
गॉल: भारत के कप्तान शुभमन गिल ने संकेत दिया है कि शनिवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू हो रहे पहले टेस्ट में अनुभवी मोहम्मद सिराज के साथ प्रसिद्ध कृष्णा नई गेंद संभाल सकते हैं। हालांकि युवा गुरनूर बरार ने पुरानी गेंद से प्रभावी गेंदबाजी करने की अपनी क्षमता के दम पर मजबूत दावेदारी पेश की है।
भारत इस दौरे पर बाएं हाथ के तीन स्पिनरों रंिवद्र जडेजा, मानव सुथार और कुलदीप यादव के साथ उतर रहा है। वहीं चार तेज गेंदबाजों में सिराज की जगह लगभग तय है। आकिब नबी दौड़ में नहीं हैं जबकि छह फुट पांच इंच लंबे गुरनूर और उनसे एक इंच छोटे प्रसिद्ध के बीच चयन होना है। प्रसिद्ध सात टेस्ट खेल चुके हैं और उनके नाम 25 विकेट हैं।
गिल ने पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर कहा, ”दोनों ही बहुत कुशल गेंदबाज हैं और उन्होंने अभ्यास मैच में बेहद अच्छी गेंदबाजी की। हमने देखा है कि जब पिच से कुछ खास मदद नहीं मिल रही होती है तब पुरानी गेंद से गुरनूर कितना प्रभावी है।” उन्होंने कहा, ”वह पुरानी गेंद से शानदार गेंदबाजी करता है आपको अतिरिक्त रफ्तार और अतिरिक्त उछाल की जरूरत होती है।
बेशक वह काफी लंबा है। लेकिन मुझे लगता है कि हाल में प्रसिद्ध ने अपने करियर की अब तक की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की है। लाल गेंद और सफेद गेंद, दोनों प्रारूपों में। इसलिए हमारे लिए दोनों में से किसी एक को चुनना बहुत मुश्किल फैसला होगा।” गिल ने कहा कि यह श्रृंखला जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में प्रसिद्ध और गुरनूर जैसे खिलाड़ियों के लिए अपनी दावेदारी पेश करने का मौका है। बुमराह घुटने की चोट के कारण टीम में नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ”जसप्रीत बुमराह यहां नहीं हैं, लेकिन यह किसी और के लिए आगे बढ़ने और श्रृंखला में अपनी छाप छोड़ने का मौका है।” गिल ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू मैदान पर मजबूत टीम श्रीलंका के खिलाफ दबाव बनाए रखने के लिए भारत को रचनात्मक रणनीति अपनानी होगी।
उन्होंने कहा, ”टेस्ट मैच की रफ्तार थोड़ी धीमी होती है। इसलिए विकेट हासिल करने के लिए आपको अलग-अलग चीजें आजमाते रहना होगा, खासकर उपमहाद्वीप में। आपको मौके बनाने होंगे, विशेषकर पहले और दूसरे दिन।” गिल ने कहा, ”अगर पिच से अधिक मदद नहीं मिल रही है तो आप दबाव कैसे बनाएंगे? आप खेल को अपने हाथ से ज्यादा फिसलने से कैसे रोकेंगे? इसलिए इस तरह का रचनात्मक क्षेत्ररक्षण हमारे गेंदबाजों के लिए मददगार होता है।”
बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को एक अन्य बाएं हाथ के बल्लेबाज साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी में नंबर तीन पर उतारे जाने की उम्मीद है। वहीं दबाव में चल रहे ध्रुव जुरेल के पिछले कुछ टेस्ट में खराब प्रदर्शन के बावजूद मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने की संभावना है। गिल ने कहा कि टीम प्रबंधन प्रत्येक खिलाड़ी को उसकी निर्धारित भूमिका में ढलने और आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त समय देने में विश्वास रखता है।
उन्होंने कहा, ”हमारे पास अपार क्षमता और कौशल वाले खिलाड़ी हैं। टीम में आने वाले बल्लेबाजों के लिए शुरूआत करना हमेशा आसान नहीं होता। हम चाहते हैं कि वे पहली पारी या पहले टेस्ट से ही सफल हों। लेकिन खिलाड़ी अपने समय के अनुसार आगे बढ़ते हैं।” गिल ने कहा, ”खिलाड़ियों को वह समय देना महत्वपूर्ण है। मुझे भी याद है कि जब मैं आया था तो मैं सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी नहीं था, लेकिन टीम ने मुझ पर भरोसा बनाए रखा और इसी वजह से एक समय के बाद मैं सफल हो सका।” गिल ने उम्मीद जताई कि पडिक्कल को मिले इस मौके का वह पूरा फायदा उठाएंगे।
उन्होंने कहा, “इसलिए जो खिलाड़ी टीम में आ रहे हैं उनमें से हर किसी को पहले टेस्ट से ही बड़ी सफलता नहीं मिलने वाली। कुछ खिलाड़ियों को थोड़ा अधिक समय चाहिए।” भारतीय कप्तान ने कहा, ”लेकिन देवदत्त पहले भी टीम का हिस्सा रह चुके हैं और भारत के साथ यहां आ चुके हैं। उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था। उनके पास इस प्रारूप में सफल होने के लिए सभी जरूरी कौशल और क्षमता है।”
हालांकि गिल ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में अनुभव मायने रखता है और परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए टीम ने 2017 में श्रीलंका का दौरा कर चुके लोकेश राहुल और रंिवद्र जडेजा के अनुभवों से भी जानकारी ली है। उन्होंने कहा, ”हां, टीम की बैठकों में वे अपने अनुभव और उस समय मैच किस तरह आगे बढ़ा, इस बारे में बात करते हैं। हर मैदान और हर देश में मैच के आगे बढ़ने का तरीका अलग होता है। वहां कैसे खेलना है, इन चीजों पर उन्होंने बात की है।”



