
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान को प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया. उन्होंने लोकप्रिय कलाकारों अल्लू अर्जुन, आलिया भट्ट और कृति सैनन सहित 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्य विजेताओं को भी सम्मानित किया. वर्ष 2021 के लिए अगस्त में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की गई थी.
मुर्मू ने यहां विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में कहा कि सिनेमा सिर्फ व्यवसाय और मनोरंजन तक सीमित उद्योग नहीं है.
राष्ट्रपति ने कहा, ”सिनेमा हमारे समाज का दस्तावेज भी है और उसे सुधारने का माध्यम भी है. आप कलाकार हैं और बदलाव के वाहक भी हैं. आप न केवल लोगों को देश के बारे में जानकारी देते हैं बल्कि उन्हें एक-दूसरे से जोड़ते भी हैं… सिनेमा जागरूकता फैलाने और संवेदनशील बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है.”
उन्होंने कहा, ”मैं वहीदा रहमान जी को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित करते हुए बहुत खुशी महसूस कर रही हूं. मैं वहीदा जी को बधाई देती हूं. उन्होंने अपनी कला और व्यक्तित्व के जरिए फिल्म उद्योग में ऊंचा मुकाम हासिल किया. उन्होंने निजी जीवन में भी गरिमा, आत्मविश्वास और मूल पहचान के साथ नाम कमाया है.”
मुर्मू ने कहा, ”अपनी फिल्मों में उन्होंने बेड़ियां तोड़ने वाली महिलाओं की भूमिकाएं निभाईं. वहीदा जी ने उदाहरण स्थापित किया है कि जब महिला सशक्तीकरण की बात आती है तो महिलाओं को ही पहल करनी होगी.” भारतीय सिनेमा जगत का सर्वोच्च पुरस्कार ग्रहण करने वाली वहीदा रहमान आठवीं महिला कलाकार हैं. पुरस्कार ग्रहण करने के बाद 85 वर्षीय वहीदा रहमान ने इसे अपने ‘प्रिय फिल्म जगत’ और इसके विभिन्न विभागों को सर्मिपत किया.
उन्होंने पुरस्कार ग्रहण करने के बाद कहा, ह्लमैं बहुत सम्मानित और आभारी हूं… लेकिन आज मैंने जो कुछ भी हासिल किया है, वह मेरी प्रिय फिल्म इंडस्ट्री की वजह से है. सौभाग्य से, मुझे शीर्ष निर्देशकों, निर्माताओं, फिल्मकारों, तकनीशियनों, लेखकों, संवाद लेखकों, संगीत निर्देशकों और संगीतकारों के साथ काम करने का मौका मिला.ह्व उन्होंने मेकअप आर्टस्टि, हेयर और कॉस्ट्यूम डिजाइनरों को भी श्रेय देते हुए कहा, ”मुझे उनसे बहुत समर्थन, सम्मान और प्यार मिला….यही कारण है कि मैं इस पुरस्कार को फिल्म उद्योग के सभी विभागों के साथ साझा कर रही हूं. उन्होंने मुझे शुरू से ही बहुत सम्मान, समर्थन और प्यार दिया. एक फिल्म सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा नहीं बनाई जाती, हमें एक दूसरे की जरूरत होती है.”
अर्जुन ने तेलुगु फिल्म ”पुष्पा: द राइज” के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता, वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान क्रमश? हिंदी फिल्मों ”गंगूबाई कठियावाड़ी” और ”मिमी” के लिए आलिया और कृति को मिला. तीनों कलाकारों का यह पहला राष्ट्रीय पुरस्कार है. जब अल्लू अर्जुन मंच पर आए तो ”पुष्पा: द राइज” की क्लिप चलते ही सभागार तालियों से गूंज उठा.
