
नयी दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को छठा समन जारी किया है. आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल (55) को 19 फरवरी को ईडी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है.
दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में भेजे गये समन की अवज्ञा करने के लिए ईडी द्वारा दायर एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पिछले सप्ताह केजरीवाल को 17 फरवरी को उसके समक्ष पेश के लिए कहा था. अदालत ने कहा था कि केजरीवाल प्रथम दृष्टया इसका अनुपालन करने के लिए ”कानूनी रूप से बाध्य” हैं.
इस मामले में ईडी द्वारा भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के पूर्व अधिकारी को भेजा गया यह छठा समन है. ईडी ने अपनी शिकायत में दावा किया कि केजरीवाल को उनके सहित अन्य लोगों की भूमिका और ‘अपराध से अर्जित आय’ का पता लगाने के वास्ते कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था. एजेंसी ने दावा किया कि केजरीवाल ने प्रत्येक समन की जानबूझकर अवज्ञा की.
इससे पहले उन्हें इस साल तीन जनवरी, 18 जनवरी और दो फरवरी तथा 2023 में दो नवंबर एवं 21 दिसंबर को बुलाया गया था. मुख्यमंत्री ने हमेशा इन नोटिस को ”अवैध” बताया है. मामले में ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र में केजरीवाल के नाम का कई बार उल्लेख किया गया है. एजेंसी ने कहा है कि आरोपी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 की तैयारी के संबंध में उनके (केजरीवाल) संपर्क में थे.
इस मामले में ईडी अब तक ‘आप’ नेताओं मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के अलावा पार्टी के संचार प्रभारी विजय नायर और कुछ कारोबारियों को गिरफ्तार कर चुकी है. ईडी ने अपने आरोपपत्र में दावा किया था कि आम आदमी पार्टी ने गोवा में अपने चुनाव अभियान में लगभग 45 करोड़ रुपये की ”अपराध से अर्जित आय” का इस्तेमाल किया था. एजेंसी द्वारा मामले में एक नया पूरक आरोप पत्र दाखिल किए जाने की भी उम्मीद है.



