
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश कॉरपोरेशन फॉर आउटसोर्स र्सिवसेज (यूपीसीओएस) की शुरूआत करते हुए आरोप लगाया कि 2017 से पहले आउटसोर्स कर्मचारियों को ”बोझ” माना जाता था और राजनीतिक दलों तथा उनके रिश्तेदारों से कथित रूप से जुड़ी कंपनियां उनका शोषण करती थीं।
यूपीसीओएस के पोर्टल और वेबसाइट के शुभारंभ के अवसर पर आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों को ”संपत्ति” मानती है और उन्हें समय पर पारिश्रमिक, सामाजिक सुरक्षा तथा संस्थागत संरक्षण उपलब्ध कराना चाहती है।
उन्होंने कहा कि यूपीसीओएस राज्य के 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रबंधन को डिजिटल रूप से एकीकृत करेगा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संस्थागत तंत्र उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कर्मचारियों के लिए पारिश्रमिक, स्वास्थ्य सुविधा और दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं थी। नई व्यवस्था में समय पर वेतन भुगतान तथा भविष्य निधि और बीमा से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सर्मिपत पोर्टल कर्मचारियों को उनके रोजगार और अधिकारों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएगा तथा व्यवस्था को बिचौलियों से मुक्त किया जाएगा।
आदित्यनाथ ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालन के कारण रोजगार के स्वरूप में बदलाव आ रहा है, लेकिन मानव श्रम की गरिमा अपरिर्वितत है। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।



