
तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को कांग्रेस नीत यूडीएफ सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। विजयन ने पुलिस संघों के एकतरफा पुनर्गठन के जरिए राज्य पुलिस को राजनीतिक नियंत्रण में लाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
क्या केरल पुलिस का मनोबल होगा कमजोर?
विजयन ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई समितियों की जगह तदर्थ समितियां बनाए जाने की खबरों की आलोचना करते हुए कहा कि यह पुलिस संघों की स्वायत्तता में अस्वीकार्य हस्तक्षेप है। माकपा नेता ने आरोप लगाया कि पुनर्गठन के तहत ग्रेड पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों का दर्जा घटाया गया है और एक ही रैंक के कर्मचारियों को अलग-अलग संघों में बांटा गया है। उनके अनुसार, इससे पुलिस बल की एकजुटता और मनोबल कमजोर होगा।
विजयन ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई समितियों की जगह तदर्थ समितियां बनाए जाने की खबरों की आलोचना करते हुए कहा कि यह पुलिस संघों की स्वायत्तता में अस्वीकार्य हस्तक्षेप है। माकपा नेता ने आरोप लगाया कि पुनर्गठन के तहत ग्रेड पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों का दर्जा घटाया गया है और एक ही रैंक के कर्मचारियों को अलग-अलग संघों में बांटा गया है। उनके अनुसार, इससे पुलिस बल की एकजुटता और मनोबल कमजोर होगा।
विजयन ने लगाए क्या आरोप?
विजयन ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस का राजनीतिकरण कर उसे अपने हितों के अधीन काम करने वाला बल बनाना चाहती है। उन्होंने मांग की कि सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करने के बाद इस संबंध में जारी कथित आदेश को तत्काल वापस लिया जाए। विजयन की यह टिप्पणी उन मीडिया रिपोर्टों के बीच आई है, जिनमें कहा गया है कि यूडीएफ सरकार ने मान्यता प्राप्त पुलिस संघों की संख्या तीन से घटाकर दो कर दी है। इसके चलते केरल पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन को भंग किए जाने की भी खबर है।
विजयन ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस का राजनीतिकरण कर उसे अपने हितों के अधीन काम करने वाला बल बनाना चाहती है। उन्होंने मांग की कि सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करने के बाद इस संबंध में जारी कथित आदेश को तत्काल वापस लिया जाए। विजयन की यह टिप्पणी उन मीडिया रिपोर्टों के बीच आई है, जिनमें कहा गया है कि यूडीएफ सरकार ने मान्यता प्राप्त पुलिस संघों की संख्या तीन से घटाकर दो कर दी है। इसके चलते केरल पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन को भंग किए जाने की भी खबर है।



