिल्ली/तेल अवीव. ‘ऑपरेशन अजय’ के तहत लगभग 230 भारतीयों को एक विशेष विमान (चार्टर्ड उड़ान) से शुक्रवार को इजराइल से वापस लाए जाने की उम्मीद है. यह जानकारी विदेश मंत्रालय (एमईए) ने दी. भारत ने यह अभियान उन भारतीयों की वापसी को सुविधाजनक बनाने के लिए शुरू किया है जो स्वदेश वापस आना चाहते हैं, क्योंकि सप्ताहांत में हमास आतंकवादियों द्वारा इजराइली शहरों पर किए गए सिलसिलेवार हमलों से क्षेत्र में नया तनाव उत्पन्न हो गया है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बृहस्पतिवार को एक प्रेसवार्ता में कहा कि चार्टर्ड उड़ान के आज शाम तेल अवीव पहुंचने की उम्मीद है और यह शुक्रवार को लगभग 230 भारतीयों के पहले जत्थे को वापस लाएगी. उन्होंने कहा, ”हम स्थिति पर करीब नजर रखे हुए हैं.” इजराइली शहरों पर हमास के हमलों पर बागची ने कहा कि भारत इन्हें आतंकवादी हमला मानता है. फलस्तीन के मुद्दे पर भारत के रुख संबंधी एक सवाल पर उन्होंने कहा कि नयी दिल्ली ने इजराइल के साथ शांतिपूर्ण सहअस्तित्व वाले एक संप्रभु एवं व्यवहारिक फलस्तीन देश की स्थापना के लिए सीधी बातचीत फिर से शुरू करने की हमेशा वकालत की है.

भारतीय दूतावास ने फंसे हुए भारतीयों से संपर्क साधने का प्रयास तेज किया

तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने इजराइल की फलस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के साथ जारी लड़ाई के बीच भारतीयों से संपर्क करने का गहन अभियान शुरू किया है. भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने बताया कि वे भारतीय कपंनियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर रहे हैं, भारत जाने वाली उड़ानों की सूचना ई-मेल के जरिये भेज रहे हैं, भारतीय छात्रों को हर तरह की मदद का भरोसा दे रहे हैं और उनकी चिंताओं का समाधान करने की कोशिश कर रहे हैं, भारतीय नर्सों के साथ बैठक कर रहे हैं जिनकी इजराइल में मौजूद भारतीयों में सबसे अधिक संख्या है.

इजराइल ने सात अक्टूबर को गाजा में सत्तारूढ़ इस्लामिक आतंकवादी समूह हमास द्वारा जल, नभ और थल से किए गए हमले के बाद संगठन के खिलाफ अभूतपूर्व जवाबी कार्रवाई करने का संकल्प लिया है. हमले के छठे दिन इजराइली सेना ने बताया कि उनके देश में 189 सैनिकों सहित 1200 लोग मारे गए हैं जबकि गाजा में इजराइल की जवाबी कार्रवाई में कम से कम 1200 लोग मारे गए हैं.

इजराइल में फंसे भारतीयों को स्वदेश ले जाने के लिए पहले विशेष विमान के बृहस्पतिवार की शाम को बेन गुरियन हवाई अड्डे से रवाना होने की उम्मीद है. सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इजराइल में रहने वाले करीब 230 भारतीय ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर रात नौ बजे की उड़ान से भारत के लिए रवाना होंगे.

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर बृहस्पतिवार को पोस्ट किया, ”उप राजदूत राजीव बोडवाडे और वाणिज्यिक प्रतिनिधि नवीन रामकृष्ण ने इजराइल में भारतीय कंपनियों से संवाद किया और उनकी आशंकाओं को दूर कर यथासंभव मदद का भरोसा दिया.” इससे पहले बुधवार रात को दूतावास ने घोषणा की कि उसने ”पंजीकृत भारतीयों को कल की उड़ान की जानकारी ई-मेल के जरिये दी है. अगली उड़ानों की जानकारी अन्य पंजीकृत व्यक्तियों को दी जाएगी.” इजराइल में इस समय करीब 18 हजार भारतीय रह रहे हैं जिनमें नर्स, छात्र, कई आईटी पेशेवर और हीरा कारोबारी हैं.

दूतावास ने करीब दो दर्जन युवाओं से चर्चा को लेकर हुई बैठक की तस्वीर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए पोस्ट किया, ”सभी छात्रों को हर संभव सहायता का भरोसा देते हैं. प्रथम सचिव विशाल ने तेल अवीव विश्वविद्यालय में हमारे कुछ छात्रों से उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए मुलाकात की.”इससे पहले इसी तरह की बैठक र्निसंग सेवा से जुड़े भारतीयों के साथ हुई थी. दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ”इजराइल में हमारे र्निसंग सेवा से जुड़े कर्मी सालों से इजराइली समाज की सहायता के आधार रहे हैं. काउंसिलर दिनेश ने आज उनमें से कुछ से मुलाकात की और मौजूदा स्थिति पर चर्चा की एवं उन्हें मदद का आश्वसन दिया.”

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