प्रस्थान समय में बदलाव की सूचना नहीं मिलने से सिंगापुर नहीं जा सके 32 यात्री, ‘स्कूट’ एयरलाइन ने मांगी माफी

अमृतसर/नयी दिल्ली/सिंगापुर. पंजाब के अमृतसर में श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बुधवार को 32 यात्रियों की सिंगापुर की उड़ान छूट गई, क्योंकि उनके बुंिकग एजेंट ने विमान के प्रस्थान समय में बदलाव के बारे में उन्हें सूचित नहीं किया. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस घटना पर एयरलाइन से रिपोर्ट मांगी है.

स्कूट एयरलाइन के एक प्रवक्ता ने कहा कि मौसम की खराब परिस्थितियों के कारण उड़ान का प्रस्थान समय प्रभावित हुआ. विमान निर्धारित समय के अनुसार बुधवार को शाम 7:55 बजे उड़ान भरने वाला था, लेकिन अमृतसर से प्रस्थान का समय अपराह्न तीन बजकर 45 मिनट पर पुर्निनर्धारित किया गया था. इस बारे में जहां तक संभव हो सका यात्रियों को सूचित किया गया. अमृतसर हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उड़ान के लिए लगभग 300 यात्री थे.

श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निदेशक वी के सेठ ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ सभी बुंिकग एजेंटों को समय पर सूचित कर दिया गया था और उन्होंने अपने ग्राहकों को इस बारे में सूचना दे दी थी. लेकिन, केवल एक एजेंट अपने यात्रियों को सूचित नहीं कर सका और क्यों नहीं कर सका, ये वही बता सकता है.’’ उन्होंने कहा कि विमान में सवार हुए 263 यात्री समय पर हवाई अड्डे पर पहुंच गए थे.

वी के सेठ ने कहा, ‘‘ यदि हम उड़ान के समय में बदलाव की बात करें तो एक उचित प्रक्रिया का पालन किया गया था, क्योंकि ऐसा सभी संबंधित प्राधिकरणों के अलावा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से पूर्व मंजूरी के साथ किया जाता है.’’ स्कूट सिंगापुर एयरलाइंस की एक सहायक कंपनी है, जो लोगों को कम लागत पर सेवाएं प्रदान करती है. डीजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ हमने एक रिपोर्ट मांगी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे. ’’

‘स्कूट’ एयरलाइन ने उड़ान का समय बदलने से प्रभावित यात्रियों से माफी मांगी

बजट एयरलाइन ‘स्कूट’ ने अमृतसर से सिंगापुर आने वाली उड़ान के समय में बदलाव करने की वजह से यात्रियों को हुई परेशानी के लिए बृहस्पतिवार को माफी मांगी. सिंगापुर एयरलाइन की सहायक कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ स्कूट असुविधा के लिए माफी मांगती है. फिलहाल, हम प्रभावित ग्राहकों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहे हैं.’’

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