
लंदन. अनुभवी गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने पेनल्टी स्पॉट पर शानदार बचाव किया लेकिन इसके बावजूद भारत को रविवार को यहां पुरुषों के एफआईएच प्रो लीग हॉकी मैच में ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ 2-3 से हार का सामना करना पड़ा. भारत ने मैच में सिर्फ 38 सेकेंड में गोल गंवाया. इस परिणाम का मतलब था कि क्रेग फुल्टन के मार्गदर्शन में खेल रही भारतीय टीम ने मेजबान के खिलाफ हार के साथ अपना अभियान समाप्त किया.
भारतीय टीम खेल की शुरुआत में ही फिल रोपर ने गोल करके हैरान कर दिया. मेहमान टीम कुछ मौकों पर गोल करने के करीब पहुंची लेकिन पहले क्वार्टर में ग्रेट ब्रिटेन की रक्षा पंक्ति ने उसके हमलों को नाकाम कर दिया. हालांकि टीम ने दूसरे क्वार्टर के चौथे मिनट में सुखजीत सिंह (19वें मिनट) के बेहतरीन गोल से बराबरी हासिल कर ली. सुखजीत ने बाएं छोर से गुरजंत सिंह से मिली गेंद को गोता लगाते हुए गोल-पोस्ट के अंदर पहुंचाया.
पहले क्वार्टर में घरेलू टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा. दोनों टीमें मध्यांतर तक 1-1 से बराबरी पर रहीं. हवा में गेंद प्राप्त करते समय संजय को निक बंदुरक के खिलाफ फाउल करने का दोषी पाए जाने के बाद ब्रिटेन को पेनल्टी स्ट्रोक दिया गया. यह एक कठोर निर्णय की तरह लग रहा था लेकिन भारत ने इसकी समीक्षा नहीं की. गोलकीपर श्रीजेश ने भारत को मुकाबले में बनाए रखने के लिए बेहतरीन बचाव किया और वालेस के शक्तिशाली स्ट्रोक को दाईं ओर गोता लगाकर रोका. इससे पहले शुरुआत में गोल गंवाने के बाद भी श्रीजेश ने शानदार बचाव किया था.
पेनल्टी स्ट्रोक मिलने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने बिना किसी गलती के इंग्लैंड के गोलकीपर को छकाकर गोल किया जिससे मेहमान टीम 36वें मिनट में 2-1 से आगे हो गई. जैक वालर ने हालांकि तुरंत एक बेहतरीन गोल करके ग्रेट ब्रिटेन को बराबरी दिला दी. रोपर ने गेंद को र्सिकल के अंदर वालर के पास भेजा और उन्होंने स्थानापन्न गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक को छका दिया जिनके पास इसे बचाने का कोई मौका नहीं था.
इस बीच बाएं छोर से हार्दिक ने गेंद सुखजीत को पहुंचाई जिन्होंने इसे मनदीप सिंह के पास पहुंचाया जो आसान गोल करने में नाकाम रहे. मनदीप की इस चूक से टीम को नुकसान पहुंचा और एलन फोर्सिथ ने 50वें मिनट में ब्रिटेन के लिए विजयी गोल किया.