अर्जुन ने ‘एक्स’ पर कहा, ”राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं. मैं इसके लिए जूरी व मंत्रालय, भारत सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं. यह पुरस्कार केवल एक व्यक्तिगत मील का पत्थर नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का है, जिन्होंने हमारे सिनेमा का समर्थन किया है और उसे संजोया है. धन्यवाद, (निर्देशक) सुकुमार गारू. मेरी उपलब्धि के पीछे आप हैं.” पुरस्कार मिलने के बाद अभिनेत्री आलिया भट्ट ने भी आभार जताया. आलिया के पति एवं अभिनेता रणबीर कपूर भी समारोह में उनके साथ शामिल हुए.
आलिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मैं रोमांचित, आभारी और सम्मानित महसूस कर रही हूं.” कृति ने कहा, ”मैं बहुत धन्य और अभिभूत महसूस कर रही हूं. यह एक विशेष क्षण है क्योंकि यह ‘मिमी’ के लिए था और इसलिए भी क्योंकि मेरे माता-पिता यहां मुझे देख रहे थे.” अभिनेता-फिल्म निर्माता आर. माधवन को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के पूर्व एयरोस्पेस इंजीनियर नंबी नारायणन के जीवन पर आधारित उनकी निर्देशित पहली फिल्म ”रॉकेटरी: द नंबी इफेक्ट” के लिए सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला.
माधवन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मैं खुश और संतुष्ट महसूस कर रहा हूं. हम नंबी नारायणन के जीवन में बदलाव लाने में सक्षम हुए.” ”मिमी” के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार जीतने वाले पंकज त्रिपाठी ने कहा कि यह जीत ”विशेष” है क्योंकि यह देश का सम्मान है.
त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा, ”यह एक खूबसूरत भूमिका थी. यह पुरस्कार मेरे निर्देशक लक्ष्मण उतेकर, निर्माता दिनेश विजान और रोहन शंकर का है.” फिलम ”शेरशाह” के निर्देशक विष्णु वर्धन ने करगिल युद्ध के नायक विक्रम बत्रा की बायोपिक के लिए विशेष जूरी पुरस्कार जीता. इस मौके पर फिल्म के निर्माता करण जौहर भी मौजूद थे.
श्रेया घोषाल ने फिल्म ”इराविन निन्झाल” के गीत ”मयावा चायवा” के लिए सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायक का पुरस्कार जीता. फिल्म ”आरआरआर” ने पांच पुरस्कार जीते, जिसमें कालभैरव के गीत ”कोमुराम भीमुडो” के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्वगायक का पुरस्कार भी शामिल है. ”आरआरआर” के संगीत निर्देशक एम.एम. कीरावनी ने ”पुष्पा: द राइज पार्ट” के संगीतकार देवी श्री प्रसाद के साथ सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का पुरस्कार साझा किया.
गुजराती फिल्म ”गांधी एंड कंपनी” को सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का खिताब दिया गया. भाविन रबारी को ”छेलो शो” के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेता का पुरस्कार दिया गया. इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म का पुरस्कार भी जीता. विक्की कौशल द्वारा अभिनीत सुजीत सरकार की ”सरदार उधम” ने हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सिनेमैटोग्राफी, सर्वश्रेष्ठ ऑडियोग्राफी, प्रोडक्शन डिजाइन और कॉस्ट्यूम डिजाइन में पांच पुरस्कार जीते.
विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित ”द कश्मीर फाइल्स” ने राष्ट्रीय एकता पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म का नरगिस दत्त पुरस्कार जीता. इसकी अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री श्रेणी में अपना दूसरा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र न्यास की फिल्म ‘लुकिंग फॉर चल्लन’ को ‘सर्वश्रेष्ठ खोजी (इन्वेस्टिगेटिव) फिल्म’ श्रेणी में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया गया.
