बेंगलुरु. कर्नाटक सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कई महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे जनता दल (एस) के निलंबित नेता प्रज्वल रेवन्ना यदि देश नहीं लौटते हैं, तो उनके पासपोर्ट को रद्द करने जैसी कार्रवाई की जायेगी. प्रज्वल ने एक वीडियो बयान जारी कर वादा किया था कि वह 31 मई को उनके खिलाफ मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष पेश होंगे. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रज्वल ने लुफ्थांसा की म्यूनिख-बेंगलुरु उड़ान में ‘बिजनेस क्लास’ का टिकट बुक कराया है.
सूत्रों ने बताया कि प्रज्वल के शुक्रवार को भारतीय समयानुसार रात साढ.े 12 बजे केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने की उम्मीद है. राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बृहस्पतिवार को कहा कि यदि प्रज्वल रेवन्ना देश वापस नहीं लौटते हैं, तो उनके पासपोर्ट को रद्द करने जैसी आगे की कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि प्रज्वल को वापस लौटने पर गिरफ्तार कर लिया जायेगा और कानूनी प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
जनता दल (सेक्युलर) के संरक्षक एच. डी. देवेगौड़ा के पोते और हासन लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार प्रज्वल (33) पर महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप है. प्रज्वल रेवन्ना द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका शहर की एक विशेष अदालत के समक्ष लंबित है और शुक्रवार को इस पर सुनवाई होने की संभावना है.
परमेश्वर ने पत्रकारों से कहा, ”सूचना यह है कि वह (प्रज्वल) आएंगे, उन्होंने विमान का टिकट बुक करा लिया है. एसआईटी ने आवश्यक तैयारियां कर ली हैं. यदि वह आते हैं, तो कानूनी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.” उन्होंने कहा, ”कानून के अनुसार उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार करना होगा. एसआईटी इस संबंध में फैसला करेगी.” उन्होंने कहा, ”उन्होंने (प्रज्वल) वीडियो बयान में कहा है कि वह 31 मई को सुबह 10 बजे एसआईटी के सामने पेश होंगे. इसलिए मुझे लगता है कि वह आएंगे… अगर वह नहीं आते हैं, तो उनके पासपोर्ट को रद्द करने जैसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी. हम केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के माध्यम से इंटरपोल से अनुरोध करेंगे, क्योंकि राज्य सरकार सीधे ऐसा नहीं कर सकती. हमें यह काम भारत सरकार की एजेंसियों के माध्यम से करना होगा.”
प्रज्वल को गिरफ्तार करने के लिए एसआईटी अधिकारियों की एक टीम यहां हवाई अड्डे पर डेरा डाले हुए है. यह पूछे जाने पर कि क्या प्रज्वल का पासपोर्ट जब्त किया जाएगा, उन्होंने कहा कि राज्य ने केंद्र से उनका पासपोर्ट रद्द करने का अनुरोध किया है, कानूनी प्रक्रिया के आधार पर वे इसे रद्द कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ”विदेश मंत्री ने कहा है कि इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, इसलिए वे ऐसा कर सकते हैं.” विदेश मंत्रालय ने इससे पहले प्रज्वल रेवन्ना को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि उनके खिलाफ यौन शोषण के आरोपों के मद्देनजर कर्नाटक सरकार द्वारा की गई मांग के अनुसार उनका राजनयिक पासपोर्ट क्यों न रद्द कर दिया जाये. ऐसा बताया जाता है कि हासन के मतदान के एक दिन बाद 27 अप्रैल को वह जर्मनी चले गए थे. सीबीआई के माध्यम से एसआईटी द्वारा किए गए अनुरोध के बाद इंटरपोल द्वारा एक ‘ब्लू कॉर्नर नोटिस’ पहले ही जारी किया जा चुका है.
इस बीच प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने ‘हासन चलो’ मार्च में शिरकत की तथा आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की भी मांग की. इस मार्च का आयोजन ‘नवेड्डु निलादिद्दरे’ नामक मानवाधिकार समूह द्वारा किया गया था. इसमें राज्य भर से महिलाओं, श्रमिकों, किसानों और दलितों ने हिस्सा लिया. प्रज्वल की गिरफ्तारी की मांग के अलावा मार्च में शामिल हुए लोगों ने पीड़ितों के लिए न्याय की भी मांग की और उनके साथ एकजुटता व्यक्त की. प्रदर्शनकारियों में पूर्व सांसद सुभाषिनी अली, लेखक रूपा हासन, विमला के एस समेत अनेक लोग शामिल थे.