पंजाब कांग्रेस के 70%, एआईसीसी के 90% लोग मेरे साथ, ‘चोरों’ का समर्थन नहीं: नवजोत कौर

चंडीगढ़. ‘‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये’’ वाली टिप्पणी के चलते पार्टी से निलंबित किए जाने के एक दिन बाद नवजोत कौर सिद्धू ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें कांग्रेस की पंजाब इकाई के 70 प्रतिशत और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के 90 प्रतिशत लोगों का समर्थन प्राप्त है.

कौर ने कांग्रेस सांसद सुखंिजदर सिंह रंधावा पर भी निशाना साधा, जिन्होंने अपने खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर उन्हें (कौर) कानूनी नोटिस भेजा है. उन्होंने रंधावा पर राजस्थान में पार्टी टिकट बेचने और तस्करों से संबंध रखने का भी आरोप लगाया. रंधावा ने पार्टी की निलंबित नेता नवजोत कौर को मंगलवार को कानूनी नोटिस भेजा और उनसे ‘‘अपमानजनक’’ टिप्पणी के लिए माफी मांगने या कानूनी कार्रवाई का सामना करने को कहा.

कौर कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं. कांग्रेस ने कौर को ‘‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए नकदी’’ वाली उनकी टिप्पणी के लिए सोमवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था, जिससे राजनीतिक विवाद छिड़ गया था. अपने निलंबन को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कौर ने कहा कि नोटिस एक ऐसे व्यक्ति की ओर से आया है, जिसके पास कोई मान्यता नहीं है और ऐसे कई नोटिस जारी किए जाते रहे हैं.

कौर ने पटियाला में पत्रकारों से कहा कि वह पार्टी आलाकमान के संपर्क में हैं. उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी (आलाकमान) के साथ उचित चर्चा की जा रही है. लेकिन हमारी एक शर्त है कि हम ‘चोरों’ का समर्थन नहीं करेंगे.’’ उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘अगर आप सरकार बनाना चाहते हैं, तो कांग्रेस में चार-पांच लोग हैं जो पार्टी को बर्बाद कर रहे हैं. यदि आप उन्हें दरकिनार करने को तैयार हैं, तो हम इस पर विचार करेंगे.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या निलंबन के बाद उन्हें कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है, उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा समर्थन प्राप्त है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब कांग्रेस के 70 प्रतिशत से अधिक लोग मेरे साथ हैं और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के 90 प्रतिशत लोग मेरे साथ हैं.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने अपने खिलाफ कार्रवाई के बाद आलाकमान से बात की, उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभी कुछ भी साझा नहीं करूंगी.’’ रंधावा पर निशाना साधते हुए कौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद ने कभी भी पंजाब के मुख्यमंत्री के खिलाफ आवाज नहीं उठाई और न ही कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया.

उन्होंने पार्टी के राजस्थान प्रभारी रंधावा की आलोचना करते हुए आरोप लगाया, ‘‘रंधावा, जो इस समय बहुत कुछ बोलने की कोशिश कर रहे हैं, अपनी पत्नी की जीत (डेरा बाबा नानक उपचुनाव में) सुनिश्चित नहीं कर सके. आपने उनकी (नवजोत सिद्धू की) पीठ में छुरा घोंपा है. आपके तस्करों से संबंध हैं. राजस्थान में उन्होंने टिकट के लिए पैसे लिए.’’ कौर ने कहा कि उन्होंने पंजाब से संबंधित मुद्दों को पंजाब के राज्यपाल के समक्ष उठाया.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहती थी कि राहुल गांधी यहां आएं और इन मुद्दों को उठाकर नायक बनें, लेकिन उनके आस-पास के लोगों ने उन्हें गुमराह किया. इस बीच, राज्यपाल ने मुझे बैठक के लिए समय दिया.’’ कौर ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या आयकर विभाग नवजोत सिंह की जांच भी कर सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास न तो काला धन है और न ही हमने पंजाब में कोई संपत्ति खरीदी है.’’ उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हम 2027 में पंजाब और पंजाबियत के लिए सरकार बनाएंगे.’’ कौर ने दावा किया, ‘‘अनिल जोशी पैसे देकर इसमें (कांग्रेस) शामिल हुए थे. और पता चला है कि वह निराश होकर अकाली दल में वापस जा रहे हैं.’’

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