वहीदा रहमान ने दादासाहेब फाल्के पुरस्कार फिल्म जगत को किया समर्पित
दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान को मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सिनेमा जगत का सर्वोच्च पुरस्कार दादासाहेब फाल्के प्रदान किया. भारतीय सिनेमा का यह सर्वोच्च पुरस्कार ग्रहण करने वाली वह आठवीं महिला कलाकार हैं. यहां विज्ञान भवन में आयोजित 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में यह पुरस्कार ग्रहण करने के बाद रहमान (85) ने इसे अपने ‘प्रिय फिल्म जगत’ और इसके विभिन्न विभागों को सर्मिपत किया. तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मंच पर पहुंचीं रहमान ने बताया कि फिल्म निर्माण किस प्रकार एक सहयोगात्मक प्रक्रिया है.
उन्होंने पुरस्कार ग्रहण करने के बाद कहा, ह्लमैं बहुत सम्मानित और विनम्र महसूस कर रही हूं… लेकिन आज मैंने जो कुछ भी हासिल किया है, वह मेरी प्रिय फिल्म इंडस्ट्री की वजह से है. सौभाग्य से, मुझे शीर्ष निर्देशकों, निर्माताओं, फिल्मकारों, तकनीशियनों, लेखकों, संवाद लेखकों, संगीत निर्देशकों और संगीतकारों के साथ काम करने का मौका मिला.ह्व उन्होंने मेकअप आर्टस्टि, हेयर और कॉस्ट्यूम डिजाइनरों को भी श्रेय देते हुए कहा, ह्लमुझे उनसे बहुत समर्थन, सम्मान और प्यार मिला….यही कारण है कि मैं इस पुरस्कार को फिल्म उद्योग के सभी विभागों के साथ साझा कर रही हूं.
उन्होंने मुझे शुरू से ही बहुत सम्मान, समर्थन और प्यार दिया. एक फिल्म सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा नहीं बनाई जाती, हमें एक दूसरे की जरूरत होती है.ह्व पांच सदस्यीय निर्णायक मंडल ने रहमान का नाम प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चयनित किया था. निर्णायक मंडल में रहमान की करीबी दोस्त और पिछले साल दादा साहब पुरस्कार से सम्मानित आशा पारेख, अभिनेता चिरंजीवी, परेश रावल, प्रसन्नजीत चटर्जी और फिल्म निर्माता शेखर कपूर शामिल थे.
रहमान ने 1956 में आई गुरु दत्त की फिल्म “सीआईडी” में देव आनंद के साथ हिंदी फिल्मों का अपना सफर शुरू किया था और पांच दशक से अधिक के अपने शानदार करियर के दौरान उन्होंने “प्यासा”, “कागज के फूल” और “चौदहवीं का चांद” समेत विभिन्न फिल्मों में काम किया. उन्होंने ह्लगाइडह्व, “कभी-कभी” और “खामोशी” जैसी हिट फिल्में भी दीं.
दादा साहब फाल्के पुरस्कार की घोषणा ह्लगाइडह्व और ह्लसीआईडीह्व में रहमान के सह-कलाकार रहे देव आनंद की जयंती के मौके पर 26 सितंबर, 2023 को की गई थी. साल 1955 में तेलुगु फिल्मों “रोजुलु मारायी” और “जयसिम्हा” से सिनेमा में कदम रखने वाली रहमान ने विभिन्न भाषाओं में 90 से अधिक फिल्मों में काम किया है.
वह ‘ओम जय जगदीश’, ‘रंग दे बसंती’, ‘दिल्ली-6’ और ‘द सॉन्ग ऑफ स्कॉर्पियन्स’ में नजर आई थीं. उनकी आखिरी फिल्म 2021 में आई “स्केटर गर्ल” थी. “रेशमा और शेरा” में बेहतरीन भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया था. उन्हें पद्म श्री और पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है. फिल्म अभिनेत्री-निर्माता देविका रानी दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होने वाली पहली अभिनेत्री थीं. इसके अलावा जिन महिला कलाकारों को यह सम्मान मिल चुका है उनमें सुलोचना, कनन देवी, दुर्गा खोटे, लता मंगेशकर, आशा भोसले और आशा पारेख शामिल हैं.



