
नामसई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अरुणाचल प्रदेश को ‘‘भारत के ताज में एक रत्न’’ की संज्ञा देते हुए रविवार को कहा कि चीन की सीमा से लगे इस राज्य के लोग देशभक्ति से भरे हुए हैं और ‘नमस्ते’ (अभिवादन प्रर्दिशत करने हेतु प्रयुक्त शब्द) के बजाय ‘जय ंिहद’ के साथ एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं.
शाह ने पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट में एक परिसर की स्थापना के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (एनडीयू) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि संस्थान राज्य के युवाओं को देश की सेवा करने का मौका देगा.
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘हम जब भी अरुणाचल प्रदेश आते हैं तो ऊर्जा और देशभक्ति के साथ लौटते हैं. अरुणाचल प्रदेश के अलावा देश में शायद और कोई जगह नहीं है जहां लोग एक-दूसरे का ‘नमस्ते’ के बजाय ‘जय ंिहद’ के साथ अभिवादन करते हैं.’’ उन्होंने कहा कि गुजरात के बाद एनडीयू का दूसरा परिसर अरुणाचल प्रदेश में होगा. उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में दो प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की है.
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘रक्षा विश्वविद्यालय सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करेगा. अरुणाचल प्रदेश के युवा न केवल देशभक्त हैं, बल्कि शारीरिक रूप से भी तंदुरूस्त हैं. संस्थान उन्हें राष्ट्र की सेवा करने का अवसर प्रदान करेगा.’’ उन्होंने कहा कि 1,180 करोड़ रुपये की परियोजनाएं या तो पूरी हो चुकी हैं या जल्द ही उनका उद्घाटन किया जाएगा.
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में कुल 33,466 परिवार और 800 स्वयं सहायता समूहों को 394 करोड़ रुपये के विभिन्न स्टार्ट-अप के माध्यम से लाभान्वित किया गया, जबकि 436 करोड़ रुपये की 22 परियोजनाओं को पूरा किया गया और दिन के दौरान उद्घाटन किया गया और जल्द ही 350 करोड़ रुपये की 25 अन्य परियोजनाएं शुरू की जाएंगी.’’ शाह ने दिन में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.
उन्होंने कहा कि 2,000 मेगावाट क्षमता की सुबनसिरी पनबिजली परियोजना 2023 तक चालू हो जाएगी और इससे राज्य को काफी फायदा होगा. उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे बड़ी 2,880 मेगावाट की दिबांग बहुउद्देशीय परियोजना पर काम जल्द ही शुरू होगा जबकि 600 मेगावाट की कामेंग परियोजना पहले से ही चालू है.
शाह ने कहा कि जब मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कार्यभार संभाला था, तब राज्य का वार्षिक बजट केवल 12,500 करोड़ रुपये था, लेकिन अब यह बढ़कर 26,000 करोड़ रुपये हो गया है. उन्होंने कहा कि इसी तरह, राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) भी 10,000 करोड़ रुपये से तीन गुना बढ़कर 30,000 करोड़ रुपये हो गया है.
उन्होंने कहा, ‘‘लगभग 3,000 गांवों में 4जी ‘कनेक्टिविटी’ है, जबकि 1,680 और गांवों में इसका विस्तार करने की योजना है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएगा, तो पूर्वोत्तर के राज्य विकास के मामले में देश के अन्य हिस्सों के समान होंगे.’’ केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के लिए, विकास अरुणाचल प्रदेश से शुरू होना चाहिए. कोविड-19 महामारी के दौरान, उन्होंने निर्देश दिया था कि पहले अरुणाचल प्रदेश को टीके उपलब्ध कराए जाने चाहिए और अब राज्य संक्रमण से मुक्त हो गया है.’’ शाह ने लोहित जिले में शनिवार को प्रसिद्ध तीर्थस्थल परशुराम कुंड में ऋषि परशुराम की 51 फुट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला रखी थी.
भाजपा ने पूर्वोत्तर में ‘भ्रष्टाचार की संस्कृति’ को समाप्त किया: शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्वोत्तर भारत में ‘‘भ्रष्टाचार की संस्कृति’’ को समाप्त किया है और विकास कार्यों के लिए निर्धारित धन अब आखिरी व्यक्ति तक पहुंचता है, जबकि ‘‘कांग्रेस के शासन में अधिकतर राशि बिचौलिए हड़प जाते’’ थे.
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के 50 साल में इस क्षेत्र को नजरअंदाज किया गया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्ता में आने के बाद ही इस क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ. उन्होंने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री से यह सवाल करने पर कांग्रेस पर निशाना साधा कि उन्होंने क्षेत्र के लिए किया क्या है. शाह ने कहा कि यदि कांग्रेस आंखें बंद रखेगी, तो वह विकास को देख नहीं पाएगी.
शाह ने कहा, ‘‘राहुल गांधी, आंखें खोलिए और इतालवी चश्मे उतारकर भारतीय चश्मे पहनिए. तभी आप क्षेत्र में मोदी द्वारा किए गए विकास को देख पाएंगे, जो आपकी पार्टी 50 साल में करने में नाकाम रही.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के शासन के दौरान इस क्षेत्र के लिए दी गई विकास निधि को बिचौलियों ने हड़प लिया, लेकिन 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के केंद्र की सत्ता में आने के साथ ही भ्रष्टाचार की संस्कृति समाप्त हो गई है और एक-एक पैसे का उपयोग पूरी पारर्दिशता के साथ किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने सुनिश्चित किया है कि विकास का पैसा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे.’’ शाह ने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों की त्रुटिपूर्ण नीतियों के कारण पूर्वोत्तर को पहले उग्रवाद के लिए जाना जाता था, लेकिन अब शांति स्थापित हो गई है, क्योंकि केंद्र ने अधिकतर उग्रवादी संगठनों के साथ शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्र में पिछले आठ साल में कम से कम 9,600 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और वे मुख्यधारा में शामिल हुए हैं. पूर्वोत्तर के युवा अब बंदूक संस्कृति में रुचि नहीं लेते और स्टार्ट-अप शुरू कर रहे हैं. केंद्र क्षेत्र में शांति एवं विकास लाने के लिए प्रतिबद्ध है.’’ गृह मंत्री ने अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच दशकों पुराने सीमा विवाद का जिक्र करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सराहना की.



