
जयपुर. राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) के अध्यक्ष वैभव गहलोत ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर आरसीए के साथ द्वेष भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया. गहलोत ने इस्तीफा ऐसे समय में दिया है जबकि राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद ने शुक्रवार को जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम के साथ-साथ राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) के कार्यालय और इसकी अकादमी को सील कर दिया था. परिषद ने यह कार्रवाई बकाया राशि का भुगतान नहीं किए जाने का हवाला देते हुए की. इस स्टेडियम में अगले महीने आईपीएल के मैच होने हैं.
वैभव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने इस्तीफा की घोषणा की. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि वैभव ने व्यथित होकर इस्तीफा दिया है. इसके साथ ही उन्होंने आरसीए के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य सरकार पर निशाना साधा.
राज्य में भाजपा की अगुवाई वाली नयी सरकार आने के बाद आरसीए और क्रीड़ा परिषद में हाल ही में काफी तनातनी देखी जा रही थी. वैभव, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे हैं.
वैभव ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, ” राजस्थान में सरकार बदलने के बाद से आरसीए के साथ एक द्वेष भावना से कार्रवाई करना शुरू किया गया. एक गैर-वाजिब तरीके से जल्दबाजी में आरसीए के दफ्तर की तालेबंदी तक कर दी गई. अब मुझे लक्ष्य बनाकर राजस्थान क्रिकेट संघ में अविश्वास का माहौल बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं.” उन्होंने कहा, ” इससे प्रदेश में क्रिकेट का जो सकारात्मक माहौल बना है उसके खराब होने का भी अंदेशा है.”
पूर्व मुख्यमंत्री ने बेटे ने कहा, ” ऐसे में मेरे लिए यह असहनीय है कि राज्य में आईपीएल के मैचों पर कोई संकट आए एवं क्रिकेट को नुकसान हो. प्रदेश के क्रिकेट खेल एवं क्रिकेट खिलाड़ियों को इस स्थिति से बचाने के लिए मैं राजस्थान क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद से स्वेच्छा से इस्तीफा देता हूं.” वैभव ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में क्रिकेट की बेहतरी और आरसीए का नाम ऊंचा करने का प्रयास किया इसी कारण उन्हें दूसरी बार निर्विरोध आरसीए का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया.
आरसीए में अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने का जिक्र करते हुए वैभव ने कहा, ” अभी-अभी मुझे जानकारी मिली है कि मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश कर दिया है. इस संबंध में मुझे इतना ही कहना है कि आरसीए के किसी भी पदाधिकारी या सदस्य ने मुझसे चर्चा नहीं की एवं न ही किसी मुद्दे पर असहमति व्यक्त की अन्यथा मैं तो पहले ही अपना इस्तीफा दे चुका होता.”
उन्होंने कहा, ” मेरे लिए पद नहीं राज्य का क्रिकेट खेल और खिलाड़ियों का भविष्य महत्वपूर्ण है और इस पर कभी आंच नहीं आने दूंगा. मैं भविष्य में राज्य के क्रिकेट, खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों के हितों के लिए सदैव उपलब्ध रहूंगा.” पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वैभव के इस्तीफे पर जयपुर में कहा, ” उन्होंने इस्तीफा दिया है क्योंकि वह सरकार के व्यवहार से व्यथित थे.”
गहलोत ने मीडिया से कहा, ” कोई जरूरत नहीं थी अविश्वास प्रस्ताव लाने की. सरकार खुद ही अपनी भावना व्यक्त कर देती तो इस्तीफा आ जाता.” उन्होंने कहा, ” राजनीति हो रही है. सरकार बदल गई तो (आरसीए का) नया अध्यक्ष कौन बनाया जाए? हम कैसे कब्जा करें?… यह कब्जे वाली बातें हैं. वे कब्जा करना चाहते हैं. उनके दिलो दिमाग में क्रिकेट के लिए कोई भावना नहीं है. अगर होती तो तौर तरीके से कार्रवाई की जाती. जो कार्रवाई (आरसीए के खिलाफ) की गई है उसे उचित नहीं कहा जा सकता है.”



