
मुंबई. मुंबई में मंगलवार को दही हांडी उत्सव के तहत मानव पिरामिड बनाने में शामिल कम से कम 63 गोविंदा घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि इन घायल गोविंदाओं को बीएमसी संचालित और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
जन्माष्टमी के तहत दही हांडी उत्सव में लोग उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं. मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में यह उत्सव पारंपरिक उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. उत्सव के तहत दही हांडी के प्रतिभागी बहु-स्तरीय मानव पिरामिड बनाते हैं और हवा में लटकी दही हांडी को तोड़ते हैं. बीएमसी के अधिकारी ने बताया कि मानव पिरामिड बनाने के प्रयास के दौरान कम से कम 63 गोविंदा घायल हो गए.
इन घायल गोविंदाओं में से आठ को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और 32 का बा’ रोगी विभाग (ओपीडी) में उपचार किया जा रहा है, जबकि 23 अन्य को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई. ठाणे शहर के टेंभी नाका में दही हांडी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनके गुरु आनंद दिघे ने इस उत्सव को पुनर्जीवित किया, जिससे परंपराओं और सामुदायिक भावना को बल मिला है.
शिंदे ने कहा कि उनके प्रशासन ने स्वतंत्र और सुरक्षित समारोहों की अनुमति देकर महा विकास आघाडी (एमवीए) शासन के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया है. शिंदे ने आश्वासन दिया कि सरकार दही हांडी कार्यक्रमों की सुरक्षा और सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक उपाय कर रही है. शिंदे ने आश्वासन दिया कि सरकार दही हांडी कार्यक्रमों की सुरक्षा और सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठा रही है. कई प्रमुख गोविंदा समूहों ने शहर में कई स्थानों पर नौ और 10-स्तरीय मानव पिरामिड बनाने की कोशिश की.
महाराष्ट्र के कई हिस्सों और अन्य जगहों पर यौन उत्पीड़न के मामलों के मद्देनजर, कई गोविंदा समूहों ने मुंबई, ठाणे और अन्य स्थानों पर दही हांडी फोड़ते हुए बैनर और पोस्टर के माध्यम से सामाजिक संदेश भी प्रर्दिशत किए. कई महिला गोविंदा समूह भी मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी तोड़ने की कोशिश करते नजर आए.
इस उत्सव के कारण शहर के कई इलाकों में यातायात जाम की स्थिति भी बनी रही, क्योंकि प्रमुख चौराहों पर दही हांडी लटकाई गई थी. मुंबई और आस-पास के इलाकों में राजनेताओं द्वारा प्रायोजित दही हांडी में मशहूर हस्तियों की मौजूदगी और मनोरंजन कार्यक्रमों के कारण भीड़ उमड़ पड़ी.



