ओडिशा में 51 बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े गए, 49 को वापस भेजा गया: माझी

भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद से राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों में 51 बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान की और उनमें से 49 को उनके देश वापस भेज दिया गया है.

बीजू जनता दल (बीजद) विधायक गौतम बुद्ध दास के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री माझी ने कहा, ”ओडिशा में नयी सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 51 बांग्लादेशियों की पहचान की गई है.” माझी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने 12 जून, 2024 को सत्ता संभाली थी.

उन्होंने बताया कि शिनाख्त के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों में से 49 को वापस भेज दिया गया, जबकि अन्य दो (एक गंजाम में और दूसरा कंधमाल में) के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके अपने नाम पर भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने के आरोप में मामले दर्ज किए गए और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, सबसे अधिक 24 बांग्लादेशी प्रवासी शहरी पुलिस जिला (यूपीडी)-खुर्दा जिले से, यूपीडी-कटक से 15, गंजाम जिले से छह, कंधमाल से तीन और कोरापुट जिले से एक प्रवासी को कानूनी प्रक्रिया के बाद उनके देश वापस भेजा गया.
माझी ने विधानसभा में दिए एक अन्य बयान में कहा कि उनकी सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) के निर्देशों का पालन करते हुए अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान, हिरासत और उनके देश वापस भेजने के लिए एक विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन किया है. उन्होंने कहा कि सभी पुलिस अधीक्षक गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं.

माझी ने बताया कि पहचाने गए बांग्लादेशी घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजने तक रखने के लिए दो राज्य-स्तरीय और 18 जिला-स्तरीय ‘होल्डिंग सेंटर’ भी बनाये गए हैं. उन्होंने कहा कि अब तक राज्य ने 1,768 संदिग्ध प्रवासियों की जांच की है, जिनमें से 1,667 भारतीयों को उनके दस्तावेजों के सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया, जबकि 51 की बांग्लादेशी घुसपैठियों के रूप में पुष्टि हुई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य 50 संदिग्धों के दस्तावेजों का सत्यापन उनके निवास की स्थिति की पुष्टि के लिए अभी भी जारी है.
माझी ने अपने लिखित बयान में कहा कि पुलिस अधीक्षकों और नोडल एजेंसी के अधिकारियों को नियमित रूप से बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा रहे हैं.

एसटीएफ के अलावा, खुफिया ब्यूरो (आईबी) और जिला स्तरीय विशेष इकाइयों के अधिकारी भी बांग्लादेशी घुसपैठियों का पता लगाने में लगे हुए हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), पश्चिम बंगाल की खुफिया एजेंसी, केंद्रीय गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय के माध्यम से पता लगाने और वापस भेजने का अभियान तेज कर दिया गया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button