
चंडीगढ़. कट्टरपंथी उपदेशक और खडूर साहिब लोकसभा सीट से निर्वाचित अमृतपाल सिंह संसद सदस्य के रूप में शपथ नहीं ले सके क्योंकि वह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत असम की जेल में बंद हैं. पंजाब से निर्वाचित 12 अन्य सांसदों को मंगलवार को संसद में शपथ दिलाई गई. पंजाब में 13 लोकसभा क्षेत्र हैं.
संसद में कांग्रेस नेता गुरजीत सिंह औजला के शपथ लेने के बाद सिंह का नाम पुकारा गया, लेकिन वह उपस्थित नहीं थे. इसी तरह, बारामूला लोकसभा सीट से निर्वाचित इंजीनियर राशिद सोमवार को सांसद के रूप में शपथ नहीं ले सके क्योंकि वह गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज एक मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं. उनके वकील के अनुसार, सिंह ने 11 जून को पंजाब सरकार को पत्र लिखकर सांसद के रूप में शपथ लेने के लिए हिरासत से अस्थायी रिहाई की मांग की थी.
कट्टरपंथी उपदेशक के पिता तरसेम सिंह ने कहा कि पत्र को लेकर परिवार को सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख सिंह वर्तमान में रासुका के तहत अपने नौ सहयोगियों के साथ असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं.
सिंह ने लोकसभा चुनाव निर्दलीय लड़ा था और उन्हें 4,04,430 वोट मिले थे. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा को 1,97,120 वोटों के अंतर से हराया.
सिंह को एक महीने से अधिक लंबी तलाशी के बाद पिछले साल 23 अप्रैल को पंजाब के मोगा के रोडे गांव में गिरफ्तार किया गया था.
खालिस्तान समर्थक सिंह 18 मार्च को जालंधर जिले में वाहन और हुलिया बदलकर पुलिस की गिरफ्त से भाग गये थे.



