प्रधानमंत्री मोदी की अगले महीने मॉस्को यात्रा की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं रूस और भारत

नयी दिल्ली. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ व्यापक बातचीत करने के लिए जुलाई की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मॉस्को की संक्षिप्त यात्रा की संभावना पर भारत और रूस विचार कर रहे हैं. राजनयिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अगर दौरा होता है तो करीब पांच वर्षों में भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला रूस दौरा होगा. मोदी ने सितंबर 2019 में आर्थिक संगोष्ठी में हिस्सा लेने के लिए रूस के सुदूर पूर्वी शहर व्लादिवोस्तोक का दौरा किया था.

भारत की ओर से मोदी के संभावित दौरे को लेकर किसी प्रकार की कोई पुष्टि नहीं की गयी है. लेकिन क्रेमलिन के एक अधिकारी ने बताया कि मोदी के रूस दौरे को लेकर तैयारियां की जा रही हैं. रूसी राष्ट्रपति के सहायक यूरी उशाकोव ने कहा ”मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि हम भारतीय प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियां कर रहे हैं. हम तरीख नहीं बता सकते हैं क्योंकि इसकी घोषणा सहमति बनने के बाद पक्षकारों द्वारा की जाती है. ” एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ”लेकिन हम जोरशोर से तैयारी कर रहे हैं. मैं एक बार फिर जोर देकर कहना चाहता हूं कि यह दौरा होगा.”

राजनयिक सूत्रों ने बताया कि आठ जुलाई के आसपास भारत के प्रधानमंत्री की एक दिवसीय यात्रा की योजना बनाई जा रही है लेकिन तरीख अबतक तय नहीं है और विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. अगर मोदी रूस जाते हैं तो वह और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तीन वर्षों के अंतराल के बाद भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन करेंगे. भारत के प्रधानमंत्री और रूस के राष्ट्रपति के बीच यह वार्षिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी में उच्च स्तरीय संस्थागत संवाद तंत्र है.

अब तक भारत और रूस के बीच क्रमश: एक दूसरे के देशों में 21 वार्षिक शिखर सम्मेलन हुए हैं. पिछला शिखर सम्मेलन नयी दिल्ली में छह दिसंबर 2021 को आयोजित किया गया था. राष्ट्रपति पुतिन शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आए थे. क्रेमलिन के अधिकारी का रूस द्वारा मोदी के दौरे की तैयारी किए जाने को लेकर बयान ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री ने तीन और चार जुलाई को कजाखिस्तान में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है.
रूस इस साल अक्टूबर में ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और उसे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी भी इसमें शामिल होंगे.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button