हूती विद्रोहियों ने किया पोत पर मिसाइल हमला, चालक दल के तीन सदस्यों की मौत

भारतीय युद्धपोत ने अदन की खाड़ी में मिसाइल हमले का शिकार हुए जहाज के चालक दल को बचाया

दुबई/नयी दिल्ली. यमन के हूती विद्रोहियों ने बुधवार को अदन की खाड़ी में एक वाणिज्यिक पोत पर मिसाइल से हमला किया, जिसके कारण चालक दल के तीन सदस्यों की मौत हो गई और बाकी सदस्यों को पोत छोड़कर भागना पड़ा. अमेरिका की सेना ने यह जानकारी की.
गाजा में हमास के खिलाफ इजराइल के युद्ध छेड़ने के बाद हूती विद्रोहियों की ओर से यह पहला ऐसा हमला है, जिसमें लोगों की जान गई हैं.

बारबाडोस के झंडे वाले इस पोत पर हमले के बाद एशिया और मध्य पूर्व को यूरोप से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर संघर्ष बढ़ गया है, जिससे जहाजों की वैश्विक आवाजाही बाधित हो गई है. ईरान सर्मिथत हूतियों ने नवंबर में हमले शुरू किए थे और अमेरिका ने जनवरी में इसके जवाब में हवाई हमले शुरू किए लेकिन अमेरिका, विद्रोहियों के हमलों को अब तक रोक नहीं सका है.

इस बीच, ईरान ने बुधवार को घोषणा की कि वह अमेरिकी ऊर्जा कंपनी ‘शेवरॉन कॉर्प’ को भेजे जा रहे पांच करोड़ डॉलर मूल्य के कुवैती कच्चे तेल को जब्त कर लेगा. यह कच्चा तेल उस टैंकर में है, जिसे उसने करीब एक साल पहले जब्त किया था. अमेरिकी सेना के ‘सेंट्रल कमांड’ ने बताया कि ‘ट्रू कॉन्फिडेंस’ नामक पोत पर यमन के हूती-नियंत्रित क्षेत्र से एक पोत रोधी बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई, जिससे पोत को काफी नुकसान हुआ. पोत पर सवार चालक दल के तीन सदस्यों की मौत हो गई और कम से कम चार सदस्य घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है.

अमेरिकी सेना द्वारा जारी की गई दो तस्वीरों में पोत और उसमें रखा सामान जलता हुआ दिखाई दे रहा है. मिसाइल हमले के बाद चालक दल के सदस्यों को पोत छोड़कर जीवनरक्षक नौकाओं से भागना पड़ा. एक अमेरिकी युद्धपोत और भारतीय नौसेना ने बचाव प्रयासों में सहायता करने की कोशिश की.

पोत के प्रबंधकों और मालिकों ने बताया कि इसके चालक दल के 20 सदस्यों में एक भारतीय, 15 फिलीपीन के नागरिक और चार वियतनाम के नागरिक शामिल हैं. पोत पर तीन सशस्त्र गार्ड भी सवार थे, जिनमें से दो श्रीलंका से और एक नेपाल से है. यह पोत चीन से सऊदी अरब के जेद्दा तक इस्पात ले जा रहा था.

उन्होंने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा, ”चालक दल में शामिल वियतनाम के एक और फिलीपीन के दो नागरिकों की मौत हो गई. चालक दल में शामिल फिलीपीन के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. चालक दल के सभी सदस्यों को जिबूती ले जाया गया है.” संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने हूती विद्रोहियों से ”लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय नौवहन के खिलाफ सभी हमलों को रोकने का आह्वान किया” है.

संयुक्त राष्ट्र ने लगातार हो रहे इन हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. अमेरिका ने भी इन हमलों की निंदा की है.  अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन ज्यां-पियरे ने चेतावनी दी, ”अमेरिका कार्रवाई नि:संदेह जारी रखेगा.”

भारतीय युद्धपोत ने अदन की खाड़ी में मिसाइल हमले का शिकार हुए जहाज के चालक दल को बचाया

भारतीय युद्धपोत ‘आईएनएस कोलकाता’ ने अदन की खाड़ी में बारबाडोस के ध्वज वाले मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमले के बाद उस जहाज से एक भारतीय नागरिक सहित चालक दल के 21 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया है. नौसेना के एक प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

मिसाइल हमले के कारण बुधवार को वाणिज्यिक जहाज ‘एमवी ट्रू कॉन्फिडेंस’ में आग लग गई थी, जिसकी वजह से चालक दल के सदस्यों को जहाज छोड़कर भागना पड़ा था. नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बताया कि अदन की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए तैनात आईएनएस कोलकाता शाम चार बजकर 45 मिनट पर घटनास्थल पर पहुंचा और इसने अपने हेलीकॉप्टर और नौकाओं का इस्तेमाल कर एक भारतीय नागरिक सहित चालक दल के 21 सदस्यों को बचा लिया.

उन्होंने बताया कि युद्धपोत के चिकित्सा दल ने घायल चालक दल को महत्वपूर्ण चिकित्सा सहायता प्रदान की. प्रवक्ता ने बताया कि गंभीर रूप से घायल र्किमयों सहित बचाए गए दल को आईएनएस कोलकाता द्वारा जिबूती ले जाया गया है. मधवाल ने बताया कि भारतीय नौसेना के युद्धपोत ने अदन की खाड़ी में समुद्री घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने बताया कि बारबाडोस के झंडे वाले मालवाहक जहाज पर अदन से लगभग 55 समुद्री मील दक्षिण पश्चिम में कथित तौर पर एक मिसाइल से हमला किया गया, जिसके परिणामस्वरूप जहाज पर आग लग गई और चालक दल के कुछ सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए. हमले के बाद चालक दल को जहाज से कूदने के लिए मजबूर होना पड़ा.

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