मुंबई: शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शप) ने बुधवार को इन दावों को ‘बेहद चिंताजनक’ बताया कि दो चुनाव आयुक्तों ने निर्वाचन आयोग के कई ऐसे निर्णयों पर आपत्ति जताई थी जो कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना लिए गए थे। राकांपा (शप) की सांसद सुप्रिया सुले ने संवाददाताओं से कहा, ”यह बहुत ही चिंताजनक है तथा लोकतंत्र के लिए घातक है।” सुले ने कहा, ”सरकार को सभी दलों को भरोसे में लेकर इस मुद्दे पर एक तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।”
पश्चिमी महाराष्ट्र के बारामती निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य ने कहा, ”अगर तंत्र ही ढहने वाला है, तो हम इस देश में किस पर भरोसा करें?” उन्होंने एक खबर का हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया है कि एसआईआर के दौरान 10 महीनों में दो चुनाव आयुक्तों ने निर्वाचन आयोग के कदमों पर 14 बार आपत्ति जताई थी। सुले ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता को ‘खत्म’ कर दिया है।