जम्मू-कश्मीर अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटने के बाद खुलकर सांस ले रहा : प्रधानमंत्री

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 07 Mar 2024 09:11 PM
जम्मू-कश्मीर अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटने के बाद खुलकर सांस ले रहा : प्रधानमंत्री
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श्रीनगर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आज खुलकर के सांस ले रहा है. मोदी ने ‘विकसित भारत, विकसित जम्मू-कश्मीर’ कार्यक्रम के तहत करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों में जम्मू-कश्मीर और तेजी से विकास करेगा.

उन्होंने कहा, ”मैं 2014 के बाद जब भी आया मैंने यही कहा कि मैं ये मेहनत आपका दिल जीतने के लिए कर रहा हूं, और मैं दिनों-दिन देख रहा हूं कि मैं आपका दिल जीतने की कोशिश में सही दिशा में जा रहा हूं. आपका दिल मैं जीत पाया हूं और ज्यादा जीतने की कोशिश मेरी जारी रहेगी. ये ‘मोदी की गारंटी’ है…ङ्घमोदी सुज गारंटी! और आप जानते हैं, मोदी की गारंटी यानी, गारंटी पूरा होने की गारंटी.” उन्होंने कांग्रेस पर अनुच्छेद 370 पर न केवल जम्मू-कश्मीर के लोगों को बल्कि पूरे देश को गुमराह करने का आरोप लगाया और इसके अधिकतर प्रावधानों को हटाए जाने के हुए बदलावों को रेखांकित किया.

उन्होंने कहा, ”अनुच्छेद 370 से फायदा जम्मू-कश्मीर को था या कुछ राजनीतिक परिवार इसका लाभ उठा रहे थे… यहां की अवाम ये सच्चाई जान चुकी है कि उनको गुमराह किया गया था. कुछ परिवारों के फायदे के लिए जम्मू-कश्मीर को जंजीरों में जकड़ दिया गया था. आज 370 नहीं है, इसीलिए जम्मू-कश्मीर के युवाओं की प्रतिभा का पूरा सम्मान हो रहा है, उन्हें नए अवसर मिल रहे हैं. आज यहां सबके लिए समान अधिकार भी हैं, समान अवसर भी हैं.”

उन्होंने कहा, ”आज जम्मू-कश्मीर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर आज खुलकर के सांस ले रहा है. बन्दिशों से ये आजादी अनुच्छेद 370 हटने के बाद आई है.” प्रधानमंत्री ने आगामी रमजान के पवित्र महीने और महाशिवरात्रि के पर्व के लिए अपनी ‘अग्रिम शुभकामनाएं’ दीं. महाशिवरात्रि शुक्रवार को है. अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद मोदी का कश्मीर घाटी का यह पहला दौरा था. प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे.

भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा पांच अगस्त 2019 को पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद से प्रधानमंत्री की कश्मीर की यह पहली यात्रा है.
करीब 5,000 करोड़ रुपये का समग्र-कृषि विकास कार्यक्रम राष्­ट्र को सर्मिपत करने के बाद मोदी ने कहा कि वह श्रीनगर के लोगों के बीच आकर प्रफुल्लित हैं.

उन्होंने कहा, ”आज जो विकास परियोजनायें सर्मिपत की जा रही हैं, उनसे जम्मू-कश्मीर के विकास को बल मिलेगा. एक विकसित जम्मू-कश्मीर विकसित भारत की प्राथमिकता है.” उन्होंने कहा, ”ये वो नया जम्मू कश्मीर है, जिसका इंतजार हम सभी को कई दशकों से था. ये वो नया जम्मू कश्मीर है, जिसके लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बलिदान दिया था. इस नए जम्मू कश्मीर की आंखों में भविष्य की चमक है, इस नए जम्मू कश्मीर के इरादों में चुनौतियों को पार करने का हौसला है.” जम्मू-कश्मीर को देश का मुकुट बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित जम्मू-कश्मीर के निर्माण का रास्ता पर्यटन संभावनाओं और किसानों के सशक्तीकरण से निकलेगा.

उन्होंने कहा, ”जम्मू कश्मीर केवल एक क्षेत्र नहीं है. जम्मू कश्मीर भारत का मस्तक है. और ऊंचा उठा मस्तक ही विकास और सम्मान का प्रतीक होता है. इसलिए विकसित जम्मू कश्मीर, विकसित भारत की प्राथमिकता है.” उन्होंने कहा, ”विकास की शक्ति, पर्यटन की संभावनाएं, किसानों का सामर्थ्य और जम्मू-कश्मीर के युवाओं का नेतृत्व…विकसित जम्मू-कश्मीर के निर्माण का रास्ता यहीं से निकेलगा.” प्रधानमंत्री ने जनता से मिले प्यार के लिए उनका आभार जताया और और कहा कि वह इस कर्ज को चुकाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे.

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद अनुसूचित जनजातियों के लिए विधानसभा में सीटें आरक्षित हुई हैं और पद्दारी जनजाति, पहाड़ी जातीय समूह, गड्डा ब्राह्मण और कोली समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया है. उन्होंने कहा, ”हमारी सरकार में पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम में अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिया गया. परिवारवादी पार्टियों ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को दशकों तक इन अधिकारों से वंचित रखा. आज हर वर्ग को उनके अधिकार लौटाए जा रहे हैं.”

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर स्­वदेश दर्शन और प्रसाद योजना के तहत 14,00 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्­यास और लोकार्पण किया. प्रसाद योजना धार्मिक स्­थल पुनरुद्धार और आध्­यात्­म­कि विरासत को प्रोत्­साहन देने का अभियान है. उन्होंने देशभर में धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास के लिए लगभग 43 परियोजनाओं की शुरुआत भी की. यह धार्मिक और पर्यटन स्­थल आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और गोआ में है.

प्रधानमंत्री ने ‘देखो अपना देश’ लोगों की पंसद का पर्यटन स्­थल सर्वेक्षण और ‘चलो इंडिया’ वैश्विक प्रवासी समुदाय अभियान की शुरुआत भी की. उन्होंने चुनौती पर आधरित पर्यटन स्­थल विकास योजना के तहत चुने गए पर्यटन स्­थलों की घोषणा भी की.
मोदी ने जम्­मू-कश्­मीर में नवनियुक्त लगभग एक हजार सरकारी कर्म­यिों को नियुक्­त­ि पत्र भी प्रदान किए. उन्होंने विभिन्­न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं, लखपति दीदियों, किसानों, उद्यमियों सहित विभिन्­न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद भी किया.

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